मैरी कॉम के व्यवहार पर भड़कीं गौहर खान, खेल भावना को लेकर सरेआम उठाए सवाल
मनोरंजन और खेल जगत के बीच अक्सर कई मुद्दों को लेकर प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं, लेकिन जब कोई जानी-मानी अभिनेत्री देश की सबसे सम्मानित महिला एथलीट पर सवाल उठा दे, तो मामला सुर्खियों में आना तय है। मशहूर मॉडल, अभिनेत्री और 'बिग बॉस' विजेता गौहर खान ने भारत की महान मुक्केबाज और छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम के रवैये पर तीखा ऐतराज जताया है। खेल के मैदान पर हार-जीत के बाद सामने आए मैरी कॉम के व्यवहार को लेकर गौहर खान ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि एक दिग्गज खिलाड़ी को किसी छोटी बच्ची की तरह रोने और बहाने बनाने के बजाय खेल भावना का परिचय देना चाहिए। गौहर खान के इस बेबाक बयान के बाद सोशल मीडिया पर खेल प्रेमियों और सिने फैंस के बीच एक नई बहस छिड़ गई है।
गौहर खान हमेशा से सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक विषयों पर अपनी दो टूक राय रखने के लिए जानी जाती हैं। जब भी उन्हें किसी बात में अनुचितता नजर आती है, तो वह किसी के कद या उपलब्धियों की परवाह किए बिना अपनी बात सामने रख देती हैं। इस बार उनके निशाने पर देश की ओलंपिक पदक विजेता बॉक्सर मैरी कॉम आ गई हैं। पूरा मामला एक बड़े टूर्नामेंट में मैरी कॉम के करीबी मुकाबले में हारने के बाद दिए गए बयानों और जजों के फैसले पर नाराजगी जताने से जुड़ा हुआ है।
खेल भावना का दिया हवाला, बोलीं- 'हार को स्वीकार करना भी सीखें'
गौहर खान ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस पूरे वाकये पर गहरी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि खेल की सबसे बड़ी खूबसूरती यही होती है कि उसमें एक खिलाड़ी जीतता है और दूसरे को हार का सामना करना पड़ता है। जीत के समय जब हम सारा श्रेय और सम्मान खुशी-खुशी स्वीकार करते हैं, तो हार के पलों में भी वैसी ही गरिमा और शालीनता दिखाना एक सच्चे एथलीट की पहचान होती है।
गौहर ने मैरी कॉम के बर्ताव पर सीधा वार करते हुए कहा कि जब कोई फैसला आपके पक्ष में नहीं आता, तो एक छोटी बच्ची की तरह रोना, फैसले को पक्षपाती बताना और सिस्टम पर सवाल खड़े करना कतई सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मैरी कॉम देश का मान हैं और लाखों युवा खिलाड़ियों की रोल मॉडल हैं, ऐसे में उनका यह बचकाना रवैया खेल की निष्पक्षता और खेल भावना (स्पोर्ट्समैन स्पिरिट) को ठेस पहुंचाता है। गौहर के अनुसार, एक चैंपियन को रिंग के बाहर भी चैंपियन जैसा संयम और गरिमा बनाए रखनी चाहिए।
मैरी कॉम के विवादित बयानों के बाद गरमाया था पूरा मामला
इस विवाद की पृष्ठभूमि उस वक्त तैयार हुई जब एक बेहद अहम और कड़े मुकाबले में मैरी कॉम को जजों के स्प्लिट डिसीजन (विभाजित फैसले) के चलते हार का सामना करना पड़ा था। मुकाबले के नतीजे से असंतुष्ट मैरी कॉम ने रिंग के बाहर आकर आधिकारिक तंत्र, निर्णायकों और रेफरी पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। मैरी कॉम का दावा था कि मुकाबला उनके पक्ष में था और उनके साथ नाइंसाफी की गई है। इस दौरान वह मीडिया के सामने काफी भावुक हो गईं और उनकी आंखों में आंसू आ गए।
मैरी कॉम द्वारा फैसले पर उंगली उठाए जाने और रोने का यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, जिसे देखकर कई खेल प्रेमियों ने उनके प्रति सहानुभूति जताई। हालांकि, गौहर खान को मुक्केबाज का यह आचरण बिल्कुल रास नहीं आया और उन्होंने इसे एक वरिष्ठ खिलाड़ी द्वारा बनाई गई अनुचित छवि करार दे दिया। गौहर का मानना था कि विरोधी खिलाड़ी ने भी रिंग में पसीना बहाया था और उसके प्रदर्शन का सम्मान किया जाना चाहिए था, न कि अपनी हार को लेकर रोना रोया जाए।
सोशल मीडिया पर आमने-सामने आए फैंस, छिड़ी तीखी जंग
गौहर खान की इस टिप्पणी के सार्वजनिक होते ही इंटरनेट पर जबरदस्त संग्राम छिड़ गया। यूजर्स तुरंत दो विरोधी गुटों में बंट गए। मैरी कॉम के अनगिनत प्रशंसकों ने गौहर खान को आड़े हाथों लेते हुए उनकी जमकर आलोचना की। फैंस का तर्क था कि एक एयर-कंडीशंड कमरे में बैठकर ट्वीट करना और रिंग के भीतर सालों तक पसीना बहाकर देश के लिए मेडल जीतना दो बिल्कुल अलग बातें हैं। मैरी कॉम के समर्थकों ने कहा कि जब किसी खिलाड़ी के सालों के कड़े अभ्यास और पसीने पर एक गलत फैसले से पानी फिर जाता है, तो आंखों से आंसू निकलना स्वाभाविक मानवीय भावना है, न कि बचपना।
वहीं दूसरी ओर, खेल विश्लेषकों और दर्शकों के एक तबके ने गौहर खान के रुख का भी समर्थन किया। इस वर्ग का कहना था कि खेल में जजों का फैसला अंतिम होता है और ओलंपिक स्तर के एथलीटों को हर हाल में नतीजों का सम्मान करना चाहिए। अगर हर बड़ा खिलाड़ी हारने के बाद रोने लगे और फैसले को मानने से इनकार कर दे, तो खेल के बुनियादी नियम ही खत्म हो जाएंगे। इस लिहाज से गौहर द्वारा उठाया गया खेल भावना का बिंदु काफी प्रासंगिक माना गया।
अतीत में भी अपने बयानों को लेकर मुखर रही हैं गौहर खान
यह पहला मौका नहीं है जब गौहर खान ने किसी बड़े स्टार या चर्चित चेहरे पर उंगली उठाई हो। गौहर हमेशा से अपनी स्वतंत्र सोच और बिना लाग-लपेट के बोलने की शैली के लिए पहचानी जाती हैं। चाहे टीवी रियलिटी शोज के नियम हों या फिर सेलिब्रिटीज का सार्वजनिक आचरण, वह हमेशा निष्पक्ष रहने का दावा करती हैं।
हालांकि इस बार देश की सबसे महान एथलीट में शुमार मैरी कॉम पर उनके इस तल्ख बयान ने उन्हें चर्चा के केंद्र में ला खड़ा किया है। अब देखना यह होगा कि क्या मुक्केबाज मैरी कॉम की तरफ से गौहर के इन तीखे शब्दों पर कोई पलटवार आता है या फिर यह विवाद यहीं शांत होता है।