Axis Bank को Q2 में हुआ ₹7,003 करोड़ का बंपर नेट प्रॉफिट, 38% उछला मुनाफा
देश के निजी बैंकिंग क्षेत्र में दिग्गज स्थान रखने वाले एक्सिस बैंक (Axis Bank) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (Q2) के अपने वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं। बैंक द्वारा शनिवार को घोषित किए गए तिमाही नतीजों में जबरदस्त वित्तीय मजबूती देखने को मिली है। बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर करीब 38 प्रतिशत बढ़कर ₹7,003 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि ठीक एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹5,089 करोड़ दर्ज किया गया था। मुनाफे में आई इस तेज छलांग की सबसे बड़ी वजह बैंक के फंसे कर्जों के प्रावधानों (Provisions) में 50 फीसदी से अधिक की तेज गिरावट और मुख्य ब्याज आय (Net Interest Income) में हुई स्थिर दोहरे अंकों की बढ़ोतरी रही है। शनिवार को नतीजे आने के बाद अब दलाल स्ट्रीट पर नए कारोबारी हफ्ते की शुरुआत यानी सोमवार को शेयर बाजार खुलने पर निवेशकों और ब्रोकरेज फर्म्स की पैनी नजरें एक्सिस बैंक के शेयरों पर टिकी रहेंगी।
प्रोविजंस में 52% की भारी कमी और ब्याज आय ने बढ़ाई बैंक की चमक
वित्तीय नतीजों के विस्तृत विश्लेषण से साफ होता है कि एक्सिस बैंक की लाभप्रदता को सबसे बड़ा सहारा डूबे कर्जों के लिए रखी जाने वाली रकम में आई कमी से मिला है। समीक्षाधीन तिमाही में बैंक के प्रोविजंस और आकस्मिक खर्चे 52.2 प्रतिशत घटकर मात्र ₹1,693 करोड़ रह गए, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में ₹3,547 करोड़ के स्तर पर थे। इस भारी बचत ने बैंक के बॉटमलाइन यानी नेट प्रॉफिट को सीधा विस्तार दिया। वहीं, अगर बैंक के कोर लेंडिंग ऑपरेशंस की बात करें तो शुद्ध ब्याज आय (NII) 11.8 प्रतिशत (सालाना आधार पर) बढ़कर ₹15,371 करोड़ पर पहुंच गई, जो बीते साल की इसी तिमाही में ₹13,745 करोड़ रही थी। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर भी एनआईआई में 4.9 प्रतिशत का सकारात्मक सुधार देखा गया है। हालांकि, ब्याज व्यय में 22 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले ब्याज आय में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बावजूद बैंक अपने लेंडिंग मार्जिन को संतुलित दायरे में बनाए रखने में कामयाब रहा।
एसेट क्वालिटी में ऐतिहासिक सुधार: ग्रॉस एनपीए घटकर 1.16% पर आया
बैंकों के वित्तीय स्वास्थ्य की सबसे मजबूत कसौटी उनकी परिसंपत्ति गुणवत्ता (Asset Quality) होती है, और इस मोर्चे पर एक्सिस बैंक ने शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। दूसरी तिमाही के दौरान बैंक का सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात (Gross NPA) सुधरकर 1.16 प्रतिशत पर आ गया, जो एक साल पहले 1.46 प्रतिशत और पिछली तिमाही में 1.28 प्रतिशत पर था। इसी प्रकार शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात (Net NPA) भी घटकर मात्र 0.35 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में 0.44 प्रतिशत और पिछली तिमाही में 0.39 प्रतिशत दर्ज था। फंसे हुए कर्जों में यह निरंतर गिरावट और बैड लोन्स की बेहतर रिकवरी यह साबित करती है कि बैंक का अंडरराइटिंग मॉडल और रिस्क मैनेजमेंट फ्रेमवर्क काफी सुदृढ़ हुआ है, जिसने बाजार विश्लेषकों का भरोसा और मजबूत कर दिया है।
लोन बुक में 23% की तेज बढ़त: रिटेल, एसएमई और कॉर्पोरेट में चौतरफा विस्तार
एक्सिस बैंक के क्रेडिट पोर्टफोलियो यानी लोन बुक में सभी श्रेणियों में संतुलित और मजबूत विकास देखने को मिला है। बैंक के कुल सकल अग्रिम (Gross Advances) सालाना आधार पर 22.7 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 8.8 प्रतिशत उछलकर ₹1.38 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गए। बैंक की लोन ग्रोथ केवल किसी एक क्षेत्र पर निर्भर न रहकर व्यापक रूप से फैली हुई रही। इस तिमाही में खुदरा ऋणों (Retail Loans) में 16 प्रतिशत की सालाना और 10 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि दर्ज की गई। छोटे और मझोले उद्योगों को दिए जाने वाले एसएमई लोन (SME Loans) में 25 प्रतिशत की जबर्दस्त बढ़त रही, जबकि कॉर्पोरेट और मिड-कॉर्पोरेट लोन बुक क्रमशः 34 प्रतिशत और 29 प्रतिशत की दर से बढ़ी। यह दांव बैंक के रिस्क को बांटने और मार्जिन बढ़ाने में कारगर साबित हो रहा है।
डिपॉजिट बेस में 21% का इजाफा और आरबीआई स्वैप फैसिलिटी का रणनीतिक फायदा
ऋण वितरण की तेज रफ्तार को सहारा देने के लिए बैंक ने जमा पूंजी (Deposits) जुटाने में भी आक्रामक रणनीति अपनाई। सितंबर तिमाही के दौरान एक्सिस बैंक के कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 20.7 प्रतिशत बढ़कर ₹1.45 लाख करोड़ तक पहुंच गए, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹1.25 लाख करोड़ थे। इस वृद्धि को मुख्य रूप से टर्म डिपॉजिट्स (सावधि जमा) ने गति दी, जिसमें 27 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई, जबकि कम लागत वाले कासा (CASA) डिपॉजिट्स में 10.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुरू की गई एफसीएनआरबी (FCNRB) डिपॉजिट स्कीम के तहत स्वैप सुविधा के जरिए $10.6 बिलियन (लगभग ₹1.02 लाख करोड़) जुटाए, जिसने बैंक की वैश्विक और घरेलू लिक्विडिटी प्रोफाइल को नई मजबूती प्रदान की है।
बोर्ड में नया नेतृत्व: सेबी के पूर्व सदस्य अनंत नारायणन बने अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशक
तिमाही नतीजों के साथ ही बैंक के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने शासन व्यवस्था और नियामकीय विशेषज्ञता को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण नियुक्ति को मंजूरी दी है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पूर्व पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायणन को बैंक का अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशक (Additional Independent Director) नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति 19 अक्टूबर से प्रभावी होगी। वित्तीय बाजारों, बैंकिंग गवर्नेंस और विनियामक अनुपालन में उनका लंबा और प्रतिष्ठित अनुभव बैंक की दीर्घकालिक रणनीति और शेयरधारकों के हितों की रक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।
सोमवार को शेयर बाजार में क्या होगा रुख? ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए मुख्य बिंदु
बीते शुक्रवार को नतीजों के आने से पहले एक्सिस बैंक का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर हल्की बढ़त के साथ स्थिर बंद हुआ था। साल 2026 में अब तक एक्सिस बैंक ने निफ्टी बैंक इंडेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हुए सकारात्मक रिटर्न दिया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा हाल ही में भारत की जीडीपी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत किए जाने से भी घरेलू अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सेक्टर के प्रति निवेशकों की धारणा बुलिश बनी हुई है। ऐसे में सोमवार सुबह जब बाजार खुलेगा, तो एक्सिस बैंक के स्टॉक में शुरुआती घंटों में तेज हलचल और सकारात्मक मोमेंटम देखने को मिल सकता है। ब्रोकरेज हाउस बैंक की सुधरती एसेट क्वालिटी और मजबूत क्रेडिट ग्रोथ को देखते हुए नए टारगेट प्राइस और रेटिंग अपग्रेड की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, बाजार के जानकारों का कहना है कि अन्य आय में ट्रेडिंग इनकम के कमजोर रहने और ब्याज खर्चों के दबाव पर प्रबंधन की आगामी कमेंट्री भी शेयर की मध्यम अवधि की चाल तय करने में अहम रहेगी।