यूपी के गोंडा जिले में बिछने जा रही नई 'Y-आकार' रेल लाइन: झिलाही से टिकरी तक बनेगा बाईपास

यूपी के गोंडा जिले में बिछने जा रही नई 'Y-आकार' रेल लाइन: झिलाही से टिकरी तक बनेगा बाईपास

गोंडा। उत्तर प्रदेश के देवीपाटन मंडल और अवध क्षेत्र के रेल यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पूर्वोत्तर रेलवे (NER) प्रशासन उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में झिलाही और टिकरी रेलवे स्टेशनों के बीच एक नई बाईपास रेलवे लाइन बिछाने जा रहा है। करीब 280 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण और जमीनी स्तर पर तकनीकी सर्वेक्षण की कवायद तेज हो चुकी है। इस नई रेल लाइन के शुरू होने से गोंडा से अयोध्या धाम, वाराणसी और प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों को एक सीधा और सुगम वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेगा।

क्या है परियोजना और क्यों खास है 'Y-आकार' का नया ट्रैक?

वर्तमान में गोरखपुर-बस्ती-गोंडा मुख्य रेल मार्ग और अयोध्या-वाराणसी रूट के बीच मनकापुर जंक्शन एक प्रमुख रेलवे नोड है।

  • 28.37 किलोमीटर लंबा नेटवर्क: परियोजना के तहत झिलाही से टिकरी और मनकापुर से टिकरी के बीच लगभग 28.37 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही मनकापुर-टिकरी रेल खंड के दोहरीकरण (दबलिंग) का काम भी शामिल है।

  • 'Y' आकार की कनेक्टिविटी: रेलवे इस हिस्से में वाई-आकार (Y-Shape Chord Line) का बाईपास ट्रैक बिछा रहा है। यह कॉर्ड लाइन झिलाही स्टेशन से सीधे टिकरी को जोड़ेगी, जिससे मुख्य लाइन से आने वाली ट्रेनों को मनकापुर स्टेशन के भीतर प्रवेश करने की मजबूरी नहीं रहेगी।

यात्रियों को क्या मिलेगा सीधा फायदा?

इस बाईपास रेल लाइन के चालू होने से गोंडा और आसपास के जिलों के यात्रियों को कई बड़े लाभ मिलेंगे:

  1. इंजन (लोको) रिवर्सल से मुक्ति: अब तक गोंडा से अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज की ओर जाने वाली ट्रेनों को मनकापुर जंक्शन पर रोककर उनका इंजन आगे से पीछे बदलना पड़ता था। इस प्रक्रिया में 40 से 45 मिनट का भारी समय बर्बाद होता था। नया बाईपास बनने से ट्रेनें बिना रुके सीधे निकल सकेंगी।

  2. अयोध्या धाम का सफर होगा 40 मिनट तेज: गोंडा से श्रद्धालु और यात्री अब टिकरी होकर सीधे अयोध्या पहुंच सकेंगे। इससे यात्रा समय में लगभग 40 मिनट की सीधी बचत होगी।

  3. प्रयागराज और बनारस के लिए सीधी ट्रेनों का रास्ता साफ: मनकापुर यार्ड पर लाइन कंजेशन खत्म होने से रेलवे बोर्ड को गोंडा से प्रयागराज और वाराणसी रूट पर नई इंटरसिटी और एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने में तकनीकी आसानी होगी।

  4. वैकल्पिक मार्ग की सुविधा: मुख्य लाइन पर किसी भी तकनीकी समस्या या ब्लॉक की स्थिति में इस नए बाईपास रूट से ट्रेनों को डायवर्ट किया जा सकेगा, जिससे ट्रेनों के घंटों खड़े रहने की नौबत नहीं आएगी।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी

पूर्वोत्तर रेलवे के निर्माण संगठन ने तरबगंज तहसील क्षेत्र के गौरिया समेत आसपास के चिन्हित गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, राजस्व विभाग के समन्वय से गाटा संख्याओं का सीमांकन पूरा कर जल्द ही ट्रैक निर्माण और अर्थवर्क का टेंडर फाइनल किया जा रहा है। निर्माण पूरा होते ही देवीपाटन मंडल सीधे तौर पर धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों—अयोध्या, काशी और प्रयागराज से सुपरफास्ट गति से जुड़ जाएगा।