महारत्न कंपनी SAIL से मिला ₹854 करोड़ का बड़ा काम: 10 रुपये से कम का शेयर 10% से ज्यादा उछला
भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को सिविल कंस्ट्रक्शन व इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग क्षेत्र की कंपनी एसईपीसी लिमिटेड (SEPC Limited) के शेयरों में जबरदस्त हलचल देखी गई। कंपनी ने औपचारिक रूप से घोषणा की कि उसने देश की दिग्गज महारत्न सरकारी कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल / SAIL) के साथ 854.57 करोड़ रुपये के एक बड़े अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। यह अनुबंध पश्चिम बंगाल के बर्नपुर स्थित इस्को (IISCO) स्टील प्लांट के विस्तार से जुड़ा है। कंपनी को अगस्त में सेल-आईएसपी से लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LoA) प्राप्त हुआ था, जिसके बाद 8 अक्टूबर को बर्नपुर में आयोजित अनुबंध हस्ताक्षर समारोह के दौरान इस समझौते पर औपचारिक मुहर लगा दी गई। इस प्रोजेक्ट के तहत पेलेट प्लांट बैलेंस ऑफ प्लांट (BOP) पैकेज, जिसमें सिविल और स्ट्रक्चरल वर्क्स शामिल हैं, का संपूर्ण कार्यभार एसईपीसी लिमिटेड संभालेगी।
10 रुपये से कम के पेनी स्टॉक में 10% से अधिक का तूफानी उछाल
इस बड़े सरकारी प्रोजेक्ट की खबर सामने आते ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर निवेशकों की जोरदार खरीदारी देखने को मिली। शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान एसईपीसी लिमिटेड का शेयर इंट्राडे में 10% से अधिक चढ़कर ₹5.47 के स्तर पर पहुंच गया। शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से दबाव झेल रहे इस पेनी स्टॉक के लिए यह ऑर्डर संजीवनी की तरह साबित हुआ है। एनएसई पर कंपनी का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹11.87 और निचला स्तर ₹4.63 दर्ज है। इस ताज़ा उछाल के बाद कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) लगभग ₹1,024 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है।
10,000 करोड़ रुपये के पार ऑर्डर बुक, मार्केट कैप से 10 गुना बड़ा कारोबार
इस नए अनुबंध के साथ ही एसईपीसी लिमिटेड की समेकित (कंसोलिडेटेड) ऑर्डर बुक ₹10,000 करोड़ का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर चुकी है। यह आंकड़ा कंपनी के मौजूदा मार्केट कैप का लगभग 10 गुना है, जो आगामी वित्तीय वर्षों के लिए मजबूत रेवेन्यू विजिबिलिटी प्रदान करता है। बर्नपुर प्लांट से कंपनी को मिला यह पहला बड़ा प्रोजेक्ट नहीं है; इससे पहले भी कंपनी को इसी संयंत्र से कोक ओवन और सिंटर प्लांट पैकेज के लिए ₹673 करोड़ से अधिक का कार्य मिल चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि पब्लिक सेक्टर उपक्रमों से लगातार मिल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स कंपनी के टर्न-अराउंड और वित्तीय स्थिरता को मजबूती दे रहे हैं।
मद्रास हाईकोर्ट से 154 करोड़ रुपये की राहत और कानूनी अड़चनों का अंत
एसईपीसी लिमिटेड के लिए हाल के दिन केवल नए ऑर्डर्स के लिहाज से ही नहीं, बल्कि कानूनी व वित्तीय मोर्चे पर भी राहत भरे रहे हैं। हाल ही में मद्रास उच्च न्यायालय ने विवाद समाधान के बाद कंपनी के ₹154 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स पर लगी अटैचमेंट को पूरी तरह हटा दिया है। इस अदालती फैसले ने कंपनी के नकदी प्रवाह और वर्किंग कैपिटल की समस्याओं को दूर करने में अहम भूमिका निभाई है। कानूनी विवादों के सुलझने और बैलेंस शीट पर वित्तीय दबाव कम होने से कंपनी को अपने बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट्स को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए जरूरी तरलता उपलब्ध हो गई है।
पिछले एक साल का प्रदर्शन और जोखिम के प्रमुख पहलू
भले ही नए ऑर्डर और कानूनी राहत के दम पर शेयर में शुक्रवार को तेज रिकवरी आई है, लेकिन लंबी अवधि के चार्ट पर यह स्टॉक अभी भी दबाव में रहा है। पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो एसईपीसी लिमिटेड के शेयरों में 50% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है, जहां यह स्टॉक करीब ₹11.72 के भाव से गिरकर मौजूदा स्तरों तक आया था। चालू कैलेंडर वर्ष में भी यह शेयर 40% से ज्यादा लुढ़क चुका है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पेनी स्टॉक्स में लिक्विडिटी और वोलेटिलिटी काफी अधिक होती है, इसलिए ₹10,000 करोड़ की ऑर्डर बुक को समय पर निष्पादित कर मुनाफे में तब्दील करना ही इस कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन की असली कसौटी होगी।