परविंदर झोटा हत्याकांड पर सीएम भगवंत मान का बड़ा एक्शन: वीडियो संदेश जारी कर दी मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि

परविंदर झोटा हत्याकांड पर सीएम भगवंत मान का बड़ा एक्शन: वीडियो संदेश जारी कर दी मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि

पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की सरेआम गोली मारकर की गई हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर खड़े हो रहे तीखे सवालों के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर सरकार का रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुखद, दर्दनाक और अस्वीकार्य करार देते हुए घोषणा की कि पंजाब पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपित केमिस्ट अश्वनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री ने साफ लफ्जों में कहा कि पंजाब की शांति और नशामुक्त समाज के संकल्प पर हमला करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा।

सीएम मान ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि पुलिस की कार्रवाई सिर्फ गोली चलाने वाले आरोपित तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इस हत्याकांड की जड़ तक जाने के लिए एक गहरी साजिशी जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस यह पड़ताल कर रही है कि आरोपित को हथियार कहां से मिले, उसे किसका संरक्षण हासिल था और क्या इस हत्या के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ बोलने वाले किसी भी नागरिक की आवाज को इस तरह दबाने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती और दोषियों को ऐसी मिसाल बनने लायक सजा दिलवाई जाएगी जिससे भविष्य में कोई कानून हाथ में लेने की हिम्मत न करे।

फेसबुक लाइव के दौरान हुआ था हमला, मानसा की सड़कों पर फूटा जनआक्रोश

यह खौफनाक वारदात मानसा शहर के एक मुख्य बाजार में उस समय घटी जब परविंदर सिंह झोटा एक मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित नशीली गोलियों की अवैध बिक्री का विरोध करने पहुंचे थे। झोटा इस पूरी घटना और बहस को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लाइव स्ट्रीम कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज के अनुसार, बातचीत के दौरान जब झोटा ने दवा विक्रेता से नशीले पदार्थों की बिक्री को लेकर सवाल-जवाब किए, तो विवाद बढ़ गया। इसी बीच मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार ने पिस्तौल निकाल ली। इसके बाद चली अंधाधुंध गोलियों में झोटा गंभीर रूप से घायल हो गए और पास की एक दुकान के बाहर लहूलुहान होकर गिर पड़े।

उन्हें आनन-फानन में मानसा के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हमले में झोटा के साथ मौजूद अन्य साथी भी छर्रे और गोली लगने से घायल हुए। घटना की खबर फैलते ही पूरे मालवा क्षेत्र में जबरदस्त तनाव फैल गया। मानसा में स्थानीय व्यापारियों, किसानों और आम नागरिकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और बरनाला-सिरसा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल परिसर और घटनास्थल के आसपास जोरदार प्रदर्शन किया और मांग रखी कि जब तक सभी साजिशकर्ताओं को पकड़ा नहीं जाता और परिवार को सुरक्षा नहीं दी जाती, वे शांत नहीं बैठेंगे।

पंजाब पुलिस का त्वरित एक्शन: सीमा पार भाग रहे आरोपित को दबोचा

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों ने त्वरित नाकाबंदी और तकनीकी निगरानी शुरू की। वारदात को अंजाम देकर फरार हुआ मुख्य आरोपित अश्वनी कुमार पंजाब की सीमा लांघकर राजस्थान के सालासर क्षेत्र में छिपने की फिराक में था। पंजाब पुलिस की विशेष काउंटर-इंटेलिजेंस और मानसा पुलिस की संयुक्त टीमों ने चौबीस घंटे के भीतर लोकेशन ट्रैक कर आरोपित को धर दबोचा। पुलिस अब आरोपित को ट्रांजिट रिमांड पर पंजाब लाकर उससे पूछताछ करने और वारदात में इस्तेमाल अवैध हथियार की बरामदगी में जुटी है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस बल के त्वरित एक्शन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य पुलिस ने सीमाओं की परवाह किए बिना पेशेवर तरीके से आरोपित को कानून की गिरफ्त में लिया है। इसके साथ ही आरोपित को भागने में मदद करने वाले उसके कुछ रिश्तेदारों और संदिग्ध संपर्कों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध को अंजाम देने वालों के साथ-साथ उन्हें पनाह देने वाले लोग भी कानूनन समान रूप से दोषी माने जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने बुलाई सभी डीसी और एसएसपी की आपात बैठक, दिए सख्त निर्देश

झोटा हत्याकांड के तुरंत बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों (DCs) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (SSPs) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में राज्य की समग्र कानून-व्यवस्था और नशा विरोधी अभियान 'युद्ध नशियां विरुद्ध' की जमीनी स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी पुलिस कप्तानों को दो टूक हिदायत दी कि किसी भी इलाके में प्रतिबंधित दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोरों, केमिस्ट माफिया और सिंथेटिक चिट्टा सप्लायरों पर बिना किसी राजनीतिक दबाव के सीधे बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई की जाए।

सीएम मान ने प्रशासनिक अमले को आदेश दिया कि स्वास्थ्य विभाग की ड्रग इंस्पेक्टर्स टीमों और स्थानीय पुलिस की संयुक्त निगरानी टास्क फोर्स बनाकर हर जिले के मेडिकल स्टोरों का व्यापक ऑडिट किया जाए। यदि किसी दुकान पर डॉक्टर की पर्ची के बिना प्रतिबंधित हैबिट-फॉर्मिंग दवाएं या नशीले कैप्सूल पाए जाते हैं, तो दुकान का लाइसेंस तुरंत रद्द कर सीलिंग की कार्रवाई की जाए और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज हो। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध नशीली दवाओं की बिक्री की शिकायत बार-बार मिलती है, तो संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी (SHO) और डीएसपी की जवाबदेही तय की जाएगी।

पंजाब में सियासत गरमाई, विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

परविंदर झोटा की दिनदहाड़े हत्या के बाद पंजाब का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। विपक्षी दलों ने इस घटना को आधार बनाकर मान सरकार की कानून-व्यवस्था नीति पर कड़े प्रहार किए हैं। शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने राज्य में कानून के इकबाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जो लोग ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, वे खुद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि नशा विरोधी अभियानों के दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर सिंडिकेट सक्रिय हैं।

दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी और सरकार के प्रवक्ताओं ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष इस दुखद मानवीय त्रासदी पर सस्ती राजनीति कर रहा है। सरकार का तर्क है कि झोटा हत्याकांड में पुलिस ने रिकॉर्ड समय में मुख्य हमलावर को सलाखों के पीछे भेजकर अपनी निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा साबित की है। सरकार ने दोहराया कि नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए पुलिस अभियान पूरी गति से जारी रहेगा और किसी भी दबाव के आगे झुके बिना कानून का राज कायम रखा जाएगा।

नशामुक्त पंजाब का संकल्प और नागरिक सुरक्षा की गारंटी

परविंदर झोटा पंजाब में बीते कुछ वर्षों से सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर नशा विरोधी मुहिम की एक जानी-पहचानी आवाज बन चुके थे। उन्होंने कई गांवों में पंचायतों को लामबंद कर नशा बिक्री के खिलाफ प्रस्ताव पारित करवाने में भूमिका निभाई थी। उनकी हत्या से समाज के उस जागरूक तबके में भारी रोष है जो पंजाब की जवानी को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए जमीनी लड़ाई लड़ रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन के अंत में जनता को भरोसा दिलाया कि सरकार समाज के ऐसे जागरूक नागरिकों की हिफाजत के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। उन्होंने पंजाब के युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए विश्वास दिलाया कि मामले में त्वरित चार्जशीट दाखिल कर फास्ट-ट्रैक अदालत में सुनवाई करवाई जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।