अखिलेश यादव की मौजूदगी में प्रो. रामगोपाल और धनराज नथवानी ने किया नामांकन, तीसरे प्रत्याशी पर भी सस्पेंस बरकरार
उत्तर प्रदेश की 10 रिक्त हो रही राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी ने बुधवार सुबह लखनऊ स्थित विधानभवन पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्वयं मौजूद रहे। नामांकन के वक्त पार्टी के कई प्रमुख विधायक और वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे, जिससे पार्टी की एकजुटता का स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की गई।
सपा द्वारा प्रो. रामगोपाल यादव के साथ-साथ धनराज नथवानी को मैदान में उतारने के फैसले ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे दिया है। जहां प्रो. रामगोपाल यादव लंबे समय से उच्च सदन में पार्टी की मजबूत आवाज रहे हैं, वहीं कॉर्पोरेट जगत के जाने-माने चेहरे धनराज नथवानी की उम्मीदवारी को अखिलेश यादव का बड़ा रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
अखिलेश यादव की मौजूदगी में भरा पर्चा, शक्ति प्रदर्शन का दिखा असर
बुधवार पूर्वाह्न 11 बजे तय कार्यक्रम के अनुसार समाजवादी पार्टी के दोनों उम्मीदवार विधानभवन के सेंट्रल हॉल पहुंचे और निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपने नामांकन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। नामांकन प्रक्रिया के दौरान अखिलेश यादव ने दोनों प्रत्याशियों के साथ खड़े होकर विपक्ष की एकजुटता और सदन में अपनी मजबूत स्थिति का प्रदर्शन किया।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि दोनों उम्मीदवारों का चयन पार्टी के अनुभव और आधुनिक दृष्टि के संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है। नामांकन के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में संकेत दिया कि पार्टी अपने अधिकारों और संख्याबल के मुताबिक पूरी मजबूती से चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा गर्म है कि क्या सपा आने वाले दिनों में किसी तीसरे प्रत्याशी को भी मैदान में उतार सकती है।
कौन हैं धनराज परिमल नथवानी? खेल और उद्योग जगत में बड़ा दखल
सपा के दूसरे उम्मीदवार धनराज परिमल नथवानी देश के प्रमुख युवा उद्योगपति और खेल प्रशासक हैं। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड में ग्रुप प्रेसिडेंट हैं और रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड में बतौर डायरेक्टर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उनके पिता परिमल नथवानी भी उद्योग जगत का बड़ा नाम हैं और पहले से ही राज्यसभा सांसद हैं।
लंदन के रीजेंट्स बिजनेस स्कूल से उच्च शिक्षा प्राप्त धनराज नथवानी का कॉर्पोरेट, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में व्यापक प्रभाव माना जाता है। उन्हें सपा का उम्मीदवार बनाए जाने से कई राजनीतिक विश्लेषक हैरान हैं, क्योंकि उनके परिवार के संबंध सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों खेमों में काफी बेहतर माने जाते हैं।
विधानसभा में संख्याबल का गणित और सीटों का मुकाबला
उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए चुनाव का कार्यक्रम घोषित हो चुका है, जहां 6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख है और 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा। राज्य विधानसभा के वर्तमान संख्याबल के आधार पर एक राज्यसभा सदस्य को निर्वाचित होने के लिए लगभग 37 प्रथम वरीयता के मतों की आवश्यकता है।
सदन में सदस्यों की संख्या के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी गठबंधन आसानी से सात से आठ सीटें जीतने की स्थिति में है, जबकि समाजवादी पार्टी के पास अपने दो उम्मीदवारों को सीधे उच्च सदन पहुंचाने के लिए पर्याप्त विधायक मौजूद हैं। हालांकि, यदि किसी भी दल द्वारा अतिरिक्त उम्मीदवार मैदान में उतारा जाता है, तो मुकाबला मतदान और क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं तक पहुंच सकता है।
तीसरे उम्मीदवार पर टिकी सबकी निगाहें
प्रो. रामगोपाल यादव और धनराज नथवानी के नामांकन के बाद अब सारा ध्यान समाजवादी पार्टी के अगले कदम पर टिक गया है। सपा खेमे में तीसरे प्रत्याशी को लेकर लगातार मंथन की खबरें सामने आ रही हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा की ओर से भी यह स्पष्ट किया जा चुका है कि यदि विपक्ष अतिरिक्त प्रत्याशी उतारता है, तो वे भी मैदान खाली नहीं छोड़ेंगे।
नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर तय की गई है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या 16 अक्टूबर को सिर्फ मतदान की औपचारिकता होगी या फिर 10वीं सीट के लिए दोनों खेमों के बीच कांटे की सियासी जंग देखने को मिलेगी।