फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले पर भड़के नेतन्याहू: 'जिसने भी पायलट को भेजा उसे चुकानी होगी भारी कीमत'
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 के कॉकपिट में घटी खौफनाक घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। फ्लाइट में को-पायलट द्वारा भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से किए गए जानलेवा हमले और विमान को क्रैश कराने की नाकाम कोशिश को लेकर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है।
नेतन्याहू ने एक आधिकारिक वीडियो बयान जारी करते हुए सीधी चेतावनी दी कि हमलावर को जिस किसी भी शक्ति, संगठन या विदेशी मुल्क ने भेजा है, उसे इसकी बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि समय बीतने के साथ जांच की तस्वीर पूरी तरह साफ होती जा रही है। जांच एजेंसियों के शुरुआती निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि को-पायलट कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा के प्रभाव में था और उसका स्पष्ट मकसद सैकड़ों यात्रियों से भरे इस विमान को जमीन पर गिराकर 11 सितंबर (9/11) जैसी भीषण तबाही मचाना था।
कॉकपिट में क्या हुआ था: भारतीय कैप्टन और इजरायली यात्रियों ने टाली बड़ी तबाही
यह सनसनीखेज घटना 30 सितंबर को उस समय हुई जब फ्लाईदुबई का बोइंग विमान हवा में उड़ रहा था। अचानक को-पायलट (ओमानी नागरिक हमाम अल-हमामी) ने कॉकपिट के भीतर मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया। इस अप्रत्याशित हमले और हाथापाई के बीच विमान का नियंत्रण अनियंत्रित होकर महज कुछ ही सेकंडों में करीब 14 हजार फीट नीचे गिर गया।
गंभीर रूप से लहूलुहान होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने जान की बाजी लगाकर ऑटोपायलट और विमान के मुख्य नियंत्रण को पूरी तरह हाथ से नहीं जाने दिया। उसी दौरान केबिन में मौजूद बहादुर इजरायली यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत कॉकपिट का दरवाजा तोड़कर हमलावर को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपातकालीन सुरक्षित लैंडिंग कराई गई, जहां सऊदी सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
ईरान के कनेक्शन की गहन पड़ताल: मोसाद और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां अलर्ट
इजरायली प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साफ किया कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और अन्य अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियां इस बात की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस घटना के तार ईरान या किसी अन्य जिहादी नेटवर्क से जुड़े हैं। हालांकि नेतन्याहू ने यह भी जोड़ा कि जांच के अंतिम नतीजे पर पहुंचने में कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी, लेकिन यदि यह साबित हुआ कि यह किसी बाहरी साजिश का हिस्सा था, तो इजरायल बिना किसी रियायत के जवाबी कार्रवाई करेगा।
दूसरी तरफ, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार अनवर गर्गश ने भी इस घटना को एक कायरतापूर्ण 'आतंकवादी कृत्य' करार दिया है और संभावित बड़े हादसे को टालने के लिए भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस की सराहना की है। अमेरिकी राजनीतिक हलकों और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस हमले के पीछे तेहरान के अप्रत्यक्ष हाथ होने की आशंका जताई थी, जिसके बाद से पूरे मध्य पूर्व में तनाव और गहरा गया है।
मिडिल ईस्ट में नए युद्ध का साया: इजरायल के कड़े तेवर से वैश्विक हलचल
नेतन्याहू के इस बयान ने संकेत दिया है कि तेल अवीव इस घटना को एक सामान्य एविएशन अपराध नहीं बल्कि सीधे तौर पर अपने नागरिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर आतंकी हमले के रूप में देख रहा है। बेन-गुरियन एयरपोर्ट पर उन यात्रियों से गले मिलकर नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे इन बहादुरों को नमन करते हैं जिन्होंने सैकड़ों जिंदगियां बचाईं।
अंतरराष्ट्रीय रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि पहले से ही ईरान और उसके समर्थित समूहों के साथ जारी टकराव के बीच नेतन्याहू की यह खुली चेतावनी मध्य पूर्व में संघर्ष की एक नई चिंगारी भड़का सकती है। सऊदी अरब में चल रही कानूनी पूछताछ और विमान के ब्लैक बॉक्स डेटा के विश्लेषण के बाद जैसे ही अंतिम रिपोर्ट सामने आएगी, इजरायल के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी होंगी।