एक साथ 16 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी, बचाने के लिए भेजने पड़े फाइटर जेट्स
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई यात्रा के इतिहास में एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला और सांसें थमा देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने देश-विदेश की सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नींद उड़ा दी है। विभिन्न प्रमुख एयरलाइंस के कुल 16 उड़ानों को एक साथ बम से उड़ाने की बेहद भयावह और सनसनीखेज धमकी दी गई है। जैसे ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को इन धमकियों की जानकारी मिली, पूरे एविएशन सेक्टर में हड़कंप मच गया और तुरंत इमरजेंसी घोषित कर दी गई। इन 16 उड़ानों में हजारों की संख्या में यात्री और क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनकी जिंदगी पर अचानक से बहुत बड़ा खतरा मंडराने लगा। सूचना मिलते ही सुरक्षा बलों, बम निरोधक दस्तों (Bomb Disposal Squads) और हवाई अड्डा प्राधिकरणों को उच्चतम अलर्ट मोड पर डाल दिया गया। इस खौफनाक कॉल के बाद हवाई अड्डों से लेकर आसमान तक केवल अफरा-तफरी और मुस्तैदी का मंजर देखने को मिला।
यात्रियों की जान बचाने के लिए हवा में भेजने पड़े फाइटर जेट्स, आसमान में दिखा सांस रोके देने वाला दृश्य
स्थिति की गंभीरता और किसी भी संभावित आतंकवादी या बड़े हवाई हादसे को टालने के लिए वायु सेना को तत्काल एक्शन में लाया गया। खतरे की आशंका को देखते हुए मित्र राष्ट्रों और भारतीय वायु सेना के आधुनिक फाइटर जेट्स को तत्काल आपातकालीन एस्कॉर्ट (Emergency Escorts) के रूप में आसमान में रवाना करना पड़ा। इन लड़ाकू विमानों ने हवा में ही संदिग्ध उड़ानों को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया और उन्हें सुरक्षित दूरी पर उड़ते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया। यह दृश्य ऐसा था जिसे देखकर यात्रियों और जमीन पर मौजूद अधिकारियों की सांसें अटक गईं। फाइटर जेट्स की मौजूदगी ने यह सुनिश्चित किया कि यदि किसी विमान के साथ कोई अप्रिय घटना या अपहरण जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो हवा में ही तुरंत त्वरित कदम उठाए जा सकें। लड़ाकू विमानों के कड़े पहरे के बीच इन सभी विमानों को नजदीकी सुरक्षित हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया।
विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डों पर कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग, गहन जांच जारी
धमकी मिलते ही जिन-जिन उड़ानों के रूट में जो भी प्रमुख हवाई अड्डे आ रहे थे, वहां आपातकालीन लैंडिंग (Emergency Landing) की तैयारियां पूरी कर ली गईं। रनवे पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, एम्बुलेंस और विशेष सुरक्षा दस्तों को अलर्ट पर खड़ा कर दिया गया। एक-एक करके विमानों को सुरक्षित रनवे पर उतारा गया और यात्रियों को तुरंत बाहर निकालकर आइसोलेशन बे (Isolation Bay) में ले जाया गया। इसके बाद बम निरोधक दस्ते और स्निफर डॉग्स की मदद से पूरे विमान, यात्रियों के लगेज और कार्गो होल्ड की गहन तलाशी ली गई। घंटों चली इस गहन तलाशी अभियान के बाद अधिकारियों और यात्रियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, प्राथमिक जांच में किसी भी विमान के भीतर से कोई संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह एविएशन सेक्टर को ठप करने की नीयत से रची गई एक बहुत बड़ी और शातिर साइबर साजिश या हॉक्स कॉल (Hoax Call) हो सकती है।
साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट: धमकी देने वाले मास्टरमाइंड की तलाश में इंटरनेशनल इनवेस्टिगेशन
एक साथ 16 उड़ानों को निशाना बनाकर दी गई इस धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक नई और गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। खुफिया एजेंसियों, साइबर क्राइम सेल और अंतरराष्ट्रीय पुलिस निकायों (Interpol) ने इस फर्जी कॉल या ईमेल के मूल स्रोत (IP Address) को ट्रैक करना शुरू कर दिया है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि डार्क वेब (Dark Web) या वीपीएन (VPN) का इस्तेमाल करके किसी अज्ञात स्थान से उड्डयन प्रणाली को पंगु बनाने और भय का माहौल पैदा करने के लिए यह हरकत की गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है और स्पष्ट किया है कि एयरलाइन सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी शरारती तत्व या आतंकी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हवाई अड्डों और उड़ानों की सुरक्षा जांच के मानकों को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।
निष्कर्ष: सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा, जांच के घेरे में अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क
संक्षेप में कहें तो 16 उड़ानों को एक साथ मिली बम की इस खौफनाक धमकी ने भले ही कुछ घंटों के लिए पूरी दुनिया के हवाई यातायात में डर का माहौल पैदा कर दिया हो, लेकिन वायु सेना के फाइटर जेट्स और सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई ने हजारों यात्रियों की जान सुरक्षित कर ली। अब पूरा ध्यान इस साजिश के पीछे छिपे मास्टरमाइंड को बेनकाब करने और उसे कानून के कटघरे में खड़ा करने पर केंद्रित है।