4 शतक और 3 ऐतिहासिक जीत: IND vs WI सीरीज में टीम इंडिया का सबसे बड़ा सिरदर्द बने शे होप

4 शतक और 3 ऐतिहासिक जीत: IND vs WI सीरीज में टीम इंडिया का सबसे बड़ा सिरदर्द बने शे होप

भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही पांच मैचों की रोमांचक टी20 सीरीज अब 2-2 की बराबरी पर आकर खड़ी हो गई है। सीरीज की शुरुआत में जब भारतीय टीम ने पहले मुकाबले में एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की थी, तब शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि वेस्टइंडीज की टीम इतनी जोरदार वापसी करेगी। लेकिन मेहमान टीम ने न केवल मुकाबले में वापसी की, बल्कि भारतीय गेंदबाजों के सामने एक ऐसा अभेद्य किला खड़ा कर दिया है जिसकी काट टीम इंडिया मैनेजमेंट अब तक नहीं ढूंढ सका है। इस पूरे दौरे पर अगर किसी एक खिलाड़ी ने दोनों टीमों के बीच जीत और हार की लकीर खींची है, तो वह हैं वेस्टइंडीज के कप्तान शे होप। वनडे सीरीज से लेकर टी20 सीरीज तक होप का बल्ला भारतीय जमीन पर आग उगल रहा है। इस दौरे में अब तक 4 शतक ठोक चुके कैरेबियाई कप्तान ने यह साबित कर दिया है कि जब-जब उनका बल्ला चलता है, वेस्टइंडीज मैदान मार लेती है। अब शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले 5वें और निर्णायक टी20 मुकाबले में एक बार फिर सारा दारोमदार इसी बात पर टिका होगा कि भारतीय गेंदबाज शे होप को कितनी जल्दी पवेलियन भेज पाते हैं।

'4 शतक, 3 जीत': वेस्टइंडीज की हर कामयाबी में होप ही बने 'मैन ऑफ द मैच'

शे होप के इस भारत दौरे के आंकड़े किसी भी बल्लेबाज के लिए किसी सपने से कम नहीं हैं। उन्होंने वनडे और टी20 दोनों ही प्रारूपों में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बेबस कर दिया है। दौरे पर होप के चार शतकों का सफर 30 सितंबर को गुवाहाटी वनडे में 104 रनों की पारी से शुरू हुआ था। इसके बाद 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में खेले गए तीसरे वनडे में उन्होंने नाबाद 162 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर 352 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल करवाया। टी20 सीरीज में भी उनका यह प्रचंड फॉर्म जारी रहा; रांची में दूसरे टी20 में उन्होंने नाबाद 102 रन जड़कर 250 रनों का रिकॉर्ड चेज पूरा कराया और फिर हैदराबाद में चौथे टी20 में 50 गेंदों पर नाबाद 102 रनों की आतिशी पारी खेलकर टीम का स्कोर 247/3 तक पहुंचा दिया। सबसे दिलचस्प और निर्णायक तथ्य यह है कि इस पूरे दौरे पर वेस्टइंडीज को जो 3 मुकाबले (तीसरा वनडे, दूसरा टी20 और चौथा टी20) जीतने में कामयाबी मिली है, उन तीनों ही मैचों में शे होप ही 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए हैं। यानी जब भी होप ने शतक बनाया, वेस्टइंडीज ने भारत को शिकस्त दी, जिससे साफ जाहिर है कि वे सीधे तौर पर परिणाम को बदलने वाले सबसे बड़े एक्स-फैक्टर हैं।

क्रिस गेल को पछाड़ा, भारत के खिलाफ टी20 में बनाया छक्कों का वर्ल्ड रिकॉर्ड

हैदराबाद में खेले गए चौथे टी20 में शे होप ने न केवल अपनी टीम को जीत दिलाई, बल्कि कई बड़े कीर्तिमान भी अपने नाम कर लिए। 50 गेंदों में 4 चौके और 9 गगनचुंबी छक्कों की मदद से बनाया गया यह शतक टी20 इंटरनेशनल में उनका तीसरा शतक था। इसके साथ ही वे वेस्टइंडीज के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा 3 शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए और उन्होंने 'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल और एविन लुईस (दो-दो शतक) का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इतना ही नहीं, होप भारत के खिलाफ एक ही टी20 द्विपक्षीय सीरीज में दो शतक लगाने वाले दुनिया के पहले कप्तान बन गए हैं। सीरीज के दौरान अब तक 20 छक्के जड़कर उन्होंने इंग्लैंड के हैरी ब्रूक (15 छक्के) का रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए भारत के खिलाफ किसी एक टी20 सीरीज में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने खाते में दर्ज करा लिया है। इसी पारी के दौरान उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में अपने 2000 रन भी पूरे किए।

नियंत्रण और विस्फोटक आक्रामकता का अनोखा संगम, बेबस नजर आए गेंदबाज

शे होप की बल्लेबाजी की सबसे खतरनाक बात यह है कि वे सिर्फ ब्लाइंड हिटिंग या अंधाधुंध बल्ला नहीं चला रहे, बल्कि उनकी बैटिंग में क्लासिकल तकनीक और पावर-गेम का अद्भुत तालमेल देखने को मिल रहा है। हैदराबाद में खेली गई शतकीय पारी में उनका कंट्रोल प्रतिशत 92 फीसदी रहा, जो टी20 क्रिकेट में बेहद दुर्लभ माना जाता है। फ्रंट फुट को हल्का सा हटाकर सीधे बल्ले से सामने या काउ-कॉर्नर की दिशा में बड़े छक्के लगाना उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है। पहले 25-30 गेंदों में वे संभलकर पारी को गति देते हैं और जैसे ही उनकी नजरें जम जाती हैं, वे अंतिम ओवर्स में 200 से अधिक के स्ट्राइक रेट से गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा देते हैं। भारतीय टीम के कप्तान संजू सैमसन ने भी मैच के बाद खुले तौर पर माना कि होप जिस नियंत्रण के साथ बल्लेबाजी कर रहे हैं, उसने गेंदबाजों के लिए सही लेंथ तलाशना मुश्किल कर दिया है।

बेंगलुरु में 5वां टी20: क्या चिन्नास्वामी की छोटी बाउंड्रीज पर टीम इंडिया निकाल पाएगी होप का तोड़?

सीरीज का पांचवां और अंतिम मुकाबला शनिवार को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है, जो अपनी छोटी बाउंड्रीज और पाटा विकेट के लिए दुनियाभर में मशहूर है। ऐसे बैटिंग पैराडाइज मैदान पर इन-फॉर्म शे होप को रोकना भारतीय तेज गेंदबाजों—अर्शदीप सिंह, मयंक यादव और स्पिनर अक्षर पटेल—के लिए करो या मरो जैसी चुनौती होगी। आंकड़ों से साफ है कि यदि भारतीय टीम पावरप्ले के भीतर नई गेंद से शे होप को सस्ते में आउट करने में कामयाब हो जाती है, तो वेस्टइंडीज का मध्यक्रम दबाव में बिखर सकता है। लेकिन अगर होप क्रीज पर 30 से 40 गेंदें टिक गए, तो वे एक बार फिर मैच को भारत की पहुंच से बहुत दूर ले जाएंगे। यही वजह है कि 17 अक्टूबर के खिताबी मुकाबले में पूरी दुनिया की नजरें शे होप बनाम भारतीय गेंदबाजी के शुरुआती 6 ओवरों के महामुकाबले पर टिकी होंगी।