संजय दत्त के 'भारत में शांति नहीं' वाले बयान पर आमिर खान से सवाल, रिएक्शन देख यूजर्स बोले- 'ये डर अच्छा है'
बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। मुंबई में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जब मीडियाकर्मियों ने उनसे अभिनेता संजय दत्त के उस हालिया बयान पर राय जाननी चाही जिसमें उन्होंने कथित तौर पर 'भारत में शांति न होने' का जिक्र किया था, तो आमिर खान का अंदाज देखने लायक था। सवाल सुनते ही आमिर ने उस पर कोई भी विस्तृत टिप्पणी करने या विवाद को तूल देने से पूरी तरह किनारा कर लिया। उन्होंने चेहरे पर हल्की मुस्कान लाते हुए महज हाथ जोड़े, सवाल को शालीनता से नजरअंदाज किया और बिना कुछ बोले आगे बढ़ गए।
आमिर खान का यह वीडियो जैसे ही पैपराजी और न्यूज हैंडल्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किया गया, चंद ही घंटों में इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया। आमिर का यह नपा-तुला रिएक्शन और विवादित विषय से दूरी बनाने का अंदाज नेटिजन्स को काफी दिलचस्प लगा। जहां कुछ लोगों ने इसे किसी भी फालतू विवाद से बचने की समझदारी भरी रणनीति करार दिया, वहीं बड़ी संख्या में यूजर्स ने उनके इस रक्षात्मक रुख को लेकर तंज कसना शुरू कर दिया।
सोशल मीडिया पर फूटा मीम्स का सैलाब, यूजर्स बोले- 'ये डर अच्छा है'
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने आमिर खान के रिएक्शन पर प्रतिक्रियाओं की झड़ी लगा दी। कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने एक लोकप्रिय विज्ञापन की टैगलाइन का हवाला देते हुए लिखा, "ये डर अच्छा है!" लोगों का कहना था कि अतीत में दिए गए बयानों के बाद हुए भारी विरोध और फिल्मों के बहिष्कार के कड़वे अनुभवों ने आमिर को अब बेहद सतर्क कर दिया है। कई नेटिजन्स ने कमेंट किया कि आमिर अब बखूबी समझ चुके हैं कि किसी भी राजनीतिक या संवेदनशील सामाजिक मुद्दे पर एक गलत शब्द उनके करियर और आने वाली फिल्मों पर भारी पड़ सकता है।
यूजर्स ने लिखा कि पहले बेबाकी से राय रखने वाले स्टार्स अब माइक देखते ही कदम पीछे खींचने लगे हैं, जो यह साबित करता है कि जनता की राय और दर्शकों के दबाव का असर अब बॉलीवुड के ए-लिस्टर कलाकारों पर साफ दिखने लगा है। वहीं, कुछ यूजर्स ने आमिर के समर्थन में आते हुए कहा कि संजय दत्त के निजी विचारों या बयानों का जवाब आमिर खान से मांगना गैर-जरूरी था और किसी भी विवाद से बचने के लिए चुप रहना ही सबसे समझदारी भरा फैसला था।
पुराने 'असहिष्णुता' वाले विवाद की फिर ताजा हुईं यादें
आमिर खान के इस रिएक्शन ने सोशल मीडिया पर साल 2015 के उस बहुचर्चित विवाद की यादें फिर से ताजा कर दी हैं, जब उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान देश में असहिष्णुता और अपनी तत्कालीन पत्नी किरण राव के डर का जिक्र किया था। उस बयान के बाद पूरे देश में आमिर खान के खिलाफ तीखा आक्रोश देखने को मिला था और उन्हें कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों से भी हाथ धोना पड़ा था। इतना ही नहीं, उस बयान का नकारात्मक साया वर्षों बाद रिलीज हुई उनकी महत्वाकांक्षी फिल्म 'लाल सिंह चड्ढा' के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर भी देखने को मिला था, जहां सोशल मीडिया पर 'बॉयकॉट बॉलीवुड' का ट्रेंड चरम पर था।
राजनीतिक विश्लेषकों और एंटरटेनमेंट एक्सपर्ट्स का मानना है कि उस पूरे घटनाक्रम ने बॉलीवुड के बड़े सितारों को कड़ा सबक सिखाया है। यही वजह है कि आज जब देश के सामाजिक माहौल या किसी अन्य साथी कलाकार के भड़काऊ बयान पर उनसे सवाल पूछा जाता है, तो वे सीधे तौर पर किनारा करना ही अपनी भलाई समझते हैं। संजय दत्त के कथित बयान पर आमिर की यह खामोशी उसी सावधानी और सतर्कता का स्पष्ट संकेत मानी जा रही है।
क्या था संजय दत्त का बयान जिसने खड़ा किया नया विवाद
इस पूरे मामले की जड़ में संजय दत्त का वह हालिया इंटरव्यू है, जिसमें उन्होंने देश के मौजूदा माहौल, भीड़-भाड़ और मानसिक सुकून को लेकर बात करते हुए कथित तौर पर कह दिया था कि भारत में अब वह शांति और सुकून महसूस नहीं होता जो पहले हुआ करता था। उनके इस बयान को तुरंत सोशल मीडिया पर लपक लिया गया और कई वर्गों ने इसे देश की छवि को धूमिल करने वाला करार दिया। इसके बाद से ही एंटरटेनमेंट और राजनीतिक गलियारों में इस पर बहस छिड़ गई थी।
जब आमिर खान मुंबई के एक इवेंट में पहुंचे, तो मीडिया ने मौका पाते ही उनसे संजू बाबा के इसी बयान पर उनकी राय जाननी चाही थी। आमिर ने जिस तरह बिना किसी हंगामे के सवाल को टाल दिया, उसने यह साफ कर दिया है कि वे अब किसी भी कीमत पर विवादों के चक्रव्यूह में फंसने का जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं। आने वाले दिनों में आमिर खान अपनी नई फिल्मों के निर्माण और रिलीज की तैयारियों में व्यस्त हैं, ऐसे में उनका पूरा ध्यान केवल अपने काम और सिनेमाई प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित नजर आ रहा है।