फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में बनाई जगह, चीनी ताइपे की शटलर को रौंदा; अश्मिता का सफर थमा
फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित प्रतिष्ठित फ्रेंच ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत की दो बार की ओलंपिक पदक विजेता स्टार शटलर पीवी सिंधू ने शानदार खेल दिखाते हुए महिला एकल के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। शुक्रवार की रात खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू ने अपने आक्रामक स्मैश और सटीक कोर्ट कवरेज के दम पर चीनी ताइपे की खिलाड़ी को एकतरफा अंदाज में सीधे गेमों में धूल चटाई। इस मुकाबले में सिंधू की लय और आत्मविश्वास पुराने दिनों की याद दिला रहा था, जहां उन्होंने विपक्षी खिलाड़ी को संभलने का कोई मौका नहीं दिया। हालांकि, टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहीं भारत की उभरती हुई युवा खिलाड़ी अश्मिता चालिहा का साहसिक सफर क्वार्टर फाइनल में एक बेहद कड़े और रोमांचक मुकाबले के बाद समाप्त हो गया। इसके साथ ही अब पूरे टूर्नामेंट में भारतीय चुनौती का दारोमदार अकेले पीवी सिंधू के मजबूत कंधों पर आ टिका है।
सिंधू का एकतरफा दबदबा: चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियान को 39 मिनट में 21-13, 21-14 से हराया
क्वार्टर फाइनल मैच में भारत की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधू शुरू से ही पूरी तरह नियंत्रण में नजर आईं। चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियान के खिलाफ कोर्ट पर उतरते ही सिंधू ने तेज गति और आक्रामक ड्रॉप शॉट्स की मदद से शुरुआत से ही बड़ी बढ़त बना ली। सिंधू ने कोर्ट के दोनों कोनों का बेहतरीन इस्तेमाल किया और विपक्षी खिलाड़ी को लंबी रैलियों में उलझाकर गलतियां करने पर मजबूर कर दिया। पहले गेम को भारतीय दिग्गज ने बेहद सहजता से 21-13 के अंतर से अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में चिउ पिन-चियान ने कुछ शुरुआती अंक जुटाकर वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन सिंधू ने अपने अनुभव और जबर्दस्त क्रॉस-कोर्ट स्मैश के दम पर मैच पर अपनी पकड़ ढीली नहीं पड़ने दी। महज 39 मिनट तक चले इस मुकाबले को सिंधू ने 21-13, 21-14 से जीतकर सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया।
सेमीफाइनल में जापान की हिना अकेची से टक्कर: खिताब की ओर बढ़ते सिंधू के कदम
टूर्नामेंट के अंतिम चार में जगह बनाने के बाद अब पीवी सिंधू का सामना सेमीफाइनल में जापान की युवा और बेहद फुर्तीली खिलाड़ी हिना अकेची से होगा। अकेची मौजूदा समय में अपने शानदार डिफेंस और आक्रामक काउंटर अटैक के लिए जानी जाती हैं, ऐसे में यह मुकाबला बेहद दिलचस्प और रणनीतिक होने की पूरी उम्मीद है। पेरिस का यह वही ऐतिहासिक शहर है जहां सिंधू ने विश्व बैडमिंटन के कई यादगार मुकाबले खेले हैं। भारतीय खेल प्रशंसकों की निगाहें अब पूरी तरह से इस सेमीफाइनल भिड़ंत पर टिकी हुई हैं, क्योंकि एक और जीत सिंधू को इस साल के पहले बड़े सुपर 750 खिताब के फाइनल मुकाबले में पहुंचा देगी। सिंधू के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि वह इसी लय में नेट प्ले और बैकहैंड रिटर्न्स बनाए रखती हैं, तो वे खिताबी सूखे को समाप्त करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
अश्मिता चालिहा ने बहाया पसीना: यामागुची को हराने के बाद नोजोमी ओकुहारा के खिलाफ तीन गेम तक लड़ीं
दूसरी ओर, भारत की 27 वर्षीय युवा शटलर अश्मिता चालिहा का फ्रेंच ओपन में सफर भले ही क्वार्टर फाइनल में थम गया हो, लेकिन उन्होंने अपने खेल से अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन जगत में गहरी छाप छोड़ी है। विश्व रैंकिंग में 36वें स्थान पर काबिज अश्मिता ने गुरुवार को प्री-क्वार्टर फाइनल में जापान की तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को पराजित कर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर किया था। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना जापान की ही पूर्व विश्व चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता नोजोमी ओकुहारा से हुआ। बेहद थका देने वाले इस मुकाबले में अश्मिता पहला गेम 10-21 से हार गईं, लेकिन उन्होंने शानदार मानसिक मजबूती दिखाते हुए दूसरा गेम 21-17 से जीतकर मैच को निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया। हालांकि, तीसरे और अंतिम गेम में जापानी दिग्गज ओकुहारा के अनुभव और सटीक प्लेसमेंट के आगे अश्मिता 16-21 से चूक गईं और मुकाबला 10-21, 21-17, 16-21 से गंवा बैठीं।
टूर्नामेंट में बचीं एकमात्र भारतीय उम्मीद: फ्रेंच ओपन के खिताबी मुकाबले पर टिकीं देश की निगाहें
अश्मिता की साहसिक हार के साथ ही इस सुपर 750 टूर्नामेंट में अब पीवी सिंधू ही एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बची हैं। पुरुष एकल और युगल वर्गों में भारतीय चुनौती पहले ही समाप्त हो चुकी थी, जिसके चलते अब देश की समस्त खेल प्रेमियों की आशाएं सिंधू के स्वर्ण पदक की दावेदारी पर टिकी हैं। पेरिस के इंडोर एरेना में शनिवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले से पहले सिंधू ने अपनी रिकवरी और रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। कोच और सपोर्ट स्टाफ के साथ मिलकर जापानी प्रतिद्वंद्वी के खेल के वीडियो फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। सिंधू की नजरें इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट को जीतकर आगामी एशियाई और विश्व प्रतियोगिताओं के लिए अपनी विश्व रैंकिंग को शीर्ष स्तर पर फिर से स्थापित करने पर हैं।