पहले पार्ट से छोटी होगी रजनीकांत की 'जेलर 2', CBFC ने दिया U/A 16+ सर्टिफिकेट
सुपरस्टार रजनीकांत के प्रशंसकों का इंतजार अब खत्म होने के करीब है। निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी बहुप्रतीक्षित एक्शन-थ्रिलर 'जेलर 2' ने रिलीज से पहले अपनी पहली बड़ी कानूनी व प्रशासनिक बाधा पार कर ली है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म की आधिकारिक स्क्रीनिंग पूरी करने के बाद इसे हरी झंडी दिखा दी है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट से नवाजा है। इस फैसले के साथ ही उन तमाम अटकलों पर भी विराम लग गया है, जिनमें कहा जा रहा था कि फिल्म के खूनी एक्शन और हिंसक दृश्यों के कारण इसे 'A' (एडल्ट्स ओनली) सर्टिफिकेट मिल सकता है।
सेंसर रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रेड पंडितों और फिल्म समीक्षकों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि U/A 16+ रेटिंग मिलने से फिल्म की थियेट्रिकल रीच काफी व्यापक रहेगी। इसका मतलब यह है कि 16 साल से अधिक उम्र के युवा और वयस्क दर्शक इसे सिनेमाघरों में आसानी से देख सकेंगे। रजनीकांत का मास चार्म हमेशा से फैमिली ऑडियंस और युवाओं दोनों को थियेटर्स तक खींचता रहा है, ऐसे में इस सर्टिफिकेट से बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर सकारात्मक असर पड़ने की पूरी उम्मीद है।
पहले पार्ट के मुकाबले कितनी छोटी होगी 'जेलर 2', जानिए सटीक रनटाइम
सर्टिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही 'जेलर 2' का आधिकारिक रनटाइम भी सामने आ चुका है। सीबीएफसी के दस्तावेजों के मुताबिक, फिल्म की कुल अवधि 165 मिनट और 18 सेकंड (लगभग 2 घंटे 45 मिनट 18 सेकंड) तय की गई है। अगर इसकी तुलना साल 2023 में रिलीज हुए पहले पार्ट 'जेलर' से की जाए, तो यह सीक्वल अपने मूल भाग से थोड़ा छोटा होगा। पहले भाग का कुल रनटाइम 168 मिनट और 47 सेकंड (करीब 2 घंटे 48 मिनट 28 सेकंड) था।
इस तरह 'जेलर 2' पहले पार्ट के मुकाबले लगभग तीन मिनट छोटी है। आधुनिक कमर्शियल सिनेमा के दौर में, जहां दर्शक कसी हुई और तेज रफ्तार पटकथा पसंद करते हैं, पौने तीन घंटे का यह समय आदर्श माना जा रहा है। निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार अपनी फिल्मों में डार्क ह्यूमर और स्टाइलिश एक्शन को बेहद सधे हुए अंदाज में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। जानकारों का मानना है कि सीक्वल में सितारों की भारी-भरकम फौज होने के बावजूद रनटाइम को 165 मिनट के दायरे में सीमित रखना एक स्मार्ट फैसला है, जिससे स्क्रीन पर कहानी की रफ्तार कभी धीमी नहीं पड़ेगी।
सेंसर बोर्ड ने चलाए मामूली कट्स, एक्शन और डायलॉग्स में हुए ये बदलाव
सर्टिफिकेशन के दौरान सीबीएफसी की जांच समिति ने फिल्म के कुछ दृश्यों और संवादों पर मामूली आपत्तियां दर्ज कराईं, जिनका समाधान निर्माताओं ने आपसी सहमति से कर लिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सेंसर बोर्ड ने कुछ अत्यधिक हिंसक दृश्यों में खून-खराबे के विजुअल्स को थोड़ा टोन-डाउन (हल्का) करने का सुझाव दिया। इसके अलावा, एक एक्शन सीक्वेंस की लंबाई में मामूली छंटनी की गई और कुछ अनुचित या आपत्तिजनक शब्दों को म्यूट या संशोधित किया गया है।
दिलचस्प बात यह है कि इन सभी बदलावों के बाद फिल्म से मात्र करीब 12 सेकंड का फुटेज हटाया गया है, यानी मूल कहानी या एक्शन कोरियोग्राफी के मूल स्वरूप में कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ है। इसके साथ ही ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने से जुड़ा एक जनहित डिस्क्लेमर भी नियमानुसार जोड़ा गया है। बोर्ड के इन छोटे संशोधनों के बाद फिल्म को सिनेमाई प्रदर्शन के लिए पूरी तरह हरी झंडी मिल चुकी है।
मुथुवेल पांडियन का रौब और सितारों का जमावड़ा, बॉक्स ऑफिस पर सुनामी की तैयारी
'जेलर 2' में थलाइवा रजनीकांत एक बार फिर अपने आइकोनिक किरदार 'टाइगर' मुथुवेल पांडियन के रूप में लौट रहे हैं। पहले पार्ट की ऐतिहासिक सफलता ने इस फ्रेंचाइजी को पूरे देश में लोकप्रिय बना दिया था। सीक्वल में अनिरुद्ध रविचंदर का धमाकेदार बैकग्राउंड स्कोर, बड़े पैमाने पर डिजाइन किए गए सेट्स और कई भाषाओं के दिग्गज अभिनेताओं की मौजूदगी इस फिल्म को साल 2026 की सबसे बड़ी पैन-इंडिया रिलीज में से एक बना रही है।
सन पिक्चर्स के बैनर तले बनी यह फिल्म तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल सहित उत्तर भारत के सिनेमाघरों में एक साथ विशाल स्क्रीन काउंट पर रिलीज की जा रही है। सेंसर प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी होने के बाद अब निर्माताओं का पूरा ध्यान एडवांस बुकिंग और राज्यवार थियेट्रिकल डिस्ट्रीब्यूशन पर केंद्रित है। सिनेमा प्रेमियों के बीच पहले दिन के मॉर्निंग शोज को लेकर जबरदस्त दीवानगी देखी जा रही है और उम्मीद की जा रही है कि यह फिल्म ओपनिंग डे पर ही कई पुराने रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर देगी।