प्रेमानंद आश्रम की सुरक्षा बढ़ाने की मांग: आश्रम के बाहर धरना-प्रदर्शन पर ट्रस्ट सख्त

प्रेमानंद आश्रम की सुरक्षा बढ़ाने की मांग: आश्रम के बाहर धरना-प्रदर्शन पर ट्रस्ट सख्त

उत्तर प्रदेश के वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के 'श्री राधा केलि कुंज आश्रम' के बाहर लगातार हो रहे घटनाक्रमों के बाद आश्रम प्रबंधन ने सुरक्षा को लेकर कड़ा कदम उठाया है। बीते कुछ दिनों से आश्रम के बाहर अपने परिजनों और बच्चों की तलाश के नाम पर कुछ लोगों द्वारा धरना-प्रदर्शन करने, अनर्गल बयानबाजी करने और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने के मामलों से आश्रम परिकर बेहद नाराज है। इस स्थिति को देखते हुए 'श्री हित राधा केलि कुंज ट्रस्ट' की ओर से क्षेत्राधिकारी (सीओ) वृंदावन को एक औपचारिक पत्र भेजकर आश्रम परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है।

ट्रस्ट की ओर से भेजे गए पत्र में साफ कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों से आश्रम के मुख्य द्वार और आसपास के इलाकों में सुनियोजित तरीके से व्यवधान पैदा करने की कोशिश की जा रही है। ट्रस्टी सलोनी शरण के हस्ताक्षर वाले इस पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग तथ्यहीन और मनगढ़ंत आरोप लगाकर आश्रम के शांत माहौल को बिगाड़ रहे हैं। इससे न केवल आश्रम की पवित्र और गरिमामयी छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, बल्कि वहां नियमित रूप से रहने वाले साधकों, संतों और दूर-दराज से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं में भी असुरक्षा का माहौल पनप रहा है।

'सुनियोजित साजिश के तहत लगाए जा रहे आरोप', ट्रस्ट ने जताई गंभीर आशंका

ट्रस्ट ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया है कि जिस तरह से परिजनों के पहुंचने और मीडिया के सामने नाटकीय प्रदर्शन करने की घटनाएं सिलसिलेवार ढंग से सामने आ रही हैं, उससे प्रतीत होता है कि यह सब किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। पत्र में कहा गया है कि यदि किसी भी व्यक्ति को अपने किसी परिचित या परिजन के संबंध में कोई जानकारी चाहिए, तो उसके लिए विधिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं मौजूद हैं, लेकिन आश्रम के बाहर हुड़दंग मचाकर आश्रम की दैनिक आध्यात्मिक गतिविधियों और सेवा कार्यों को बाधित करना पूरी तरह अनुचित है।

आश्रम प्रबंधन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आश्रम की चारदीवारी और मुख्य प्रवेश द्वारों पर नियमित पुलिस पिकेट की तैनाती की जाए ताकि उपद्रव फैलाने वाले तत्वों पर समय रहते लगाम लगाई जा सके। इसके साथ ही आश्रम की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि वे प्रशासन की हर जांच और सहयोग के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन आश्रम की मर्यादा और भक्तों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

साधक की संदिग्ध मौत और किडनी जांच की मांग के बीच गर्माया विवाद

उल्लेखनीय है कि प्रेमानंद महाराज का आश्रम पिछले कुछ दिनों से साधक दीपक (रसिक दुलारी शरण) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की घटना के बाद से लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस घटना के बाद कई तरह के सवाल खड़े किए जाने लगे थे। इसी बीच श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने भी जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पूरे मामले की पुनः निष्पक्ष जांच कराने और प्रेमानंद महाराज की दोनों किडनियों की सरकारी चिकित्सकीय जांच कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उठाई थी।

वहीं दूसरी ओर, कुछ अन्य संतों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को खतरा बताते हुए उन्हें जेड-प्लस (Z+) सुरक्षा देने और आश्रम के सेवादारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने की भी मांग की है। इन तमाम आरोपों, प्रत्यारोपों और आश्रम के बाहर बढ़ते जमावड़े के बीच अब राधा केलि कुंज ट्रस्ट द्वारा सीधे पुलिस बल की मांग किए जाने से यह साफ हो गया है कि आश्रम प्रशासन अब किसी भी तरह के उपद्रव को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है और कानून के जरिए अपनी व्यवस्था को सुरक्षित करने में जुट गया है।