गीता के कोड से अंग्रेजों को चटाएंगे धूल, भारत के मोस्ट वॉन्टेड सैनिक बने प्रभास

गीता के कोड से अंग्रेजों को चटाएंगे धूल, भारत के मोस्ट वॉन्टेड सैनिक बने प्रभास

पैन-इंडिया सुपरस्टार प्रभास के जन्मदिन के पावन अवसर पर फिल्म निर्माताओं ने सिनेमाई दुनिया को अब तक का सबसे बड़ा और रोंगटे खड़े कर देने वाला तोहफा दिया है। बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक एक्शन-ड्रामा फिल्म 'फौजी' (Fauzi) का 2 मिनट 31 सेकंड लंबा टीजर इंटरनेट पर आधिकारिक तौर पर रिलीज कर दिया गया है। टीजर सामने आते ही यूट्यूब और सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म्स पर तूफान आ गया है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम, द्वितीय विश्व युद्ध और गुप्त सैन्य अभियानों की पृष्ठभूमि पर रची गई यह कहानी केवल एक देशभक्ति फिल्म नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का पीरियड स्पाई-थ्रिलर प्रतीत होती है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक हनु राघवपुड़ी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में प्रभास को एक ऐसे विद्रोही सैनिक के रूप में पेश किया गया है, जिसने अपनी बुद्धि, रणनीति और श्रीमद्भगवद्गीता के गूढ़ दर्शन से बने अटूट कोड के जरिए ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिलाकर रख दी थीं। टीजर के एक-एक विजुअल और संवाद ने सिनेप्रेमियों के भीतर देशभक्ति और रोमांच का नया ज्वार पैदा कर दिया है।

29 मई 1942: टीजर में दिखा नेताजी सुभाष चंद्र बोस और एडॉल्फ हिटलर का ऐतिहासिक आमना-सामना

टीजर की शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के उस कालखंड से होती है, जिसने दुनिया का इतिहास बदल दिया था। पर्दे पर तारीख उभरती है—29 मई 1942। जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस और नाजी तानाशाह एडॉल्फ हिटलर के बीच एक बेहद तनावपूर्ण और ऐतिहासिक मुलाकात दिखाई गई है। हिटलर नेताजी से व्यंग्यात्मक लहजे में कहता है कि आप ब्रिटेन को हराने के लिए जर्मनी की मदद मांगने आए हैं, जिस पर नेताजी आत्मविश्वास से जवाब देते हैं कि हम दोनों का साझा शत्रु एक ही है और वह है ब्रिटिश साम्राज्य। इस पर हिटलर भारतीयों के आत्मसम्मान को चुनौती देते हुए कहता है कि ब्रिटेन आपके देश पर दो सदियों से शासन कर रहा है और दो सौ सालों की गुलामी आपके खून में समा चुकी है, इसलिए यह लड़ाई पहले से ही एक हारी हुई जंग है। हिटलर की इस चुभती हुई बात पर नेताजी गरजते हुए कहते हैं कि मिस्टर हिटलर, आप भारतीयों के शौर्य और सामर्थ्य के बारे में कुछ भी नहीं जानते, मैं भारत को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराकर ही रहूंगा, चाहे आप हमारी सहायता करें या न करें। जब हिटलर कहता है कि केवल ख्वाबों से लड़ाइयां नहीं जीती जातीं, तब नेताजी का कालजयी जवाब गूंजता है—ख्वाबों से नहीं, जंग अक्ल से जीती जाती है।

1932 से मोस्ट वॉन्टेड फौजी: गीता के अचूक कोड से ब्रिटिश सेना को किया लाचार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस आगे हिटलर के सामने उस गुप्त रहस्य का खुलासा करते हैं जिसने पूरे विश्व युद्ध का रुख मोड़ दिया था। नेताजी कहते हैं कि दुनिया जानती है कि जापान ने ब्रिटेन को हराकर सिंगापुर पर विजय प्राप्त की थी, लेकिन कोई यह नहीं जानता कि इस ऐतिहासिक जीत के पीछे एक भारतीय का दिमाग था। वह शख्स कोई साधारण सिपाही नहीं, बल्कि एक मास्टर रणनीतिकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर का भारतीय जासूस (Indian Spy) है, जो ब्रिटिश साम्राज्य की हार की सबसे बड़ी वजह बना। ब्रिटिश खुफिया एजेंसियां वर्षों से उसके पीछे पड़ी हैं, लेकिन वे उसकी पहचान तक नहीं जान पाई हैं। उस भारतीय सैनिक ने एक ऐसा अभेद्य गुप्त सैन्य कोड (Cipher Code) विकसित किया है, जो पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों और रणनीतिक सूत्रों पर आधारित है। ब्रिटिश सेना के सबसे बड़े डिकोडर्स भी यह स्वीकार कर चुके हैं कि इस गीता कोड को तोड़ना किसी के बस की बात नहीं है। जब विस्मय से भरा हिटलर उस गुमनाम नायक का नाम पूछता है, तो नेताजी शांत भाव से कहते हैं कि उसका असली नाम किसी को नहीं मालूम, ब्रिटिश सेना उसे केवल 'फौजी' कहकर पुकारती है। हिटलर जब उस सिपाही से मिलने की इच्छा जताता है, तो बोस गर्व से कहते हैं कि वह इस समय कोलकाता में रहकर मेरी मातृभूमि की रक्षा कर रहा है। इसके साथ ही स्क्रीन पर प्रभास का विध्वंसक अवतार सामने आता है, जो 1932 से ब्रिटिश हुकूमत का सबसे बड़ा और वांटेड बागी सैनिक है।

'अबे ओ फिरंगी, मैं तेरा खून लूंगा और आजादी भी': प्रभास के डायलॉग ने इंटरनेट पर मचाया गदर

टीजर के अंतिम पलों में प्रभास का रौद्र रूप और उनका बैकग्राउंड वॉइस-ओवर दर्शकों के दिलों की धड़कनें बढ़ा देता है। गोलियों की गूंज, तोपों के धमाकों और ब्रिटिश सिपाहियों के गिरते शवों के बीच प्रभास अपने पूरे एटीट्यूड में डायलॉग बोलते हैं—"अबे ओ फिरंगी, मैं तेरा खून लूंगा और आजादी भी!" यह डायलॉग न केवल प्रभास के लार्जर-दैन-लाइफ स्क्रीन प्रेजेंस को स्थापित करता है, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के उस आक्रामक तेवर को जीवंत करता है जो ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते थे। प्रभास का यह विद्रोही सैनिक अवतार उनके पिछले किरदारों से बिल्कुल जुदा नजर आ रहा है। टीजर में दिखाए गए एक्शन सीन्स, विंटेज लोकेशंस, हथियार और बैकग्राउंड म्यूजिक हॉलीवुड स्तर के मानकों को छूते हुए दिखाई दे रहे हैं।

हनु राघवपुड़ी का ड्रीम प्रोजेक्ट: मार्च 2027 में बड़े पर्दे पर रिलीज होगी यह ऐतिहासिक वॉर फिल्म

'सीता रामम' जैसी कालजयी और संजीदा प्रेम कहानी का निर्देशन करने वाले निर्देशक हनु राघवपुड़ी इस बार एक विशाल ऐतिहासिक कैनवास पर एक्शन वॉर ड्रामा लेकर आए हैं। हनु राघवपुड़ी की कहानी कहने की कला, ऐतिहासिक तथ्यों का संयोजन और प्रभास का अदम्य स्टारडम मिलकर इस प्रोजेक्ट को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में शामिल कर चुका है। फिल्म निर्माताओं ने टीजर के अंत में आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि 'फौजी' मार्च 2027 में दुनिया भर के सिनेमाघरों में कई भाषाओं (हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़) में रिलीज की जाएगी। टीजर के हर एक फ्रेम पर जिस तरह से प्री-प्रोडक्शन और वीएफएक्स का काम दिख रहा है, उसने यह तय कर दिया है कि अगले साल मार्च में बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड्स का नया इतिहास लिखा जाएगा।