वेस्टइंडीज के खिलाफ गेंदबाजों ने लुटाए 247 रन, फिर भी कप्तान संजू सैमसन ने किया बचाव

वेस्टइंडीज के खिलाफ गेंदबाजों ने लुटाए 247 रन, फिर भी कप्तान संजू सैमसन ने किया बचाव

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए हाई-स्कोरिंग टी-20 मुकाबले में भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की जमकर धुनाई हुई। कैरेबियाई बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की गेंदों पर चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 247 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। मैदान पर चारों तरफ बाउंड्रीज की झड़ी लगने और गेंदबाजों के लगातार महंगे साबित होने के बाद सोशल मीडिया और खेल पंडितों की ओर से भारतीय गेंदबाजी लाइन-अप पर तीखे सवाल दागे जाने लगे। हालांकि, मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बातचीत करते हुए टीम के कप्तान संजू सैमसन ने अपने गेंदबाजों पर किसी भी तरह का दोष मढ़ने से साफ इनकार कर दिया। सैमसन ने बेहद शांत और सकारात्मक अंदाज में अपने तेज गेंदबाजों और स्पिनरों का खुलकर बचाव किया और दर्शकों व समीक्षकों को समझाया कि टी-20 क्रिकेट के इस आधुनिक दौर में केवल स्कोरकार्ड देखकर गेंदबाजों का आकलन करना पूरी तरह गलत है।

'यह पूरी तरह बैटिंग पैराडाइज था': पिच और मैदान की परिस्थितियों का दिया हवाला

संजू सैमसन ने पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन के दौरान स्पष्ट किया कि जिस सतह पर मुकाबला खेला गया, वह गेंदबाजों के लिए किसी कब्रगाह से कम नहीं थी। पिच पर घास का नामोनिशान नहीं था और गेंद बल्ले पर इतनी सहजता से आ रही थी कि किसी भी गेंदबाज के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची थी। इसके साथ ही मैदान की छोटी बाउंड्रीज और आउटफील्ड की तेज गति ने बल्लेबाजों के काम को बेहद आसान बना दिया था। सैमसन ने कहा, "जब आप कैरेबियन बल्लेबाजों के सामने पूरी तरह पाटा (फ्लैट) विकेट पर गेंदबाजी कर रहे हों, तो वहां 220 से 230 रन बनना एक सामान्य बात है। वेस्टइंडीज की टीम में नंबर 8 और 9 तक ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो अपनी पहली ही गेंद से स्टैंड्स में छक्का जड़ने का दम रखते हैं। ऐसे में अगर हमारे गेंदबाजों ने कुछ रन ज्यादा दे दिए, तो हमें परिस्थितियों और पिच के मिजाज को भी ध्यान में रखना होगा।"

दूसरी पारी में भारी ओस और गीली गेंद से ग्रिपिंग का बड़ा संकट

भारतीय गेंदबाजों के महंगे साबित होने के पीछे संजू सैमसन ने रात के समय गिरने वाली भारी ओस (Dew Factor) को भी एक मुख्य कारण बताया। सैमसन ने विस्तार से बताया कि खेल के आगे बढ़ने के साथ ही मैदान पर ओस इतनी अधिक गिर चुकी थी कि गेंद साबुन की तरह फिसल रही थी। ऐसे में स्पिनरों के लिए गेंद को टर्न कराना या सीम गेंदबाजों के लिए सटीक यॉर्कर फेंकना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था। जब गेंद हाथ से सही तरीके से रिलीज ही न हो पाए, तो सटीक लाइन-लेंथ बरकरार रखना दुनिया के किसी भी गेंदबाज के लिए असंभव सा हो जाता है। सैमसन के मुताबिक, ऐसी विपरीत परिस्थितियों में भी युवा गेंदबाजों ने कई मौकों पर वेस्टइंडीज के बड़े हिटर जैसे निकोलस पूरन और आंद्रे रसेल के सामने विविधताएं आजमाने की कोशिश की, जो उनके साहसिक जज्बे को दिखाता है।

'गेंदबाजों के आत्मविश्वास को टूटने नहीं दे सकते': ड्रेसिंग रूम के माहौल पर बोले कप्तान

एक कप्तान के तौर पर अपनी भूमिका को रेखांकित करते हुए संजू सैमसन ने कहा कि जब टीम 240 से ज्यादा रन खर्च करती है, तो गेंदबाजों का मनोबल सबसे पहले गिरता है। एक मजबूत टीम कल्चर वही होता है जहां खराब दिनों में खिलाड़ियों को अकेला छोड़ने के बजाय उनका समर्थन किया जाए। सैमसन ने कहा, "हम जीतते भी साथ हैं और हारते भी साथ हैं। यह वही गेंदबाजी इकाई है जिसने पिछले कई मुकाबलों में हमें शानदार जीत दिलाई है और कम स्कोर का भी सफलतापूर्वक बचाव किया है। सिर्फ एक मैच में हालात विपरीत होने पर हम उंगलियां नहीं उठा सकते। हमारा काम ड्रेसिंग रूम में अपने खिलाड़ियों का हौसला बनाए रखना है ताकि वे अगली बार मैदान पर उतरें तो बिना किसी हिचकिचाहट और डर के अपनी स्वाभाविक योजना को लागू कर सकें।"

आने वाले मुकाबलों के लिए डेथ ओवर्स और प्लान-बी पर होगा काम

भले ही सैमसन ने अपने गेंदबाजों की पैरवी की हो, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि टीम को दबाव भरे पलों में अपनी रणनीति (Plan-B) को और धारदार बनाना होगा। खासकर डेथ ओवर्स में जब बल्लेबाज पहले से ही रूम बनाकर प्रहार करने की फिराक में हों, तो वाइड यॉर्कर्स, धीमी गति की बाउंसर और स्टंप्स पर सटीक लेंथ का सही समय पर इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। सैमसन ने भरोसा जताया कि गेंदबाजी कोच और पूरी टीम मैनेजमेंट बैठकर मैच के वीडियो फुटेज का बारीकी से विश्लेषण करेगी और अगले मैच से पहले उन छोटी-छोटी चूकों को दुरुस्त कर लिया जाएगा ताकि विरोधी टीम को एक बार फिर इस तरह खुलकर खेलने की छूट न मिले।