इजरायल चुनाव से पहले बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन में खुलकर उतरे डोनाल्ड ट्रंप
पश्चिम एशिया में महीनों से जारी भीषण सैन्य संघर्ष और इजरायल की घरेलू राजनीति में मचे घमासान के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा और अभूतपूर्व कूटनीतिक कदम उठाया है। 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले के बाद इजरायल में पहली बार होने जा रहे राष्ट्रीय चुनाव (संसदीय चुनाव) से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन 'बीबी' नेतन्याहू को दोबारा प्रधानमंत्री चुने जाने के लिए अपना 'पूर्ण और समग्र समर्थन' (Complete and Total Endorsement) दे दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल की जनता से सीधी भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे नेतन्याहू पर दोबारा भरोसा जताएं क्योंकि 'बीबी उन्हें कभी निराश नहीं करेंगे'। कूटनीतिक परंपराओं से अलग जाकर किसी विदेशी चुनाव में उम्मीदवार का इस तरह खुलकर समर्थन करने का ट्रंप का यह फैसला तेल अवीव से लेकर वाशिंगटन और तेहरान तक गहरा राजनीतिक संदेश दे रहा है।
ट्रुथ सोशल पर नेतन्याहू की तारीफों के पुल: 'मजबूत, बहादुर और शानदार योद्धा'
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इजरायल के नागरिकों के नाम एक विस्तृत संदेश साझा करते हुए नेतन्याहू के नेतृत्व की जमकर तारीफ की। ट्रंप ने लिखा कि भारी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विरोध के बावजूद बीबी नेतन्याहू हमेशा मजबूत, साहसी और असाधारण साबित हुए हैं। उन्होंने नेतन्याहू को 'महान योद्धा प्रधानमंत्री' बताते हुए कहा कि वे न केवल युद्ध के मैदान में अपने देश की रक्षा करना जानते हैं, बल्कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ लड़ाई में शांति के सबसे बड़े रणनीतिक साझेदार भी रहे हैं। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस कठिन समय में इजरायल के पास नेतन्याहू के अलावा किसी दूसरे नेता को चुनना एक बहुत बड़ी भूल साबित होगी। ट्रंप ने अपने पोस्ट के अंत में बड़े अक्षरों में लिखा—"बीबी नेतन्याहू आपको कभी निराश नहीं करेंगे!"
नेतन्याहू ने जताया आभार: 'व्हाइट हाउस में इजरायल का इनसे बड़ा दोस्त कोई नहीं'
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस खुले समर्थन पर प्रतिक्रिया देने में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी जरा सी देर नहीं की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए नेतन्याहू ने लिखा, "राष्ट्रपति ट्रंप, मेरे दोस्त डोनाल्ड—आपके इस असाधारण समर्थन और हमारे साझा प्रयासों के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद! व्हाइट हाउस में कभी भी इजरायल का इनसे बड़ा और सच्चा मित्र नहीं रहा है। हम दोनों मिलकर अपना अधूरा मिशन पूरा करेंगे!" नेतन्याहू की पार्टी 'लिकुड' ने तुरंत इस बयान को अपने मुख्य चुनावी अभियान का हिस्सा बना लिया है और ट्रंप व नेतन्याहू के साथ वाले वीडियो साझा कर मतदाताओं को यह संदेश देने की कोशिश शुरू कर दी है कि केवल नेतन्याहू ही अमेरिका के साथ सबसे मजबूत रक्षा साझेदारी सुनिश्चित रख सकते हैं।
ईरान को ट्रंप की सीधी चेतावनी: 'रुख नहीं बदला, तो हम काम तमाम कर देंगे'
नेतन्याहू का समर्थन करने के साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को भी बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने दशकों से इजरायल और अमेरिका को 'छोटा शैतान' और 'बड़ा शैतान' बताकर नष्ट करने की कसमें खाई हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई महीनों के सैन्य और आर्थिक दबाव के चलते ईरान की ताकत काफी हद तक कमजोर हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अल्टीमेटम के लहजे में कहा कि यदि तेहरान ने अपना आक्रामक रुख और परमाणु कार्यक्रम को लेकर रवैया तुरंत नहीं बदला, तो अमेरिका और उसके सहयोगी बहुत जल्द इस अभियान को अंतिम मुकाम तक पहुंचाकर काम पूरा (Finish the Job) कर देंगे।
2023 हमास हमले के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव: नेतन्याहू के लिए आर-पार की लड़ाई
इजरायल में होने जा रहा यह आम चुनाव देश के इतिहास के सबसे निर्णायक और अस्तित्व से जुड़े चुनावों में से एक माना जा रहा है। 7 अक्टूबर 2023 के सुरक्षा खुफिया विफलता के बाद से ही नेतन्याहू की लोकप्रियता में भारी गिरावट आई थी और देश भर में उनके इस्तीफे व नए चुनावों की मांग को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे थे। हमास, हिजबुल्लाह और ईरान के साथ लंबे चले युद्ध ने देश की अर्थव्यवस्था और जनजीवन को झकझोर कर रख दिया है। चुनावी मैदान में नेतन्याहू ने इस पूरे मुकाबले को 'दक्षिणपंथ बनाम फिलिस्तीन' का मुकाबला करार दिया है। ऐसे कठिन मोड़ पर ट्रंप का खुला समर्थन नेतन्याहू के लिए संजीवनी बूटी जैसा साबित हो सकता है, क्योंकि इजरायल का दक्षिणपंथी वोटर ट्रंप को यहूदी देश का सबसे बड़ा हिमायती मानता है। अब मतदान के दिन यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या ट्रंप की यह खुली अपील इजरायली मतदाताओं को नेतन्याहू की सत्ता दोबारा बहाल करने के लिए राजी कर पाती है या नहीं।