Para Asian Games: ट्रैक एंड फील्ड में भारतीय एथलीटों ने रचा इतिहास
जापान के आइची-नागोया में संपन्न हुए पैरा एशियाई खेलों में भारतीय पैरा एथलीटों ने अपने हैरतअंगेज और ऐतिहासिक प्रदर्शन से पूरी दुनिया में देश का डंका बजा दिया है। भारतीय दल ने खेलों के इस महाकुंभ में कुल 114 पदकों का सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ और रिकॉर्डतोड़ आंकड़ा छूकर इतिहास रच दिया। इस स्वर्णिम सफलता की सबसे मजबूत रीढ़ ट्रैक एंड फील्ड के खिलाड़ी साबित हुए, जिन्होंने अकेले एथलेटिक्स में 65 पदकों का विशाल अंबार लगाकर भारत को चीन के बाद एशिया की दूसरी सबसे बड़ी महाशक्ति बना दिया। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में शुक्रवार के दिन भारतीय खिलाड़ियों ने चार स्वर्ण पदक समेत कुल 13 पदकों पर कब्जा जमाकर विरोधी खेमों में हलचल मचा दी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने साबित कर दिया है कि भारतीय एथलीट अब वैश्विक स्तर पर किसी भी चुनौती का सामना करने और नए कीर्तिमान गढ़ने के लिए पूरी तरह परिपक्व हो चुके हैं।
चीन के बाद भारत बना एशिया का नया सिरमौर: हांगझू के 53 पदकों का रिकॉर्ड तोड़ा, कुल 65 मेडल किए अपने नाम
एथलेटिक्स स्पर्धाओं की पदक तालिका पर नजर डालें तो भारतीय दल ने 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य पदक जीतकर कुल 65 पदकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। यह आंकड़ा वर्ष 2023 में चीन के हांगझू में आयोजित एशियाई पैरा खेलों के 53 पदकों से 12 पदक अधिक है। पदक तालिका में मेजबान जापान और मध्य एशियाई दिग्गज उज्बेकिस्तान को पछाड़ते हुए भारत ने अपनी बादशाहत कायम की। चीन 54 स्वर्ण, 24 रजत और 20 कांस्य पदक समेत कुल 98 पदकों के साथ पहले पायदान पर रहा। वहीं उज्बेकिस्तान की टीम 20 स्वर्ण, 21 रजत और 23 कांस्य के साथ 64 पदक लेकर तीसरे स्थान पर रही, जबकि मेजबान जापान 19 स्वर्ण, 18 रजत और 14 कांस्य सहित 51 पदक जीतकर चौथे स्थान पर सिमट गया। भारत के 62 सदस्यीय एथलेटिक्स दल ने जिस निरंतरता और दृढ़ संकल्प के साथ मैदान पर पसीना बहाया, उसने एशियाई खेलों में एक नई ताकत के उदय का स्पष्ट संदेश दे दिया है।
सुमित अंतिल का गोल्डन पंच: पुरुषों की भाला फेंक में भारत की क्लीन स्वीप, पोडियम पर लहराए तीनों तिरंगे
भारतीय दल के स्टार पैरा एथलीट सुमित अंतिल ने पुरुषों की संयुक्त एफ42-44/61-64 भाला फेंक स्पर्धा में 72.46 मीटर के हैरतअंगेज प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीतकर अपने एशियाई खिताब का शानदार बचाव किया। टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा विश्व रिकॉर्ड धारक सुमित ने एक बार फिर साबित किया कि इस खेल में उनका कोई सानी नहीं है। इस स्पर्धा में भारत ने तीनों पदकों पर कब्जा जमाते हुए ऐतिहासिक क्लीन स्वीप की। भारत के महेंद्र गुर्जर ने 59.03 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक हासिल किया, जबकि संदीप संजय सरगर ने 64.48 मीटर भाला फेंककर कांस्य पदक अपने नाम किया। संयुक्त वर्ग की जटिल अंक प्रणाली (रजा पॉइंट्स) के आधार पर महेंद्र गुर्जर को संदीप सरगर से ऊपर रखते हुए रजत पदक का हकदार घोषित किया गया, जिससे पोडियम पर तीनों स्थानों पर केवल भारतीय ध्वज ही लहराते नजर आए।
क्लब थ्रो और ट्रैक स्पर्धाओं में रिकॉर्ड्स की झड़ी: प्रणव सूरमा, संदीप और हनी ने बनाए विश्व व गेम्स रिकॉर्ड
मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों का जलवा यहीं नहीं रुका, बल्कि रिकॉर्ड बुक में कई नए पन्ने जोड़े गए। पुरुषों की क्लब थ्रो एफ51 स्पर्धा में प्रणव सूरमा ने 32.87 मीटर के नए गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतकर अपना पिछला खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा। इसी स्पर्धा में धर्मवीर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए कांस्य पदक जीता। वहीं पुरुषों की 400 मीटर टी64 दौड़ में संदीप ने 52.28 सेकंड का समय निकालकर नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इसी रेस में अजय कुमार ने 53.61 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। इसके अलावा पुरुषों की भाला फेंक एफ37/38 स्पर्धा में हनी ने 60.49 मीटर के जबरदस्त प्रयास के साथ नया विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्णिम सफलता हासिल की।
लंबी कूद और 1500 मीटर में चमकीं निमिषा व प्रमोद: एथलेटिक्स में भारत के दबदबे ने खींचा दुनिया का ध्यान
ट्रैक एंड फील्ड के अन्य मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी चमक बिखेरी। महिलाओं की लंबी कूद टी47 स्पर्धा में निमिषा चक्कुंगलपरम्बिल ने 5.37 मीटर की बेहतरीन छलांग लगाते हुए रजत पदक अपने नाम किया। वहीं पुरुषों की 1500 मीटर टी46 दौड़ में धावक प्रमोद बिजारनिया ने 4 मिनट 09.65 सेकंड का समय निकालकर कड़े मुकाबले में रजत पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। तकनीक, शारीरिक दमखम और मानसिक दृढ़ता के इस बेजोड़ संगम ने दिखा दिया कि भारत का पैरा एथलेटिक्स इकोसिस्टम अब दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों को सीधी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है।