'सपा पर भरोसा मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा': काशी में अखिलेश पर बरसे CM योगी

'सपा पर भरोसा मगरमच्छ से नदी पार कराने जैसा': काशी में अखिलेश पर बरसे CM योगी

उत्तर प्रदेश विधान परिषद (एमएलसी) की 11 शिक्षक और स्नातक सीटों पर 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले प्रचार का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। वाराणसी में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित प्रबुद्ध और शिक्षक-स्नातक महासम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर अब तक का सबसे कड़ा और तीखा हमला बोला है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बिना सीधा नाम लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनकी पार्टी की नीतियों की तुलना गिरगिट और मगरमच्छ से कर डाली। योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के बयानों और वादों पर भरोसा करना ठीक वैसा ही है जैसे किसी मगरमच्छ की पीठ पर बैठकर नदी पार करने की उम्मीद करना; क्योंकि मगरमच्छ नदी के बीच में ले जाकर क्या करेगा, यह बात किसी को बताने की आवश्यकता नहीं है।

'इन्हें देखकर तो गिरगिट भी खुश होता होगा कि इंसानों में उसकी जाति का कोई पैदा हुआ'

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में कहा कि समाजवादी पार्टी की राजनीति पूरी तरह अवसरवादिता और बार-बार रंग बदलने पर टिकी हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सपा नेताओं के पल-पल बदलते बयानों और दोहरे रवैये को देखकर तो शायद गिरगिट भी खुश होता होगा कि इंसानों में भी उसकी जाति का कोई पैदा हो गया है जो उससे भी ज्यादा तेजी से रंग बदल लेता है। योगी ने कहा कि जिन लोगों का इतिहास हमेशा माफियाओं को संरक्षण देने और उनकी कब्रों पर जाकर आंसू बहाने और फातिहा पढ़ने का रहा हो, वे आज प्रबुद्ध शिक्षक समाज और युवाओं के शुभचिंतक बनने का ढोंग कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस पार्टी के शासनकाल में शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया था, वे आज किस नैतिक अधिकार से शिक्षकों के हितों की बात कर सकते हैं।

'राज्यसभा में कहां चला गया था सपा का पीडीए? एक सीट चाचा को दी, दूसरी मुंबई के धन्नासेठ को'

अखिलेश यादव के चर्चित नारे 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की धज्जियां उड़ाते हुए मुख्यमंत्री ने हालिया राज्यसभा चुनाव के नतीजों का उदाहरण पेश किया। योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों में से भाजपा ने समाज के हर वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व दिया, लेकिन पीडीए का ढोल पीटने वाली समाजवादी पार्टी ने अपनी दो सीटों में क्या किया। उन्होंने कहा कि सपा ने एक सीट अपने सगे चाचा प्रो. रामगोपाल यादव को थमा दी और दूसरी सीट मुंबई के एक बड़े धन्नासेठ (कारोबारी) के हवाले कर दी। मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए पूछा कि उस समय सपा को काशी, बलिया या गाजीपुर का कोई पिछड़ा, यादव, दलित या अल्पसंख्यक कार्यकर्ता नजर क्यों नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के लिए पीडीए का असली मतलब 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' और 'पराया धन अपना' के अलावा कुछ भी नहीं है।

'सैफई सिंडिकेट ने युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़, भाजपा ने दी पारदर्शी नौकरियां'

सपा के पिछले शासनकाल की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के सभी भर्ती आयोगों और चयन बोर्डों पर 'सैफई सिंडिकेट' का कब्जा हुआ करता था। चाचा-भतीजे की जोड़ी भर्तियों के नाम पर खुलेआम वसूली की सूचियां लेकर निकलती थी, जिससे योग्य और मेहनती नौजवानों के अधिकार छीने जाते थे। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में जब भाजपा सत्ता में आई थी, तब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा में 1.60 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े थे। योगी सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया के तहत साढ़े नौ लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं और अगले छह महीनों के भीतर एक लाख और नई सरकारी नियुक्तियां देने का संकल्प पूरा किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यूपी पुलिस भर्ती में 32 हजार से अधिक युवाओं का हाल ही में घोषित परिणाम बिना किसी भ्रष्टाचार और पेपर लीक के निष्पक्षता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

23 अक्टूबर को मतदान, शिक्षकों और स्नातकों से की ऐतिहासिक समर्थन की अपील

वाराणसी में मुख्यमंत्री ने स्नातक और शिक्षक मतदाताओं से अपील की कि वे अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए जातिवाद, तुष्टिकरण और परिवारवाद की राजनीति को पूरी तरह खारिज करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के सजग प्रहरी हैं; शिक्षक समाज की नई पीढ़ी को गढ़ता है और स्नातक युवा देश की दिशा तय करता है। योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया कि शिक्षकों और कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, वेतन विसंगतियों और पदोन्नति से जुड़ी जो भी समस्याएं बची हैं, सरकार उनका भी समयबद्ध और सकारात्मक समाधान निकालेगी। मुख्यमंत्री के इस ओजस्वी और आक्रामक भाषण ने पूर्वांचल के शिक्षक-स्नातक चुनावी समर में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नया उत्साह फूंक दिया है।