बदला मौसम का मिजाज: इन जिलों में बारिश और वज्रपात के आसार, 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चली हवाओं ने गिराया पारा
उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई की बेला के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पिछले कुछ दिनों से उमस और तेज धूप से परेशान लोगों को बादलों की आवाजाही और तेज पुरवाई हवाओं ने बड़ी राहत दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक असर के चलते प्रदेश के कई संभागों में मौसम का पैटर्न बदल गया है। कई जिलों में ठंडी हवाओं के साथ बूंदाबांदी और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट आई है और सुबह-शाम गुलाबी ठंड की आहट महसूस होने लगी है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही है, जिसने पारे को तेजी से नीचे धकेल दिया है। दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है, जिससे दिन भर बनी रहने वाली चिपचिपी उमस से राहत मिली है।
इन जिलों में बारिश और बादलों की आवाजाही के आसार
मौसम केंद्र लखनऊ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के तराई, मध्य और पूर्वी हिस्सों में बादलों का डेरा बना रहेगा। विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई है:
-
पूर्वी और तराई क्षेत्र: गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में छिटपुट से मध्यम बारिश के आसार हैं।
-
मध्य व अवध संभाग: राजधानी लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, रायबरेली, अयोध्या, सीतापुर और लखीमपुर खीरी में आंशिक से सामान्य बादल छाए रहेंगे और कुछ इलाकों में हल्की वर्षा या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
-
पूर्वांचल व विंध्य क्षेत्र: वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की चेतावनी है।
-
पश्चिमी यूपी का हाल: आगरा, मथुरा, मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है, हालांकि यहां भी तेज हवाओं के चलते धूप की तपिश कम महसूस होगी।
तेज हवाओं से गिरा पारा, रात में बढ़ी ठंडक
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया है। वहीं, कानपुर और प्रयागराज जैसे जिलों में भी तापमान सामान्य से 1 से 2 डिग्री नीचे आ गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही बारिश की यह विदाई गतिविधि थमेगी, वैसे ही उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं चलना शुरू हो जाएंगी, जिससे रात के तापमान में और गिरावट आएगी। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते से राज्य भर में रात के वक्त हल्की चादर या कंबल निकालने की नौबत आ सकती है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह: फसलों को लेकर सतर्कता जरूरी
मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने किसानों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। वर्तमान में खरीफ की मुख्य फसल धान कटाई या पकने की कगार पर है। ऐसे में तेज हवाओं और अचानक होने वाली तेज बारिश से पकी हुई फसलों के गिरने (Lodging) का खतरा बढ़ जाता है।
कृषि विशेषज्ञों और आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि:
-
कटी हुई फसल को खुले खलिहानों में न छोड़ें और उसे सुरक्षित स्थानों पर या तिरपाल से ढक कर रखें।
-
खेतों में जलभराव की स्थिति न बनने दें और जलनिकासी की उचित व्यवस्था रखें।
-
मेघगर्जन और बिजली कड़कने के दौरान किसान खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न जाएं।
अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में बादलों का मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना है, जिसके बाद धीरे-धीरे प्रदेश भर में आसमान पूरी तरह साफ और मौसम शुष्क हो जाएगा।