'देश को अगला बांग्लादेश-पाकिस्तान बनाना चाहते हैं', मनोज मुंतशिर ने CJP और अभिजीत दिपके पर साधा तीखा निशाना
नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और तथाकथित 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर प्रस्तावित बड़े आंदोलन से पहले सियासी व बौद्धिक घमासान तेज हो गया है। 10 अक्टूबर को होने वाले इस प्रदर्शन को देखते हुए जहां एक तरफ दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, वहीं दूसरी तरफ मशहूर गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी कर सीजेपी और उनके प्रमुख चेहरे अभिजीत दिपके पर सीधा और तीखा हमला बोला है। मनोज मुंतशिर ने देश के युवाओं (Gen Z और Millennials) को आगाह करते हुए कहा है कि कुछ मौकापरस्त और विदेशी फंडिंग पर चलने वाले लोग छात्रों की ऊर्जा का इस्तेमाल करके भारत को अशांति की आग में झोंकना चाहते हैं और देश को अगला पाकिस्तान और बांग्लादेश बनाने की साजिश रच रहे हैं।
'आस्तीन में छिपे सांपों को पहचानें': मनोज मुंतशिर का युवाओं को सीधा संदेश
मनोज मुंतशिर ने अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर जारी वीडियो की शुरुआत युवाओं को संबोधित करते हुए की। उन्होंने कहा कि आज तक उन्होंने कभी अपने वीडियो में सीधे किसी नेता या संगठन का नाम लेकर बात नहीं की, लेकिन मौजूदा हालात ऐसे बन गए हैं कि चुप रहना देशहित के खिलाफ होगा।
गीतकार ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक और छात्र का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सूचना के अधिकार के तहत युवाओं को यह भी अच्छी तरह जान लेना चाहिए कि उन्हें असल में लीड कौन कर रहा है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अभिजीत दिपके जैसे लोगों के बहकावे में आकर सड़कों पर उतरने से पहले उनके छिपे हुए एजेंडे और नीयत को समझें। मुंतशिर ने दावा किया कि युवाओं की मासूमियत का फायदा उठाकर कुछ लोग उन्हें मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि अपना सियासी उल्लू सीधा कर सकें।
'अभिजीत दिपके अरविंद केजरीवाल की बी-टीम': मुंतशिर का गंभीर आरोप
मनोज मुंतशिर ने सीजेपी और अभिजीत दिपके की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्हें आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल की 'बी-टीम' करार दिया।
उन्होंने कहा कि अभिजीत दिपके को किसी भी राजनीतिक दल या नेता का समर्थन करने की आजादी है, लेकिन उन्हें निष्पक्षता का झूठा ढोंग रचना बंद करना चाहिए। मुंतशिर ने आरोप लगाया कि सीजेपी केवल उन्हीं राज्यों के सरकारी स्कूलों और व्यवस्थाओं का तथाकथित औचक निरीक्षण करती है जहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे विपक्षी शासित राज्यों के स्कूल स्वर्ग बन चुके हैं, जहां की बदहाली पर सीजेपी की जुबान सिल जाती है? मुंतशिर ने कहा कि वे अपने फंडर्स को नाराज नहीं कर सकते, इसलिए चुनिंदा एजेंडा चला रहे हैं।
'तुम्हारी बगावत को अन्ना या जेपी नहीं, चालबाज लोग लीड कर रहे हैं'
मनोज मुंतशिर ने आंदोलन की तुलना देश के ऐतिहासिक जनआंदोलनों से करते हुए बड़ा फर्क स्पष्ट किया।
उन्होंने भावुक लहजे में कहा कि छात्रों को लगता है कि वे देश के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन कड़वी सच्चाई यह है कि इस आंदोलन का नेतृत्व जयप्रकाश नारायण या अन्ना हजारे जैसे निस्वार्थ लोग नहीं कर रहे हैं, बल्कि ऐसे लोग कर रहे हैं जो सत्ता की भूख में अंधे हैं। उन्होंने कहा, 'ये लोग तुम्हारी ताकत और तुम्हारी मासूम बगावत के दम पर भारत को अगला बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान बनाना चाहते हैं। क्या तुम अपने देश को उस बदहाली में देखना चाहते हो?' मुंतशिर ने यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि देश की किसी भी वैज्ञानिक उपलब्धि या सेना के पराक्रम पर इनकी जुबान बंद रहती है, लेकिन देश को नीचा दिखाने का कोई मौका ये नहीं छोड़ते।
'वोट चोरी' के आरोपों पर पलटवार और अपनी विचारधारा पर दी सफाई
चुनावी नतीजों और वोट चोरी के दावों को खारिज करते हुए मनोज मुंतशिर ने पश्चिम बंगाल के चुनावी आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष जीतता है तो ईवीएम और चुनाव आयोग बिल्कुल निष्पक्ष नजर आते हैं, लेकिन हारते ही संस्थाओं को कटघरे में खड़ा कर दिया जाता है।
वीडियो के अंत में अपने झुकाव को लेकर उठने वाले सवालों पर सफाई देते हुए मुंतशिर ने कहा कि वे किसी सरकार या पार्टी के आदमी नहीं हैं, लेकिन उन्होंने कभी खुद के न्यूट्रल होने का पाखंड भी नहीं किया। वे सत्य, सेना और सनातन में विश्वास रखते हैं, इसलिए उनकी वैचारिक सहमति राष्ट्रहित के साथ है। उन्होंने हाथ जोड़कर अपील की कि छात्रों को अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए, न कि ऐसे लोगों के सियासी हथकंडों का शिकार बनना चाहिए जो मुल्क के अमन-चैन को चोट पहुंचाना चाहते हैं।