सोने और चांदी में भारी गिरावट, ₹2 लाख के नीचे आई चांदी; खरीदारों की चांदी, जानें आज के ताजा रेट
त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह के शुभ मुहुर्तों से पहले कीमती धातुओं की खरीदारी करने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं और निवेशकों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) से लेकर वैश्विक कमोडिटी बाजार कॉमेक्स (Comex) तक दोनों बहुमूल्य धातुओं के भाव धड़ाम हो गए हैं। इस तेज बिकवाली का सबसे बड़ा असर चांदी के भावों पर देखने को मिला है, जहां भारी गिरावट के कारण चांदी की कीमतें ₹2 लाख प्रति किलोग्राम के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गई हैं। वहीं दूसरी ओर वैश्विक बेंचमार्क पर सोने का भाव गिरकर $4000 डॉलर प्रति औंस के करीब ट्रेड करता देखा गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दीवाली और धनतेरस से ठीक पहले आई इस मंदी ने खुदरा आभूषण खरीदारों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, जिससे भौतिक सर्राफा बाजारों में अचानक रौनक और ग्राहकों की चहल-पहल तेज हो गई है।
कॉमेक्स पर लाल निशान में फिसलीं धातुएं: वैश्विक बाजारों में सोने और चांदी पर बना भारी दबाव
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार यानी कॉमेक्स (Comex) पर 23 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत से ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। विदेशी बाजारों में निवेशक अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में आए उतार-चढ़ाव के बीच मुनाफावसूली करते नजर आए। सुबह के सत्र में कॉमेक्स पर सोने की कीमतों में 0.78% तक की कमजोरी दर्ज की गई, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय भाव गिरकर 4,000.80 डॉलर प्रति औंस पर आ गए। वहीं चांदी के दामों में और भी ज्यादा आक्रामक गिरावट देखी गई, जहां चांदी 1.84% टूटकर 53.995 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड करती दिखी। वैश्विक बाजार में आई इस निरंतर कमजोरी का सीधा और त्वरित प्रभाव भारतीय बाजारों पर पड़ा, क्योंकि भारत अपनी सोने-चांदी की खपत की अधिकांश जरूरतें विदेशों से आयात के जरिए ही पूरी करता है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर धड़ाम हुए दाम: सोना ₹900 टूटा तो चांदी में ₹3500 की बड़ी गिरावट
भारतीय वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिनों में दोनों कीमती धातुओं के तेवर बेहद सुस्त नजर आए। बीते कारोबारी सत्र की शाम को मार्केट बंद होने से पहले एमसीएक्स पर सोने में लगभग 2% की गिरावट देखी गई थी, जबकि चांदी 5% तक टूट चुकी थी। गिरावट का यह सिलसिला शुक्रवार को भी बदस्तूर जारी रहा। दिसंबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा अनुबंध में करीब ₹900 प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह ₹1,42,400 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। दूसरी ओर, चांदी के वायदा भाव में लगभग ₹3500 प्रति किलोग्राम का जोरदार गोता लगा, जिससे एमसीएक्स पर इसकी कीमत टूटकर ₹1,96,141 प्रति किलोग्राम पर आ गई। लगातार दो कारोबारी सत्रों से जारी इस गिरावट ने सटोरियों और शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को चौंका दिया है, जबकि लंबी अवधि के निवेशकों को अब निचले स्तरों पर दोबारा खरीदारी करने का आकर्षक मौका दिखाई देने लगा है।
घरेलू हाजिर बाजार में भी बिखरे भाव: ₹2 लाख से नीचे आई चांदी, खरीदारों की हुई बल्ले-बल्ले
घरेलू हाजिर (बुलियन) मार्केट में सुबह बाजार खुलते ही सोने और चांदी के काउंटर पर भाव धड़ल्ले से नीचे आ गिरे। स्थानीय सर्राफा एसोसिएशनों और डीलरों द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, घरेलू बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत फिसलकर करीब ₹1,42,750 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करती दिखी, जबकि 10 ग्राम सोने का औसत हाजिर भाव ₹1.42 लाख के दायरे में सिमट गया। वहीं चांदी की हाजिर कीमतें ₹2 लाख के दायरे को तोड़ते हुए ₹1,96,510 प्रति किलोग्राम के करीब पहुंच गईं। ज्वैलरी निर्माण में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने के भाव की बात करें तो यह लगभग ₹1,30,981 प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया, जबकि 18 कैरेट गोल्ड का खुदरा भाव ₹1,07,063 प्रति 10 ग्राम के करीब आ गया। पिछले कई हफ्तों से ₹2 लाख प्रति किलो से ऊपर ट्रेड कर रही चांदी के अचानक ₹1.96 लाख के स्तर पर आ जाने से चांदी के सिक्के, बर्तन, मूर्तियां और भारी आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल रहा है।
दीवाली और धनतेरस पर खरीदारी का सुनहरा मौका: क्या आगे और गिरेंगे सोने-चांदी के दाम?
त्योहारी सीजन के मुहाने पर सोने-चांदी की कीमतों में आया यह करेक्शन आम भारतीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। धनतेरस और दीवाली के दौरान हिंदू परंपरा में सोना, चांदी और नए बर्तनों की खरीदारी को अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसे में बाजार में अचानक आई इस नरमी से ज्वैलर्स और खुदरा शोरूम्स में एडवांस बुकिंग में भारी उछाल आने की पूरी संभावना जताई जा रही है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों के संकेतों के कारण आने वाले कुछ दिनों तक सर्राफा बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, मौजूदा स्तरों पर आभूषणों की मेकिंग और निवेश के लिहाज से खरीदारी करना सुरक्षित और फायदेमंद रणनीति साबित हो सकता है। जानकारों की सलाह है कि ग्राहकों को किसी भी प्रकार की खरीदारी करते समय हॉलमार्क और आधिकारिक बिल की जांच अवश्य करनी चाहिए ताकि गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।