कुशीनगर में आधी रात महिला से मिलने पहुंचे युवक को ग्रामीणों ने बिजली के खंभे से बांधकर पीटा
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद अंतर्गत नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। आधी रात के घने अंधेरे में अपनी कथित महिला मित्र से मिलने पहुंचे एक युवक को परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए युवक को एक बिजली के खंभे से रस्सियों से बांध दिया और उसकी बेरहमी से लाठी-डंडों व थप्पड़ों से जमकर पिटाई कर दी। घटना के दौरान मौके पर चीख-पुकार मच गई और बंधक बने युवक की जान पर बन आई। युवक को बेरहमी से पिटता देख खुद महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए आपातकालीन पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करके पूरी घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही डायल 112 पीआरवी और स्थानीय पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को ग्रामीणों के चंगुल से मुक्त कराया और गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। घटना का पूरा वीडियो शुक्रवार को इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गया, जिसके बाद मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे गांव में पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।
रात के दो बजे गन्ने के खेत में मिलने पहुंचा था युवक: परिजनों को पहले से था शक, बिछाया था जाल
स्थानीय सूत्रों और पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम गुरुवार की देर रात करीब दो बजे का बताया जा रहा है। बरवा पुर्दिल गांव का रहने वाला एक युवक पड़ोस के गांव की एक विवाहिता से पिछले एक वर्ष से लगातार संपर्क में था। महिला तीन बच्चों की मां बताई जा रही है और दोनों के बीच लंबे समय से बातचीत का सिलसिला चल रहा था। महिला के हाव-भाव और देर रात तक फोन पर व्यस्त रहने की गतिविधियों को लेकर उसके ससुराल पक्ष और परिजनों को काफी समय से गहरा संदेह था। परिजनों ने युवक को रंगे हाथों पकड़ने के लिए पहले से ही निगरानी रखनी शुरू कर दी थी। गुरुवार की रात युवक अपनी योजना के अनुसार महिला से मिलने उसके घर के पास स्थित घने गन्ने के खेत में पहुंचा। कुछ ही देर बाद महिला भी बहाना बनाकर घर से बाहर गन्ने के खेत की तरफ निकल गई।
खंभे से बांधकर लाठी-डंडों से पीटा: महिला को डांटकर घर भेजा और युवक पर बरसाए थप्पड़
गन्ने के खेत में हलचल होते ही महिला के सतर्क परिजन और आसपास के कुछ ग्रामीण चुपके से मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने दोनों को एक साथ गन्ने के खेत में रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े जाने के बाद परिजनों ने महिला को कड़ी डांट-फटकार लगाई और तुरंत उसे घर के भीतर भेज दिया। इसके बाद ग्रामीणों का सारा गुस्सा पकड़े गए युवक पर फूट पड़ा। उत्तेजित ग्रामीणों ने आव देखा न ताव, युवक को घसीटते हुए मुख्य रास्ते पर लाए और वहां स्थित बिजली के कंक्रीट खंभे से मोटी रस्सियों के सहारे कसकर बांध दिया। इसके बाद खंभे से बंधे युवक पर लात-घूंसों और डंडों से हमला शुरू कर दिया गया। मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और तमाशबीन लोग युवक को छुड़ाने के बजाय उसका वीडियो बनाने में मशगूल हो गए।
महिला ने 112 पर फोन कर बचाई जान: डायल 112 की तत्परता से टला बड़ा हादसा, सीएचसी कोटवा में भर्ती
बिजली के खंभे से बंधे युवक की जब बेरहमी से पिटाई की जा रही थी, तब महिला ने खिड़की से यह खौफनाक मंजर देखा। उसे लगा कि यदि तुरंत मदद नहीं मिली तो भीड़ युवक की जान ले सकती है। उसने बिना देर किए अपने मोबाइल फोन से उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा 112 पर कॉल कर दिया और पुलिस को गांव में युवक को बंधक बनाकर पीटे जाने की पूरी जानकारी दी। सूचना मिलते ही पीआरवी (पुलिस रिस्पांस व्हीकल) और नेबुआ नौरंगिया थाने की फोर्स सायरन बजाते हुए तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस की गाड़ी देखते ही भीड़ में भगदड़ मच गई। पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए बिजली के खंभे से बंधी रस्सियों को काटा और लहूलुहान युवक को सुरक्षित अपनी गाड़ी में बैठाया। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोटवा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी चोटों का उपचार किया।
दो समुदायों से जुड़ा मामला होने से गांव में तनाव: इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल, पुलिस कर रही कैंप
यह मामला दो अलग-अलग समुदायों और वर्गों से जुड़ा होने के कारण क्षेत्र में अचानक सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई। शुक्रवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें युवक खंभे से बंधा हुआ दिखाई दे रहा है और ग्रामीण उस पर हाथ छोड़ते नजर आ रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया। किसी भी संभावित अप्रिय घटना, अफवाह या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस की गाड़ियां गांव की गलियों में लगातार फ्लैग मार्च और गश्त कर रही हैं ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे। शुक्रवार की सुबह पुलिस ने दोनों पक्षों, यानी पीड़ित युवक और महिला के ससुराल पक्ष के लोगों को थाने तलब कर विस्तृत पूछताछ की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और वीडियो फुटेज के आधार पर मारपीट करने वाले उपद्रवियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।