EPFO New Rules: मेडिकल, शादी, पढ़ाई और घर के लिए कितनी बार निकाल सकते हैं PF का पैसा?

EPFO New Rules: मेडिकल, शादी, पढ़ाई और घर के लिए कितनी बार निकाल सकते हैं PF का पैसा?

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अंशधारकों की सुविधा के लिए पीएफ एडवांस (Partial Withdrawal) के नियमों और निकासी की संख्या को लेकर ताजा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आम तौर पर पीएफ की रकम को रिटायरमेंट फंड माना जाता है, लेकिन जीवन के अहम पड़ावों और आकस्मिक वित्तीय संकट के समय ईपीएफओ सदस्यों को गैर-वापसी योग्य एडवांस (Non-refundable Advance) निकालने की अनुमति देता है। अक्सर कर्मचारियों में यह असमंजस रहता है कि वे अपने सेवाकाल में किस जरूरत के लिए कितनी बार आवेदन कर सकते हैं। ईपीएफओ ने मेडिकल इमरजेंसी, उच्च शिक्षा, शादी और आवास से जुड़ी जरूरतों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर इनकी निकासी सीमा को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है।

मेडिकल इमरजेंसी के लिए निकासी: संख्या की कोई सीमा नहीं

गंभीर बीमारी या आपातकालीन चिकित्सा उपचार के लिए पीएफ खाते से पैसा निकालने को 'अनिवार्य आवश्यकता' (Essential Needs) के तहत रखा गया है। यदि कर्मचारी स्वयं, पति/पत्नी, बच्चे या आश्रित माता-पिता किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होते हैं, तो वे पीएफ एडवांस के लिए आवेदन कर सकते हैं। ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, बीमारी के इलाज के लिए निकासी की संख्या पर कोई अधिकतम सीमा (No Limit) तय नहीं है। सदस्य जितनी बार आवश्यकता हो, पात्रता शर्तों को पूरा करते हुए मेडिकल आधार पर क्लेम दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए किसी न्यूनतम सेवा अवधि की बाध्यता भी नहीं होती।

बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए अधिकतम 10 बार निकासी की सुविधा

बच्चों की 10वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा या व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की फीस भरने के लिए कर्मचारी अपने पीएफ खाते से रकम निकाल सकते हैं। ताजा नियमों के तहत एक सदस्य अपनी पूरी ईपीएफ सदस्यता (Service Tenure) के दौरान पढ़ाई के खर्च के लिए अधिकतम 10 बार तक आंशिक निकासी कर सकता है। इस श्रेणी के तहत आवेदन करने के लिए कर्मचारी की कम से कम 7 वर्ष की निरंतर ईपीएफ सेवा पूरी होनी चाहिए। इस उद्देश्य के लिए कर्मचारी के शेयर और उस पर अर्जित ब्याज का अधिकतम 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है।

स्वयं और परिवार की शादी के खर्च के लिए 5 बार तक का मौका

विवाह से जुड़े बड़े खर्चों को पूरा करने के लिए भी ईपीएफओ ने राहत दी है। कोई भी कर्मचारी अपनी स्वयं की शादी, बेटे या बेटी की शादी, अथवा भाई या बहन की शादी के लिए पीएफ खाते से अग्रिम ले सकता है। शादी के उद्देश्य से पूरी सदस्यता अवधि के दौरान अधिकतम 5 बार निकासी करने की अनुमति दी गई है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए भी सदस्य की न्यूनतम 7 साल की सेवा पूरी होनी आवश्यक है, और इसके तहत भी कर्मचारी हिस्से का 50 प्रतिशत तक एडवांस लिया जा सकता है।

घर खरीदने, बनवाने या मरम्मत के लिए कुल 5 बार की अनुमति

आवास से जुड़ी आवश्यकताओं को ईपीएफओ ने श्रेणी-II (Housing Needs) में रखा है। इसके अंतर्गत नया मकान या फ्लैट खरीदना, जमीन (प्लॉट) खरीदना, मकान का निर्माण कराना, होम लोन की अदायगी (Repayment) करना या बने हुए मकान की मरम्मत व नवीनीकरण कराना शामिल है। ईपीएफओ के अनुसार, आवास से जुड़े इन सभी उद्देश्यों को मिलाकर सदस्य अपनी पूरी सदस्यता के दौरान कुल 5 बार तक निकासी कर सकते हैं। इसके लिए न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अनिवार्य होती है। हालांकि, अलग-अलग उप-श्रेणियों (जैसे प्लॉट खरीद या लोन रीपेमेंट) में पात्रता और निकासी योग्य राशि के अपने विशिष्ट फॉर्मूले लागू होते हैं।

25% बैलेंस बनाए रखने का सुरक्षा नियम और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

ईपीएफओ ने सदस्यों के रिटायरमेंट फंड की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह व्यवस्था भी रखी है कि आंशिक निकासी के बाद भी खाते में कम से कम 25% बैलेंस बना रहे, ताकि 8.25% की वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज दर का लाभ निरंतर मिलता रहे। पीएफ एडवांस के लिए सदस्य ईपीएफओ के एकीकृत सदस्य पोर्टल (Unified Member Portal) या उमंग (UMANG) ऐप पर जाकर फॉर्म-31 के माध्यम से ऑनलाइन क्लेम फाइल कर सकते हैं। आधार लिंक्ड बैंक खाता और केवाईसी पूर्ण होने पर ऑटो-सेटलमेंट मोड के जरिए अधिकांश क्लेम 3 से 4 कार्य दिवसों में सीधे बैंक खाते में जमा हो जाते हैं।