व्हाइट हाउस में ट्रंप ने सुंदर पिचाई को कहा 'मॉन्स्टर': हैरान रह गए गूगल CEO, फिर हाजिरजवाबी से लूट ली महफिल

व्हाइट हाउस में ट्रंप ने सुंदर पिचाई को कहा 'मॉन्स्टर': हैरान रह गए गूगल CEO, फिर हाजिरजवाबी से लूट ली महफिल

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी अनूठी बयानबाजी एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। इस बार उनका यह अनोखा अंदाज किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पर नहीं, बल्कि भारतीय मूल के दिग्गज कारोबारी और अल्फाबेट व गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) सुंदर पिचाई पर देखने को मिला। वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल टेक बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक मंच पर सुंदर पिचाई को 'मॉन्स्टर' (राक्षस या दैत्य) कहकर संबोधित कर दिया।

ट्रंप के मुंह से यह शब्द सुनते ही वहां खड़े सिलिकॉन वैली के शीर्ष अरबपति, पत्रकार और खुद सुंदर पिचाई एक पल के लिए हक्के-बक्के रह गए। हालांकि, भारतीय मूल के शांत स्वभाव वाले गूगल सीईओ ने स्थिति को बेहद शालीनता और हाजिरजवाबी से संभाला। उन्होंने ऐसा त्वरित और चुटीला जवाब दिया कि वहां मौजूद सभी लोग और खुद ट्रंप भी ठहाके लगाने पर मजबूर हो गए। यह वीडियो अब इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है।

'सुंदर कुछ बोलना चाहते हो?' कहकर खुद ही बीच में बोल पड़े ट्रंप

यह पूरा वाकया तब घटा जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सुरक्षा, नए कार्यकारी आदेशों और तकनीकी जिम्मेदारियों को लेकर टेक कंपनियों के प्रमुखों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। इस बैठक में मेटा के मार्क जुकरबर्ग और एनवीडिया के जेनसन हुआंग सहित दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनियों के प्रमुख मौजूद थे। बैठक के बाद जब सभी दिग्गज व्हाइट हाउस के बाहर मीडिया को संबोधित करने आए, तो ट्रंप ने सुंदर पिचाई की तरफ रुख किया।

ट्रंप ने माइक की तरफ इशारा करते हुए पूछा, "सुंदर, तुम कुछ कहना चाहते हो?" जैसे ही पिचाई ने आगे बढ़कर बोलना शुरू किया और कहा, "सबसे पहले, धन्यवाद...", तभी ट्रंप ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। इसके बाद ट्रंप ने अपनी परिचित मजाकिया और आक्रामक शैली में पिचाई का परिचय देते हुए कहा:

"यह आदमी एक मॉन्स्टर (राक्षस) है, और इसे कोई नहीं जानता। क्या शानदार जिंदगी है! एक मॉन्स्टर होना और इस सब (राजनीतिक झंझटों) से न गुजरना। आपको बस इतना जानना है — सुंदर! सुंदर इनका नाम है।"

ट्रंप का यह लहजा पश्चिमी कॉर्पोरेट स्लैंग में किसी ऐसे व्यक्ति की भारी ताकत और उसके शांत रसूख को रेखांकित करने का एक तरीका माना जाता है, जो पर्दे के पीछे रहकर दुनिया के सबसे बड़े टेक साम्राज्य का संचालन करता है।

सुंदर पिचाई की हाजिरजवाबी: 'उम्मीद है यह मेरी नई टैगलाइन नहीं बनेगी'

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'मॉन्स्टर' कहे जाने पर सुंदर पिचाई ने न तो कोई नाराजगी जताई और न ही असहज हुए। उन्होंने ट्रंप के इस बैकहैंडेड कॉम्प्लिमेंट (अजीबोगरीब तारीफ) को बेहद हल्के-फुल्के अंदाज में लिया। पिचाई ने मुस्कुराते हुए मीडिया के कैमरों के सामने तुरंत पलटवार किया और कहा:

"उम्मीद है कि 'आई एम अ मॉन्स्टर' से बेहतर कोई टैगलाइन मुझे मिलेगी!"

पिचाई की इस त्वरित और मजेदार टिप्पणी को सुनकर वहां खड़े एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग और बाकी टेक लीडर्स अपनी हंसी नहीं रोक सके। पिचाई का यह जवाब यह दिखाने के लिए काफी था कि वैश्विक तकनीकी दबाव और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बीच भी वे कितने शांतचित्त और हाजिरजवाब बने रहते हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस: तारीफ थी या चुटकी?

व्हाइट हाउस के बाहर हुई इस नोकझोंक का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर नेटिजन्स और टेक विश्लेषकों के बीच तीखी और मनोरंजक बहस छिड़ गई। कई यूजर्स ने लिखा कि अमेरिकी संस्कृति में 'मॉन्स्टर' शब्द का इस्तेमाल खेल या बिजनेस में किसी ऐसे व्यक्ति के लिए भी किया जाता है जो अपने काम में अत्यधिक माहिर और विशाल क्षमता वाला हो।

वहीं, कुछ भारतीय और एशियाई यूजर्स ने इस पर चुटकी लेते हुए लिखा कि भारत में जहां 'सुंदर' नाम का अर्थ खूबसूरती और सौम्यता से जुड़ा है, वहीं ट्रंप ने उन्हें सीधे 'राक्षस' की उपाधि दे डाली। कई लोगों ने यह भी रेखांकित किया कि ट्रंप अक्सर सिलिकॉन वैली के सीईओ पर अपना राजनीतिक दबदबा दिखाने के लिए इस तरह के अनूठे शब्दों का चयन करते हैं।

एआई और 'सुपर इंटेलिजेंस' पर हुई थी अहम बैठक

इस हंसी-मजाक के पीछे का मुख्य एजेंडा बेहद गंभीर था। ट्रंप प्रशासन ने टेक कंपनियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास, सुरक्षा मानकों और हाल ही में जारी किए गए नए सरकारी आदेशों पर सहमति बनाने के लिए यह बैठक बुलाई थी। इस बैठक में गूगल, मेटा, ओपनएआई और एनवीडिया जैसी कंपनियों ने एआई सिस्टम्स की आंतरिक निगरानी और सुरक्षा मानकों की समीक्षा के लिए एक स्वैच्छिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

ट्रंप प्रशासन अब तकनीकी नीतियों में 'एआई' के स्थान पर 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्दावली को प्राथमिकता दे रहा है। इस गंभीर नीतिगत मंथन के बीच ट्रंप और सुंदर पिचाई की यह अनौपचारिक बातचीत दिन की सबसे बड़ी और बहुचर्चित हेडलाइन बन गई।