₹700 का शेयर ₹1160 पर लिस्ट, निवेशकों को प्रति लॉट ₹9660 का बंपर मुनाफा
दलाल स्ट्रीट पर शुक्रवार की सुबह एक बार फिर आईपीओ निवेशकों के लिए खुशियों की बड़ी सौगात लेकर आई जब भारत के तेजी से उभरते डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की अग्रणी कंपनी 'टोनबो इमेजिंग इंडिया' (Tonbo Imaging India) के शेयरों ने स्टॉक मार्केट में शानदार और जोरदार शुरुआत दर्ज की। 23 अक्टूबर 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग ने बाजार विशेषज्ञों और खुदरा निवेशकों की उम्मीदों को भी पीछे छोड़ दिया। कंपनी के शेयर एनएसई पर ₹1,160 के स्तर पर खुले, जो इसके ₹700 के अपर प्राइस बैंड से सीधे 65.71 प्रतिशत का भारी-भरकम लिस्टिंग प्रीमियम दर्शाता है। वहीं बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई पर यह शेयर ₹1,162 के स्तर पर लिस्ट हुआ, जिसने अलॉटमेंट पाने वाले निवेशकों को पहले ही मिनट में लगभग 66 प्रतिशत का अप्रत्याशित लिस्टिंग गेन थमा दिया। रक्षा क्षेत्र में मेक-इन-इंडिया विजन, हाई-टेक स्वदेशी हथियारों की बढ़ती मांग और आधुनिक युद्ध प्रणालियों में कंपनी की तकनीकी दक्षता के चलते यह लिस्टिंग चालू वित्त वर्ष की सबसे सफल और बहुचर्चित लिस्टिंग्स में शुमार हो गई है।
₹14,700 लगाने वालों की खुली किस्मत: लिस्टिंग होते ही प्रति लॉट मिला ₹9,660 का शानदार रिटर्न
टोनबो इमेजिंग इंडिया के पब्लिक इश्यू में बोली लगाने वाले खुदरा निवेशकों के गणित पर नजर डालें तो इस लिस्टिंग ने उनके निवेश को एक ही झटके में नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। कंपनी ने अपने आईपीओ के तहत प्रति लॉट न्यूनतम 21 शेयरों का आकार निर्धारित किया था। इश्यू के अपर प्राइस बैंड ₹700 प्रति शेयर के आधार पर एक लॉट के लिए आवेदन करने वाले प्रत्येक खुदरा निवेशक को न्यूनतम ₹14,700 की पूंजी लगानी पड़ी थी। जब शुक्रवार को एनएसई पर शेयर ₹1,160 के भाव पर खुला, तो उस 21 शेयरों के एक लॉट का कुल बाजार मूल्य सीधे बढ़कर ₹24,360 पर पहुंच गया। इसका सीधा अर्थ यह निकला कि जिन भाग्यशाली निवेशकों को प्राथमिक बाजार में शेयर अलॉट हुए थे, उन्हें लिस्टिंग के साथ ही प्रति लॉट ₹9,660 का शुद्ध लिस्टिंग गेन प्राप्त हुआ। बाजार के जानकारों का कहना है कि लिस्टिंग के पहले ही दिन 65.71 प्रतिशत का रिटर्न मिलना किसी जैकपॉट से कम नहीं है, हालांकि वास्तविक मुनाफा निवेशकों द्वारा शेयर बेचने के सटीक समय और लागू ब्रोकरेज व टैक्स शुल्कों पर निर्भर करता है।
135 गुना से ज्यादा हुआ था ओवरसब्सक्राइब: QIB और NII ने की थी रिकॉर्डतोड़ बोली
इस ऐतिहासिक और ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग की ठोस जमीन आईपीओ के बोली के दिनों में ही तैयार हो गई थी। टोनबो इमेजिंग इंडिया का कुल ₹852.18 करोड़ का यह इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग 15 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026 के बीच सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। बोली के तीनों दिनों के दौरान घरेलू संस्थागत खरीदारों से लेकर विदेशी फंड्स और आम खुदरा निवेशकों ने कंपनी के भविष्य पर अटूट भरोसा जताया, जिसके परिणामस्वरूप यह इश्यू कुल मिलाकर रिकॉर्ड 135.90 गुना सब्सक्राइब होकर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) श्रेणी में सबसे ज्यादा आक्रामकता देखी गई और उनका कोटा आश्चर्यजनक रूप से 293.56 गुना भरा। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) यानी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स का हिस्सा 170.94 गुना सब्सक्राइब हुआ। आम खुदरा निवेशकों (रिटेल कैटेगरी) ने भी अपने कोटे को 31.07 गुना भरकर कंपनी के बिजनेस मॉडल और तकनीक पर अपनी मजबूत मुहर लगाई थी।
थर्मल इमेजिंग से मिसाइल सीकर्स तक: जानें क्या काम करती है डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स की यह दिग्गज कंपनी
टोनबो इमेजिंग इंडिया भारत के रणनीतिक डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरोस्पेस सेक्टर की एक बेहद उन्नत और अनुसंधान-आधारित (R&D) कंपनी है। यह आधुनिक युद्धक्षेत्र, सीमा निगरानी, टोही अभियानों, सटीक टारगेटिंग और स्वायत्त हथियार नियंत्रण प्रणालियों के लिए अगली पीढ़ी के सेंसिंग, इमेजिंग, डेटा प्रोसेसिंग, वायरलेस कम्युनिकेशन और मिसाइल गाइडेंस सिस्टम को इन-हाउस डिजाइन और विकसित करती है। कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में इन्फ्रारेड थर्मल इमेजिंग कैमरा सिस्टम, दिन और रात में काम करने वाली वेपन साइट्स, आधुनिक एंटी-टैंक और एयर डिफेंस मिसाइलों के लिए मिसाइल सीकर्स, एडवांस फायर कंट्रोल सिस्टम (FCS) और प्रिसिजन मिसाइल गाइडेंस यूनिट्स शामिल हैं। ये अत्याधुनिक उत्पाद न केवल भारतीय सशस्त्र बलों की अग्रिम सीमाओं पर निगरानी और मारक क्षमता को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजारों में भी मित्र देशों को निर्यात किए जा रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की सैन्य-तकनीकी साख लगातार बढ़ रही है।