न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया खेल सकती है प्रैक्टिस मैच: शुभमन गिल और जसप्रीत बुमराह भी होंगे शामिल?

न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया खेल सकती है प्रैक्टिस मैच: शुभमन गिल और जसप्रीत बुमराह भी होंगे शामिल?

भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी न्यूजीलैंड दौरे को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस महीने के अंत में कीवी सरजमीं पर शुरू होने वाले लंबे और चुनौतीपूर्ण द्विपक्षीय दौरे में टीम इंडिया टेस्ट सीरीज के आगाज से ठीक पहले एक अभ्यास मुकाबला (प्रैक्टिस मैच) खेल सकती है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम मैनेजमेंट इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं कि टेस्ट प्रारूप के प्रमुख खिलाड़ियों को परिस्थितियों में ढलने के लिए लाल गेंद से पर्याप्त मैच अभ्यास मुहैया कराया जाए। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल की रेस में बने रहने के लिए न्यूजीलैंड के खिलाफ यह दो मैचों की टेस्ट सीरीज बेहद निर्णायक मानी जा रही है, यही वजह है कि टीम प्रबंधन तैयारियों में किसी भी तरह की कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहता है।

गिल और बुमराह को वनडे से ब्रेक देकर रेड-बॉल की तैयारी में लगाने का प्लान

इस पूरे रोडमैप में सबसे अहम सवाल कप्तान शुभमन गिल और दुनिया के नंबर-1 तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की मौजूदगी को लेकर है। सूत्रों के अनुसार, गिल और बुमराह दोनों को ही इस अभ्यास मैच में खेलने का मौका मिल सकता है। भारतीय टीम का यह विदेशी दौरा शेड्यूल के लिहाज से बेहद थकाऊ और व्यस्त है। दौरे की शुरुआत पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज से हो रही है, जिसके तुरंत बाद पांच मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। वनडे सीरीज का अंतिम मुकाबला 15 नवंबर को खेला जाना है, जबकि पहले टेस्ट की शुरुआत 19 नवंबर को वेलिंगटन के बेसिन रिजर्व मैदान पर होगी। वनडे और टेस्ट सीरीज के बीच महज तीन दिन का फासला होने के चलते वर्कलोड मैनेजमेंट सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। इसी को देखते हुए यह रणनीति बनाई गई है कि गिल, बुमराह, केएल राहुल और मोहम्मद सिराज जैसे टेस्ट के कोर खिलाड़ियों को वनडे सीरीज के आखिरी दो मैचों से विश्राम दिया जाए। इससे वे सीधे टेस्ट दल के साथ जुड़कर स्थानीय परिस्थितियों में रेड-बॉल क्रिकेट का वार्म-अप मैच खेल सकें।

न्यूजीलैंड की सीमिंग और उछाल भरी पिचों पर अभ्यास की अनिवार्य जरूरत

न्यूजीलैंड की परिस्थितियां एशियाई उपमहाद्वीप के बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए हमेशा से एक कठिन परीक्षा साबित होती रही हैं। वेलिंगटन और क्राइस्टचर्च की तेज हवाएं, पिच पर मौजूद हरी घास और नई ड्यूक व कूकाबुरा गेंद का अप्रत्याशित स्विंग किसी भी मजबूत बल्लेबाजी क्रम की नींव हिला सकता है। भारतीय टीम को अतीत में न्यूजीलैंड दौरे पर पहले टेस्ट के शुरुआती सत्रों में स्विंग और सीम मूवमेंट को समझने में संघर्ष करना पड़ा है। ऐसे में बिना किसी अभ्यास मैच के सीधे अंतरराष्ट्रीय टेस्ट में उतरना भारतीय टॉप-ऑर्डर के लिए जोखिम भरा हो सकता है। हेड कोच गौतम गंभीर और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल का मानना है कि सेंटर विकेट पर दो या तीन दिन का मैच सिमुलेशन या अभ्यास मुकाबला खेलने से बल्लेबाजों को गेंद के लेट मूवमेंट और अतिरिक्त बाउंस से सामंजस्य बैठाने में सीधी मदद मिलेगी।

2024 की घरेलू टेस्ट हार से मिला कड़ा सबक और नई रणनीति

बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट के इस एहतियाती कदम के पीछे 2024 में घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली अप्रत्याशित 0-3 की टेस्ट हार का सबक भी शामिल है। उस टेस्ट सीरीज में कीवी स्पिनरों और तेज गेंदबाजों ने भारतीय पिचों पर टीम इंडिया को हर विभाग में पछाड़ दिया था। अब जब भारतीय टीम न्यूजीलैंड के घर में जाकर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने जा रही है, तो दबाव पूरी तरह भारत पर होगा। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में शीर्ष दो स्थानों पर बने रहने और फाइनल का टिकट पक्का करने के लिए भारत को यह सीरीज हर हाल में 2-0 के अंतर से जीतनी होगी। इसी कड़े समीकरण को ध्यान में रखते हुए टीम मैनेजमेंट ने तय किया है कि टेस्ट विशेषज्ञ खिलाड़ियों को केवल नेट्स में पसीना बहाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें मैच जैसी प्रतिस्पर्धी परिस्थितियों में उतारकर परखा जाएगा।

इंडिया-ए या लोकल कीवी इलेवन के खिलाफ हो सकता है मुकाबला

तैयारियों के खाके के मुताबिक, भारतीय टीम यह अभ्यास मुकाबला न्यूजीलैंड-ए या फिर स्थानीय न्यूजीलैण्ड एकादश के खिलाफ खेल सकती है। इसके साथ ही एक अन्य विकल्प यह भी है कि न्यूजीलैंड में पहले से मौजूद इंडिया-ए टीम के खिलाड़ियों और सीनियर टेस्ट टीम के खिलाड़ियों को मिलाकर एक इंट्रा-स्क्वाड तीन-दिवसीय मैच आयोजित कराया जाए। इंडिया-ए की टीम भी उसी दौरान न्यूजीलैंड में प्रथम श्रेणी मैचों की सीरीज खेलने के लिए मौजूद रहेगी। इससे चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट को रिजर्व खिलाड़ियों की फिटनेस और फॉर्म को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। साथ ही लंबे प्रारूप में फील्डिंग, तेज गेंदबाजों के 15-20 ओवर के लंबे स्पैल और बल्लेबाजों के क्रीज पर घंटों टिके रहने के धैर्य की असली परीक्षा भी इस मुकाबले के दौरान हो सकेगी।

गौतम गंभीर और मोर्ने मोर्कल का टेस्ट ग्रुप पर विशेष फोकस

सफेद गेंद और लाल गेंद के प्रारूपों के बीच संतुलन साधने के लिए कोचिंग स्टाफ की जिम्मेदारियां भी बांटी जा सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सीमित ओवरों की सीरीज के अंतिम चरण में जहां मुख्य कोचिंग स्टाफ का कुछ हिस्सा वनडे टीम के साथ रहेगा, वहीं हेड कोच गौतम गंभीर और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल समय से पहले टेस्ट टीम के विशेषज्ञ दल के साथ जुड़ सकते हैं। इस टेस्ट ग्रुप में शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह, यशस्वी जायसवाल और अन्य प्रमुख खिलाड़ी शामिल होंगे। मोर्ने मोर्कल विशेष रूप से बुमराह और मोहम्मद सिराज के गेंदबाजी वर्कलोड की निगरानी करेंगे, ताकि वे टेस्ट सीरीज के पहले ही दिन से पूरी रफ्तार और फिटनेस के साथ मैदान में उतर सकें। गिल के लिए कप्तान के तौर पर विदेशी धरती पर यह पहला बड़ा टेस्ट इम्तिहान होगा, और वे अभ्यास मैच के जरिए अपने रणनीतिक फैसलों और फील्ड प्लेसमेंट को पुख्ता करना चाहेंगे।

भारतीय फैंस की निगाहें और टेस्ट स्क्वाड का आगामी रोडमैप

भारतीय क्रिकेट प्रशंसक इस दौरे को लेकर बेहद उत्साहित हैं, क्योंकि न्यूजीलैंड की धरती पर टीम इंडिया की यह टेस्ट चुनौती साल 2026 के सबसे बड़े क्रिकेट आयोजनों में से एक है। अभ्यास मैच के आयोजन की आधिकारिक घोषणा बीसीसीआई और न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड के बीच बातचीत के अंतिम दौर के बाद जल्द होने की उम्मीद है। यदि यह अभ्यास मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होता है, तो शुभमन गिल और जसप्रीत बुमराह की अगुआई में भारतीय टेस्ट दल 19 नवंबर के वेलिंगटन टेस्ट से पहले खुद को हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार कर चुका होगा।