दिवाली के लिए भरा ₹1 करोड़ से अधिक का माल जलकर राख, मची अफरा-तफरी

दिवाली के लिए भरा ₹1 करोड़ से अधिक का माल जलकर राख, मची अफरा-तफरी

पंजाब के रूपनगर शहर में दिवाली और आगामी त्योहारी सीजन की खुशियों के बीच एक अत्यंत हृदयविदारक और आर्थिक तबाही मचाने वाला हादसा सामने आया है। शहर के सबसे व्यस्त और मुख्य व्यावसायिक केंद्र मेन बाजार स्थित 'सिंगला हैंडलूम वर्ल्ड' के बड़े गोदाम में शुक्रवार तड़के अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की विकराल लपटों ने पूरे गोदाम को अपनी आगोश में ले लिया और अंदर रखा करोड़ों रुपये का नया माल जलकर खाक हो गया। त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए दुकानदार द्वारा हाल ही में मंगवाया गया तिरपाल, प्लास्टिक मैट, फैंसी पर्दे, बेडशीट और अन्य हैंडलूम उत्पादों का भारी स्टॉक आग की भेंट चढ़ गया। प्रारंभिक वित्तीय आकलन के मुताबिक, इस अप्रत्याशित अग्निकांड में पीड़ित कारोबारी को 1 करोड़ रुपये से अधिक का सीधा नुकसान हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया और व्यापारियों का हुजूम मौके पर उमड़ पड़ा।

तड़के दो बजे खाटू श्याम मंदिर के पास भड़कीं लपटें: आसमान छूता धुआं देख उड़े होश

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक अग्निकांड शुक्रवार तड़के करीब दो बजे रूपनगर के मेन बाजार में स्थित प्रसिद्ध श्री खाटू श्याम मंदिर के पास बने सिंगला हैंडलूम वर्ल्ड स्टोर के गोदाम में घटा। आधी रात के सन्नाटे में जब पूरा बाजार बंद था, तभी बंद गोदाम के शटर और रोशनदानों से काला घना धुआं और आग की लपटें बाहर निकलने लगीं। रास्ते से गुजर रहे एक सजग राहगीर ने जब गोदाम से आग की लपटें उठती देखीं, तो उसने बिना समय गंवाए तत्काल फोन करके दुकान के मालिक प्रवीण को इस अनहोनी की जानकारी दी। खबर मिलते ही प्रवीण और उनके परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग ने पूरे गोदाम को अपने शिकंजे में ले लिया था और अंदर रखा सामान धू-धू कर जल रहा था। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए फौरन रूपनगर दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) और स्थानीय पुलिस को आपातकालीन सूचना दी गई।

शॉर्ट सर्किट की आशंका ने छीनी व्यापारी की पूंजी: दिवाली पर बिक्री के लिए भरा था नया स्टॉक

पीड़ित व्यापारी प्रवीण ने रुंधे गले से अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि गोदाम के भीतर रखा लगभग शत-प्रतिशत सामान जलकर कोयला बन चुका है। उन्होंने बताया कि धनतेरस और दिवाली के महापर्व के मद्देनजर ग्राहकों की भारी मांग को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कुछ ही दिन पहले लाखों रुपये का कर्ज और जमा पूंजी लगाकर भारी मात्रा में नया माल मंगाया था। पूरे गोदाम में उच्च गुणवत्ता वाले पर्दे, कालीन, सोफा कवर, गद्दे, रजाई और तिरपाल के बंडल खचाखच भरे हुए थे। प्राथमिक जांच और स्थानीय लोगों के अनुमान के मुताबिक, आग लगने का मुख्य कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक तकनीकी कारणों की पुष्टि दमकल विभाग और फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। व्यापारी ने बताया कि इस आग ने न केवल उनकी वर्षों की मेहनत और पूंजी को एक झटके में राख के ढेर में बदल दिया, बल्कि पूरे परिवार को गहरे आर्थिक संकट में धकेल दिया है।

7 घंटे तक दमकल कर्मियों की मैराथन मशक्कत: ज्वलनशील कपड़ों के कारण आग बुझाने में भारी चुनौती

आग लगने की सूचना मिलते ही रूपनगर दमकल केंद्र से एक के बाद एक कई दमकल गाड़ियां सायरन बजाते हुए घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। तंग बाजार और संकरी गलियों के चलते भारी फायर टेंडरों को गोदाम के ठीक सामने तक ले जाने में दमकल कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चूंकि गोदाम के भीतर कपड़ा, रेक्सिन, प्लास्टिक, फोम और सिंथेटिक तिरपाल जैसी अत्यधिक ज्वलनशील सामग्रियां मौजूद थीं, इसलिए आग बार-बार सुलग रही थी और पानी की बौछारों के बीच जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल रहा था। फायर ब्रिगेड की टीमों ने गोदाम की दीवारों और शटरों को काटकर वेंटिलेशन बनाया और लगातार पानी की बौछारें कीं। सुबह करीब नौ बजे यानी लगभग सात घंटे से अधिक की कड़ी मशक्कत और मैराथन प्रयासों के बाद जाकर आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक अंदर केवल राख और लोहे के जले हुए एंगल ही बचे थे।

व्यापार मंडल ने उठाई आर्थिक मुआवजे की मांग: प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने की अपील

रूपनगर में हुए इस बड़े अग्निकांड के बाद स्थानीय व्यापार मंडल में गहरा रोष और चिंता की लहर दौड़ गई है। व्यापार मंडल के प्रधान परविंदर पाल सिंह बिंटा अन्य व्यापारियों के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित दुकानदार प्रवीण को ढांढस बंधाया। बिंटा ने कहा कि त्योहारों के इस अहम कारोबारी सीजन में किसी व्यापारी के साथ ऐसा भयानक हादसा होना बेहद दुखद और अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि एक करोड़ रुपये से अधिक का स्टॉक जलने से व्यापारी की कमर टूट गई है। व्यापार मंडल के प्रधान ने जिला प्रशासन, उपायुक्त और पंजाब सरकार से पुरजोर मांग की है कि राजस्व अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित कर तुरंत मौके पर नुकसान का निष्पक्ष भौतिक सत्यापन (सर्वे) कराया जाए और पीड़ित परिवार को बिना किसी प्रशासनिक देरी के विशेष आपदा राहत कोष से उचित आर्थिक सहायता और बीमा क्लेम की भरपाई सुनिश्चित कराई जाए ताकि वह अपने कारोबार को फिर से खड़ा कर सके।