मौसम का बदला मिजाज, अंबेडकरनगर में सुबह छाई धुंध और कोहरा, पश्चिम यूपी में बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई की बेला के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के पूर्वी और मध्य जिलों में जहां सुबह-शाम गुलाबी ठंडक की दस्तक के साथ वातावरण में धुंध और कोहरे की चादर दिखने लगी है, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में नए पश्चिमी विक्षोभ और नम हवाओं के चलते एक बार फिर बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। पूर्वी यूपी के अंबेडकरनगर, अयोध्या और सुल्तानपुर के ग्रामीण व शहरी इलाकों में सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ (IMD) के अनुसार, हवाओं के रुख में बदलाव और पछुआ हवाओं के प्रभाव से राज्य के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के आसार बन रहे हैं।
अंबेडकरनगर में धुंध और कोहरा: गुलाबी ठंड ने दी दस्तक
अंबेडकरनगर जिले के अकबरपुर, टांडा, जलालपुर और कटेहरी समेत ग्रामीण अंचलों में सुबह के समय मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आया।
सुबह की सैर पर निकले लोगों को वातावरण में नमी और हल्की ठंडक का अहसास हुआ। हवा में आर्द्रता (Humidity) 80 से 88 फीसदी से अधिक पहुंचने के कारण निचले वायुमंडल में जलवाष्प और धूल के कणों से धुंध (Mist) और हल्के कोहरे (Shallow Fog) का घेरा बन गया। इसके चलते खुले खेतों और हाईवे पर सुबह दृश्यता 2 से 3 किलोमीटर तक सिमट गई। हालांकि, दिन चढ़ने और सूरज की किरणें खिलने के साथ ही धुंध छंट गई और दोपहर में धूप खिली, लेकिन अधिकतम और न्यूनतम तापमान के अंतर ने स्पष्ट कर दिया है कि सर्दियां अब दूर नहीं हैं।
पश्चिमी यूपी में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट
पूर्वी इलाकों में जहां ठंडक की आहट है, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में बादलों का डेरा बनने लगा है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और पंजाब-हरियाणा से सटे इलाकों में बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के प्रभाव से पश्चिमी यूपी में मौसम बदलने जा रहा है। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद और नोएडा-ग्रेटर नोएडा समेत आसपास के इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी या बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के झोंके चलने से इन जिलों में दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
तापमान में गिरावट: रातें हुईं सर्द, दिन में राहत
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे उत्तर प्रदेश में रात के पारे में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान 20 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है, जबकि अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। रात और भोर के समय पंखे-कूलर की जरूरत कम होने लगी है और लोगों ने हल्के गर्म चादरों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 से 72 घंटों के दौरान राज्य के किसी भी हिस्से में भारी बारिश की चेतावनी नहीं है, लेकिन रुक-रुक कर स्थानीय स्तर पर होने वाली बूंदाबांदी वातावरण को और ज्यादा ठंडा करेगी।
किसानों और आम नागरिकों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम के इस दोहरे मिजाज को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
वर्तमान में धान की पछेती फसल कटाई और मड़ाई के दौर में है, ऐसे में पश्चिमी यूपी के किसान कटी हुई फसलों को भीगने से बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों पर रखने का प्रबंध करें। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की ठंडक के इस बदलते मौसम में मौसमी बीमारियों—जैसे वायरल फीवर, जुकाम, खांसी और एलर्जी—का खतरा तेजी से बढ़ता है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को भोर की ठंडी हवा और कोहरे से सीधे संपर्क में आने से बचने की हिदायत दी गई है।