Jio IPO : 3% उछला भाव; ₹30,213 करोड़ के देश के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू और शेयरधारकों के कोटे का पूरा ब्योरा
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार के कारोबारी सत्र में मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Ltd - RIL) के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। यह तेजी उस वक्त आई जब कंपनी ने अपनी डिजिटल और टेलीकॉम शाखा जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms / Reliance Jio) के बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की तारीखों और प्राइस बैंड की आधिकारिक घोषणा की। शेयर बाजार में खबर आते ही दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों ने आरआईएल के शेयरों में आक्रामक पोजीशन बनानी शुरू कर दी, जिससे कंपनी का शेयर एनएसई और बीएसई पर करीब 3 प्रतिशत तक उछल गया। रिलायंस के इस भारी वजन वाले शेयर में आई मजबूती ने बेंचमार्क सूचकांकों सेंसेक्स और निफ्टी को भी मजबूत सहारा दिया।
₹30,213 करोड़ का ऐतिहासिक पब्लिक इश्यू: 21 से 23 अक्टूबर तक रहेगा खुला
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह पब्लिक इश्यू भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है। कंपनी द्वारा एक्सचेंज फाइलिंग में साझा की गई जानकारी के अनुसार, आईपीओ के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया गया है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी बाजार से लगभग ₹30,213 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह इश्यू पूरी तरह से 27 करोड़ इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू (Fresh Issue) होगा। सब्सक्रिप्शन के लिए यह आईपीओ बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बिडिंग सोमवार, 19 अक्टूबर को खोली जाएगी, जबकि शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को तय होने के बाद 28 अक्टूबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों पर इसकी ऐतिहासिक लिस्टिंग होने की उम्मीद है।
RIL शेयरधारकों के लिए ₹2,500 करोड़ का विशेष कोटा बना खरीदारी की मुख्य वजह
रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में अचानक आई इस आक्रामक खरीदारी के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर आरआईएल के मौजूदा शेयरधारकों के लिए तय किया गया विशेष आरक्षण (Shareholders Quota) है। फाइलिंग के अनुसार, कुल निर्गम में से पात्र आरआईएल शेयरधारकों (इंडिविजुअल्स और एचयूएफ) के लिए ₹2,500 करोड़ तक के शेयर आरक्षित रखे गए हैं, जबकि पात्र कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ तक का कोटा रखा गया है। इसका मतलब यह है कि जिन निवेशकों के पास तय रिकॉर्ड डेट पर रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर मौजूद होंगे, वे रिटेल या एचएनआई कोटे के अलावा शेयरधारक कोटे के तहत भी अलग से आवेदन कर सकेंगे। इससे आवंटन मिलने की संभावनाएं काफी बढ़ जाती हैं, जिसके चलते रिटेल और संस्थागत निवेशकों में रिकॉर्ड डेट से पहले आरआईएल के शेयर खरीदकर अपने डीमैट खातों में रखने की होड़ मच गई है।
₹10.3 लाख करोड़ का विशाल वैल्यूएशन: क्या कहते हैं मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज?
घोषित प्राइस बैंड के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स की इक्विटी का मूल्यांकन लगभग ₹9.8 लाख करोड़ से ₹10.3 लाख करोड़ (लगभग $101 से $107 बिलियन) के आसपास आंका जा रहा है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा और घरेलू ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, कर्ज और लीज देनदारियों के समायोजन के बाद कंपनी का एंटरप्राइज वैल्यू (EV) करीब $113 से $118 बिलियन तक बैठता है। 52 करोड़ से अधिक टेलीकॉम सब्सक्राइबर्स और 5G व होम ब्रॉडबैंड नेटवर्क में अग्रणी स्थिति रखने वाली जियो की लिस्टिंग से रिलायंस इंडस्ट्रीज के भीतर छिपी वैल्यू का वास्तविक अनलॉकिंग (Value Unlocking) होगा। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आईपीओ से प्राप्त कुल राशि में से एक बड़ा हिस्सा कर्ज अदायगी और सामान्य कॉरपोरेट विस्तार में इस्तेमाल होने से पैरेंट कंपनी आरआईएल की बैलेंस शीट और वित्तीय स्वास्थ्य को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।