पंजाब सीएम भगवंत मान के करीबी अमरदीप ग्रेवाल दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में, ₹5 करोड़ के कथित रिश्वत मामले में ED की बड़ी कार्रवाई से गरमाई सियासत

पंजाब सीएम भगवंत मान के करीबी अमरदीप ग्रेवाल दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में, ₹5 करोड़ के कथित रिश्वत मामले में ED की बड़ी कार्रवाई से गरमाई सियासत

पंजाब की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर के रिश्तेदार और पंजाबी फिल्म निर्माता अमरदीप सिंह ग्रेवाल को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर रोक कर हिरासत में ले लिया। केंद्रीय जांच एजेंसी लंबे समय से कथित ₹5 करोड़ के रिश्वत कांड और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में उनकी तलाश कर रही थी। जानकारी के अनुसार, अमरदीप ग्रेवाल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था। जैसे ही वह विदेश यात्रा के सिलसिले में दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, आव्रजन (इमिग्रेशन) अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया और तुरंत ईडी की जांच टीम के हवाले कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद पंजाब से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर LOC के तहत हिरासत में लिए गए अमरदीप ग्रेवाल

जांच एजेंसी से जुड़े आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अमरदीप सिंह ग्रेवाल को कथित ₹5 करोड़ के लेन-देन और रिश्वत मामले में पूछताछ के लिए पहले भी दो बार समन जारी किया गया था। वे निर्धारित तारीखों पर जांच एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हुए थे, जिसके बाद केंद्रीय एजेंसी की सिफारिश पर उनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कराया गया था। शनिवार को जब वह एयरपोर्ट पर पहुंचे, तो सुरक्षा जांच प्रणाली में अलर्ट जारी होते ही उन्हें रोक लिया गया। ईडी के अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लेकर मुख्यालय पहुंचाया, जहां उनसे इस पूरे मामले से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, विदेशी निवेश और कथित रिश्वत के लेन-देन के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। हालांकि, एजेंसी द्वारा औपचारिक गिरफ्तारी और रिमांड को लेकर कानूनी प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि का अभी इंतजार किया जा रहा है।

क्या है ₹5 करोड़ के कथित रिश्वत घोटाले का पूरा मामला?

यह पूरा विवाद पंजाब के अमृतसर में दर्ज एक संवेदनशील आपराधिक मामले की जांच को प्रभावित करने और रफा-दफा कराने के बदले कथित रूप से ₹5 करोड़ की घूस मांगने के आरोपों से जुड़ा है। इस मामले में आरोप लगाए गए थे कि कानूनी कार्रवाई और पुलिस जांच को दबाने के लिए बिचौलियों के जरिए मोटी रकम की सौदेबाजी की गई थी। मामला जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के संज्ञान में आया, तो न्यायिक स्तर पर जांच एजेंसियों की भूमिका और पुलिस की संदिग्ध कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए। इसके बाद अदालत ने मामले में वित्तीय पहलुओं की पड़ताल का जिम्मा केंद्रीय जांच एजेंसियों को सौंपा। ईडी इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या इस रिश्वत के तार किसी संगठित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, हवाला रूट या शेल कंपनियों के जरिए घुमाए गए थे।

कौन हैं अमरदीप सिंह ग्रेवाल और क्या है उनका बैकग्राउंड?

अमरदीप सिंह ग्रेवाल मुख्य रूप से पंजाबी फिल्म उद्योग (पॉलीवुड) में एक प्रमुख फिल्म निर्माता के रूप में जाने जाते हैं। वह 'ईस्ट सनशाइन प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड' नामक प्रोडक्शन बैनर से जुड़े रहे हैं, जिसके तहत 'मौजां ही मौजां' (2023) और 'स्नोमैन' (2022) जैसी बड़ी पंजाबी फिल्मों का निर्माण हुआ है। मनोरंजन जगत में सक्रिय रहने के साथ-साथ उनका नाम राजनीतिक रूप से तब सुर्खियों में आया जब उनका संबंध पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के परिवार से जोड़ा गया। बताया जाता है कि ग्रेवाल मुख्यमंत्री की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान के करीबी रिश्तेदार (साढ़ू) हैं। जांच एजेंसियां अब इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि क्या फिल्मों के विदेशी वितरण, निर्माण और फंडिंग में किसी अवैध पैसे को सफेद करने की कोशिश की गई थी।

सुखपाल खैरा और बिक्रम मजीठिया ने साधा आम आदमी पार्टी पर सीधा निशाना

इस बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आते ही पंजाब के विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर जोरदार हमला बोल दिया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई का ब्योरा साझा करते हुए दावा किया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्रेवाल की पकड़ से कई छिपे हुए राज फाश होंगे। मजीठिया ने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' का दावा करने वाली सरकार के शीर्ष नेतृत्व के नजदीकी लोग ही गंभीर मामलों में बिचौलिये की भूमिका निभा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग दोहराई है।

मुख्यमंत्री परिवार का रुख: आरोपों को बताया पूरी तरह बेबुनियाद

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री परिवार ने इस मामले में नाम घसीटे जाने पर शुरू से ही कड़ा कानूनी और नैतिक रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने इन तमाम आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत, झूठा और राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका या उनके परिवार का किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी, सौदेबाजी या अवैध गतिविधियों से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है। इस संबंध में डॉ. गुरप्रीत कौर ने विपक्षी नेताओं—जिनमें बिक्रम सिंह मजीठिया, हरसिमरत कौर बादल और सुखपाल सिंह खैरा शामिल हैं—के खिलाफ अदालत में आपराधिक मानहानि की शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने बिना किसी सबूत के उनकी छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है।

आगे की कानूनी प्रक्रिया और राजनीतिक प्रभाव

अमरदीप ग्रेवाल से दिल्ली में जारी पूछताछ के बाद जांच एजेंसी अब उनके बैंक खातों, डिजिटल उपकरणों और विदेशी लेन-देन के रिकॉर्ड को खंगाल रही है। यदि पूछताछ के दौरान एजेंसी को मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सुबूत मिलते हैं, तो उन्हें प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की धाराओं के तहत औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर सक्षम अदालत में पेश किया जा सकता है। पंजाब में आगामी विधानसभा उपचुनावों और नगर निगम चुनावों के मद्देनजर यह घटनाक्रम राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है, जहां सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जुबानी जंग और तीखी होने के पूरे आसार हैं।