चीनी पर सरकार का बड़ा एक्शन: जमाखोरी रोकने को स्टॉक लिमिट घटाई, 14 लाख टन कोटा जारी

चीनी पर सरकार का बड़ा एक्शन: जमाखोरी रोकने को स्टॉक लिमिट घटाई, 14 लाख टन कोटा जारी

आगामी त्योहारी सीजन (नवरात्रि, दशहरा, दिवाली और छठ) के दौरान आम उपभोक्ताओं को महंगाई का झटका न लगे और मिठाइयों व घरेलू उपभोग के लिए चीनी की कोई किल्लत न हो, इसे लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने देशभर में चीनी के व्यापारियों और थोक डीलरों के लिए स्टॉक होल्डिंग लिमिट (Stock Holding Limit) को और अधिक सख्त कर दिया है। नए आदेश के मुताबिक, अब डीलर तय सीमा से अधिक चीनी जमा नहीं कर सकेंगे और न ही इसे लंबे समय तक गोदामों में रोक सकेंगे। जमाखोरी रोकने और कीमतों को काबू में रखने के उद्देश्य से लिए गए इस नीतिगत फैसले से खुदरा बाजार में चीनी के दाम स्थिर रहने और उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है।

15 अक्टूबर से लागू होंगे नए नियम: स्टॉक लिमिट घटकर 1,000 क्विंटल हुई

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी ताजा दिशा-निर्देशों के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में चीनी डीलरों के लिए भंडारण की सीमा में बड़ी कटौती की गई है:

  • 1,000 क्विंटल की नई सीमा: 15 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देश के ज्यादातर राज्यों में कोई भी व्यक्तिगत डीलर अधिकतम 1,000 क्विंटल चीनी ही अपने पास रख सकेगा।

  • 15 दिन के भीतर बेचनी होगी चीनी: डीलरों के लिए स्टॉक रखने की समयावधि भी सीमित कर दी गई है। चीनी प्राप्त होने की तारीख से अधिकतम 15 दिनों के भीतर उसका निपटान (बिक्री) करना अनिवार्य होगा, ताकि सप्लाई चेन में माल लगातार घूमता रहे।

  • कोलकाता और असम के लिए विशेष छूट: लॉजिस्टिक्स चुनौतियों और भौगोलिक दूरी को ध्यान में रखते हुए कोलकाता और उसके आसपास के बड़े क्षेत्रों तथा असम राज्य के डीलरों के लिए यह सीमा 2,000 क्विंटल तय की गई है।

  • अगस्त के मुकाबले भारी कटौती: उल्लेखनीय है कि अगस्त में यह सीमा 4,000 क्विंटल और 30 दिन थी, जिसे 15 सितंबर को घटाकर 2,000 क्विंटल किया गया और अब त्योहारी मांग को देखते हुए इसे घटाकर सीधे 1,000 क्विंटल कर दिया गया है।

त्योहारों में मीठे का संकट न हो: अक्टूबर के लिए 14 लाख टन का कोटा तय

स्टॉक लिमिट कसने के साथ-साथ सरकार ने खुले बाजार में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अक्टूबर महीने का घरेलू बिक्री कोटा (Domestic Sales Quota) भी जारी कर दिया है:

  • 14 लाख टन चीनी का आवंटन: केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2026 के लिए चीनी मिलों को 14 लाख मीट्रिक टन (1.40 मिलियन टन) चीनी खुले बाजार में बेचने की मंजूरी दी है। यह सितंबर के 13 लाख टन के कोटे से 1 लाख टन अधिक है।

  • पाक्षिक (Fortnightly) कोटा प्रणाली: कृत्रिम कमी पैदा करने और महीने के अंत में भाव बढ़ाने की चाल को मात देने के लिए सरकार अब हर 15 दिन के आधार पर कोटा जारी कर रही है, जिससे मिलें एक साथ माल रोकने के बजाय नियमित अंतराल पर बाजार में चीनी उतारने को बाध्य हैं।

मिल और खुदरा कीमतों में गिरावट, आम जनता तक पहुंचेगा फायदा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सरकार द्वारा समय-समय पर उठाए गए निगरानी कदमों की वजह से अगस्त के उच्चतम स्तरों की तुलना में चीनी की औसत खुदरा कीमतों में लगभग 15% और एक्स-मिल (फैक्ट्री गेट) कीमतों में करीब 28% की कमी दर्ज की जा चुकी है।

सरकार ने सभी थोक व खुदरा व्यापारियों और ट्रेडर्स को सख्त निर्देश दिए हैं कि मिल स्तर पर घटे दामों का पूरा लाभ अंतिम उपभोक्ताओं तक तत्काल पहुंचाया जाए। खाद्य मंत्रालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि त्योहारी सीजन में मुनाफाखोरी या अनुचित भंडारण की कोशिश करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।