समंदर में उठीं 40 फीट ऊंची लहरें और 215 की रफ्तार से तूफानी हवाएं, तेजी से आगे बढ़ रहा 'सुपर टाइफून चांपी'; कई देशों में अलर्ट

समंदर में उठीं 40 फीट ऊंची लहरें और 215 की रफ्तार से तूफानी हवाएं, तेजी से आगे बढ़ रहा 'सुपर टाइफून चांपी'; कई देशों में अलर्ट

पश्चिमी प्रशांत महासागर के गर्म पानी से ऊर्जा लेकर चक्रवाती तूफान 'चांपी' (Typhoon Champi) ने एक अत्यंत उग्र और भीषण सुपर टाइफून का रूप धारण कर लिया है। मौसम निगरानी केंद्रों और अंतरराष्ट्रीय वेदर एजेंसियों के अनुसार, समंदर के भीतर 20 से लेकर 40 फीट से अधिक ऊंची विनाशकारी लहरें उठ रही हैं, जबकि तूफान के केंद्र में 213 से 215 किलोमीटर प्रति घंटे की निरंतर रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। झोंकों में हवा की यह गति 290 से 300 किमी प्रति घंटे के पार दर्ज की गई है। फिलीपीन सागर से आगे बढ़ता हुआ यह शक्तिशाली बवंडर अब सीधे ताइवान के पूर्वी समुद्री क्षेत्र और दक्षिणी जापान के रयुक्यु व साकिशिमा द्वीपों की ओर रुख कर रहा है, जिसने पूरे पूर्वी एशियाई समुद्री क्षेत्र में भारी हलचल और दहशत पैदा कर दी है।

सुपर टाइफून का रौद्र रूप: क्यों बेहद घातक माना जा रहा है चांपी?

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, समुद्र की सतह का असामान्य रूप से उच्च तापमान (30 डिग्री सेल्सियस के करीब) और वातावरण में ऊपरी हवाओं के कम दबाव (Low Wind Shear) ने तूफान चांपी को रिकॉर्ड समय में ताकतवर बनाने का काम किया है। तूफान के केंद्र में वायुमंडलीय दबाव गिरकर 900 से 946 मिलीबार तक पहुंच गया है, जो बेहद हिंसक मौसमी उथल-पुथल का संकेत है। यह विशालकाय तूफान अपने साथ मूसलाधार बारिश के बादल, भयंकर आंधी और विनाशकारी समुद्री ज्वार (Storm Surge) लेकर आगे बढ़ रहा है। समुद्र में उठ रही 40 फीट तक की भीमकाय लहरों के कारण नौवहन मार्ग पूरी तरह असुरक्षित हो चुके हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और कार्गो शिप्स को अपना रास्ता बदलने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।

ताइवान और जापान में हाई अलर्ट: उड़ानें रद्द और फेरियां रोकी गईं

तूफान के संभावित ट्रैक को देखते हुए ताइवान और जापान के मौसम विज्ञान विभागों (JMA) ने व्यापक तटीय चेतावनी और लैंड वार्निंग जारी कर दी है। ताइवान के पर्वतीय और तटीय इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Floods) और भूस्खलन (Landslides) के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने 125 से अधिक घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं और द्वीपों को जोड़ने वाली तटीय नौका सेवाओं (Ferries) को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। वहीं, जापान के ओकिनावा और मियाकोजिमा द्वीपों पर आपातकालीन राहत दलों को तैनात कर दिया गया है। निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित आश्रय स्थलों पर जाने और घरों की खिड़कियों को सील करने की सलाह दी गई है।

मछुआरों को गहरे समंदर से दूर रहने की सख्त हिदायत

तटरक्षक बलों और समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने सभी मछुआरों और स्थानीय नाव चालकों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी परिस्थिति में गहरे समुद्र में न जाएं और जो नावें पहले से पानी में हैं, उन्हें तुरंत नजदीकी बंदरगाहों पर सुरक्षित बांध दिया जाए। समंदर में उठने वाली 20 से 40 फीट ऊंची लहरें किसी भी मध्यम आकार के जहाज या ट्रॉलर को पलटने में सक्षम हैं। बंदरगाहों पर कंटेनर क्रेन और लोडिंग ऑपरेशंस को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है, ताकि तेज तूफानी झोंकों से बुनियादी ढांचे को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।

अगले 48 घंटों में कैसा रहेगा तूफान का मिजाज?

सैटेलाइट ट्रैकिंग और कंप्यूटर मॉडल अनुमानों के अनुसार, सुपर टाइफून चांपी अगले 24 से 48 घंटों तक उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता रहेगा और फिर पूर्वी चीन सागर की ओर मुड़ सकता है। हालांकि ठंडे समुद्री पानी के संपर्क में आने के बाद इसकी तीव्रता में धीरे-धीरे मामूली गिरावट आने की संभावना है, लेकिन तटों के करीब से गुजरते समय इसकी आंधी और मूसलाधार बारिश जान-माल के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। मौसम एजेंसियां चौबीसों घंटे रडार और सैटेलाइट से तूफान के हर मूवमेंट पर नजर रखे हुए हैं, ताकि तटीय आबादी को समय रहते हर जरूरी बचाव सहायता पहुंचाई जा सके।