Asian Para Games 2026: मोना अग्रवाल ने रचा इतिहास, वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ जीता दूसरा गोल्ड
जापान के आइची-नागोया में आयोजित हो रहे पैरा एशियाई खेल 2026 (Asian Para Games 2026) से भारत के लिए बहुत बड़ी और गौरवशाली खबर सामने आई है। भारत की स्टार पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने शूटिंग रेंज में अपनी अचूक निशानेबाजी का ऐसा अद्भुत प्रदर्शन किया जिसने दुनिया भर के खेल प्रेमियों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। शुक्रवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा में मोना अग्रवाल ने न केवल सोने पर सटीक निशाना साधते हुए गोल्ड मेडल जीता, बल्कि इस स्पर्धा में नया वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित करके खेल इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। इन खेलों में मोना का यह लगातार दूसरा स्वर्ण पदक है, जिसने प्रतियोगिता में भारतीय तिरंगे की शान को बुलंदियों पर पहुंचा दिया है। हालांकि इसी इवेंट में देश की दिग्गज पैरालंपिक चैंपियन अवनि लेखरा बेहद कड़े मुकाबले में चौथे स्थान पर रहकर मेडल से चूक गईं, जिससे भारतीय खेल प्रेमियों को थोड़ी निराशा भी हाथ लगी।
357.5 के स्कोर के साथ बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड: चीनी शूटर सुईपिंग झांग को 3.8 अंकों से पछाड़ा
50 मीटर राइफल 3 पोजीशन स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में मोना अग्रवाल शुरुआत से ही गजब के आत्मविश्वास और एकाग्रता के साथ खेलती नजर आईं। नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग तीनों पोजीशनों में उन्होंने बेहद सटीक शॉट्स लगाए और कुल 357.5 अंकों का विश्व रिकॉर्ड स्कोर खड़ा कर दिया। इस ऐतिहासिक स्कोर के सामने दुनिया की दिग्गज निशानेबाज पस्त नजर आईं। स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली चीन की ताकतवर शूटर सुईपिंग झांग भी भारतीय खिलाड़ी की रफ्तार का मुकाबला नहीं कर सकीं और मोना से 3.8 अंक पीछे रहकर दूसरे स्थान पर रहीं। मोना की इस प्रचंड बढ़त ने मुकाबला पूरी तरह एकतरफा बना दिया। इससे पहले इसी प्रतियोगिता के शुरुआती दिनों में मोना अग्रवाल ने 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 (SH1) इवेंट में भी अपनी अचूक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में पहला गोल्ड मेडल डाला था। एक ही संस्करण में दोहरे स्वर्ण पदक और एक वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ मोना पैरा एशियाई खेलों की सबसे सफल भारतीय एथलीटों में शुमार हो गई हैं।
पैरालंपिक स्टार अवनि लेखरा मेडल से चूकीं: प्रोन में शीर्ष दो में रहकर स्टैंडिंग सीरीज में फिसलीं
दूसरी ओर, इस बहुचर्चित इवेंट में भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीद मानी जा रही दो बार की पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा का सफर दिल तोड़ने वाले मोड़ पर समाप्त हुआ। अवनि ने फाइनल मुकाबले की शुरुआत बहुत सकारात्मक की थी और नीलिंग व प्रोन पोजीशन के शुरुआती राउंड्स के बाद वे शीर्ष दो स्थानों में लगातार बनी हुई थीं। ऐसा लग रहा था कि भारत इस स्पर्धा में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदकों पर एक साथ कब्जा जमाएगा। लेकिन अंतिम और सबसे कठिन स्टैंडिंग सीरीज के दौरान अवनि की लय थोड़ी लड़खड़ा गई। कुछ करीबी शॉट्स के मामूली अंतर से पिछड़ने के चलते वे चौथे स्थान पर खिसक गईं और पोडियम फिनिश हासिल करने से बाल-बाल चूक गईं। उल्लेखनीय है कि अवनि ने इससे पहले 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए रजत पदक अपने नाम किया था, लेकिन 50 मीटर 3 पोजीशन के इस रोमांचक फाइनल में मामूली अंतर से पदक हाथ से निकल गया।
पैरा तीरंदाजी में रोमांचक शूट-ऑफ में फिसला मेडल: हरविंदर-भावना की जोड़ी ईरान से 4-5 से हारी
निशानेबाजी के अलावा तीरंदाजी (आर्चरी) के मैदान से भी भारतीय दल के लिए बेहद करीबी और सांसें थाम देने वाले मुकाबले का परिणाम सामने आया। पैरा रिकर्व मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य पदक के मुकाबले में उतरी भारत की स्टार जोड़ी हरविंदर सिंह और भावना चौधरी बेहद कड़े संघर्ष के बाद हार गई। कांस्य पदक के इस प्ले-ऑफ मैच में भारतीय तीरंदाजों की टक्कर ईरान की मजबूत जोड़ी से थी। पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के बीच एक-एक तीर और एक-एक अंक के लिए कांटे की टक्कर देखने को मिली। निर्धारित सेटों के बाद मुकाबला बराबरी पर छूटा, जिसके बाद फैसला बेहद रोमांचक शूट-ऑफ के जरिए हुआ। अंतिम पलों में ईरान की टीम ने तंत्रिका तंत्र पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और भारतीय जोड़ी को 4-5 के बेहद करीबी अंतर से पराजित कर कांस्य पदक अपने नाम कर लिया। भारतीय टीम जीत के इतने नजदीक पहुंचकर भी खाली हाथ रह गई, जिससे मैदान पर मौजूद भारतीय खिलाड़ी और कोच बेहद भावुक नजर आए।