'अखिलेश ने आजम को जेल भिजवाया, अब मिलने जाना केवल चुनावी जुमला'; ओपी राजभर का सपा प्रमुख पर बड़ा सियासी हमला

'अखिलेश ने आजम को जेल भिजवाया, अब मिलने जाना केवल चुनावी जुमला'; ओपी राजभर का सपा प्रमुख पर बड़ा सियासी हमला

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के रामपुर जिला जेल पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान से मुलाकात करने के कदम ने उत्तर प्रदेश के सियासी पारे को चढ़ा दिया है। करीब एक साल से अधिक के अंतराल के बाद दोनों नेताओं के बीच जेल की सलाखों के पीछे हुई इस बैठक को आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट रखने की सपा की बड़ी कवायद के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस मुलाकात पर सत्ता पक्ष और विरोधी दलों ने तीखे हमले शुरू कर दिए हैं। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर सीधा निशाना साधते हुए इसे सिर्फ 'चुनावी जुमला' करार दिया है।

'अखिलेश ने ही आजम को जेल भिजवाया': ओपी राजभर का सनसनीखेज आरोप

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए दावा किया कि आजम खान को जेल भिजवाने के पीछे असल में अखिलेश यादव और उनकी सरकार की नीतियां ही जिम्मेदार थीं। राजभर ने कहा, "अखिलेश यादव की सरकार के दौरान जो गलत काम किए गए, उसी के चलते आज आजम खान जेल में सजा काट रहे हैं। इतने लंबे समय से आजम खान जेल में बंद थे, तब अखिलेश यादव को उनकी सुध लेने की फुर्सत क्यों नहीं मिली? अब जब चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तो वे आजम खान के नाम पर सहानुभूति बटोरने और अल्पसंख्यकों को गुमराह करने के लिए रामपुर पहुंच गए हैं।"

'अब दरी नहीं बिछाएगा मुसलमान, मुस्लिम सीएम घोषित करें अखिलेश'

ओपी राजभर ने मुस्लिम राजनीति पर सपा के रुख को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अखिलेश यादव आजम खान के जरिए केवल मुस्लिम वोट हासिल करने की पुरानी चाल चल रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "मुसलमानों ने बहुत दिनों तक राजनीतिक दलों के लिए दरियां बिछा ली हैं, लेकिन अब वह दरी नहीं बिछाएगा। आज मुस्लिम समाज जाग चुका है और वह अपने राजनीतिक हक की मांग कर रहा है। अगर अखिलेश यादव सचमुच मुसलमानों के सच्चे हितैषी हैं, तो वे किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने का साहस दिखाएं। सिर्फ जेल में 45 मिनट की मुलाकात की औपचारिकता निभाकर वोट बटोरने का दौर अब खत्म हो चुका है।"

रामपुर जेल में 45 मिनट की बैठक और आजम के परिजनों से संवाद

तय कार्यक्रम के अनुसार, अखिलेश यादव निजी हेलीकॉप्टर से जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर उतरे और सीधे रामपुर जिला जेल पहुंचे। वहां उन्होंने आजम खान के साथ करीब 45 मिनट तक एकांत में बातचीत की, जिसमें पार्टी संगठन, कानूनी लड़ाई और प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई। जेल में मुलाकात समाप्त करने के बाद सपा प्रमुख सीधे जेल रोड स्थित आजम खान के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने तजीन फातिमा और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर उन्हें हर संभव कानूनी व राजनीतिक सहयोग का भरोसा दिलाया।

मुस्लिम लीडरशिप पर सपा का बचाव और आगामी चुनाव का गणित

ओपी राजभर के इन आरोपों पर समाजवादी पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा और उसके सहयोगी दल आजम खान के उत्पीड़न पर पर्दा डालने के लिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। सपा प्रवक्ताओं का कहना है कि पार्टी अपने संस्थापक सदस्यों और वरिष्ठ नेताओं के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और आजम खान पर सत्ता के इशारे पर झूठे मुकदमे थोपे गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि असदुद्दीन ओवैसी की सक्रियता और अन्य दलों के बढ़ते हमलों के बीच अखिलेश यादव का आजम खान से मिलने जाना पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रूहेलखंड क्षेत्र में सपा के पारंपरिक कोर वोट बैंक को एकजुट रखने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।