ट्रंप की 'लिटिल एपिक फ्यूरी' धमकी पर भड़का ईरान, खाड़ी में अंडरसी इंटरनेट केबल काटने की दी चेतावनी

ट्रंप की 'लिटिल एपिक फ्यूरी' धमकी पर भड़का ईरान, खाड़ी में अंडरसी इंटरनेट केबल काटने की दी चेतावनी

मध्य पूर्व में महीनों से जारी विनाशकारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिका और ईरान के संबंध अब तक के सबसे भयानक और विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में आयोजित एक विशाल चुनावी रैली के मंच से तेहरान को सीधी सैन्य चेतावनी जारी करते हुए एक और बड़े हमले का खुला संकेत दिया है। ट्रंप ने इस संभावित सैन्य कार्रवाई को 'लिटिल एपिक फ्यूरी' करार देते हुए दावा किया कि इस हमले के बाद ईरान घुटने टेकने और वाशिंगटन की सभी शर्तें मानने के लिए पूरी तरह मजबूर हो जाएगा। ट्रंप की इस आक्रामक धमकी के चंद घंटों के भीतर ही तेहरान के सत्ता प्रतिष्ठान में जबरदस्त आक्रोश फैल गया और ईरान ने अमेरिका को कड़े शब्दों में 'आग से न खेलने' का अल्टीमेटम दे दिया। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने जवाबी कार्रवाई के लिए एक बेहद खतरनाक ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है, जिसके तहत यदि वाशिंगटन या इजरायल ने दोबारा ईरान की संप्रभुता पर हमला किया तो तेहरान फारस की खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी अंतरराष्ट्रीय सबमरीन इंटरनेट और संचार केबलों को काटकर पूरी दुनिया के डिजिटल नेटवर्क को ठप कर देगा।

'लिटिल एपिक फ्यूरी' से ईरान को झुकाने का ट्रंप का दावा: 28 फरवरी के घातक हमलों की दिलाई याद

फ्लोरिडा में आयोजित रिपब्लिकन प्रचार रैली में भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ अपने आक्रामक रुख को और तेज कर दिया। ट्रंप ने मंच से दहाड़ते हुए कहा कि अगर ईरान उनकी कूटनीतिक और सामरिक शर्तों पर समझौता नहीं करता है, तो अमेरिका एक और 'लिटिल एपिक फ्यूरी' जैसा सैन्य ऑपरेशन अंजाम दे सकता है। उन्होंने कहा, 'हम एक और लिटिल एपिक फ्यूरी कर सकते हैं, जिसके बाद वे खुद किसी समझौते के लिए मेज पर आने को मजबूर हो जाएंगे। अगर उनके पास जरा भी समझदारी बची है, तो वे सीधे यही कहेंगे कि चलिए अब काम की बात करते हैं।' ट्रंप का यह संदर्भ इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से चलाए गए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की तरफ था। उस विनाशकारी सैन्य हमले ने पूरे मध्य पूर्व का नक्शा बदलकर रख दिया था, जिसमें ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार के कई अहम सदस्यों की मौत हो गई थी। उस खूनी ऑपरेशन के बाद से ही पूरे खाड़ी क्षेत्र में जो बारूदी आग भड़की थी, वह आज तक किसी शांति समझौते या युद्धविराम तक नहीं पहुंच पाई है।

तुर्किए में अमेरिकी राजदूत टॉम बैराक के बयान पर ट्रंप की प्रतिक्रिया: सप्ताहांत में हमले की अटकलें तेज

ट्रंप का यह भड़काऊ बयान ऐसे समय में सामने आया है जब तुर्किए में नियुक्त अमेरिकी राजदूत और सीरिया मामलों के शीर्ष रणनीतिकार टॉम बैराक के एक गोपनीय दावे ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में खलबली मचा दी थी। बैराक ने राजनयिक गलियारों में संकेत दिया था कि पेंटागन इसी सप्ताहांत ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर दूसरा बड़ा मिसाइल हमला कर सकता है। हालांकि जब पत्रकारों ने फ्लोरिडा में ट्रंप से बैराक के इस दावे पर सवाल पूछा, तो ट्रंप ने अपने जाने-पहचाने अंदाज में इसे बहुत ज्यादा तवज्जो देने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने मजाकिया और रहस्यमयी लहजे में कहा, 'क्या वह मेरे राजदूत थे? मुझे लगता है कि वह काफी ताकतवर इंसान हैं। अगर ऐसा कुछ कहा गया है, तो फिलहाल मुझे इसके बारे में औपचारिक तौर पर कुछ नहीं पता।' ट्रंप के इस गोलमोल जवाब के बावजूद पेंटागन और मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की गतिविधियों से यह साफ जाहिर हो रहा है कि अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के बेड़े हाई अलर्ट पर हैं।

ईरान का पलटवार: खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल्स और अमेरिकी गुप्त ठिकाने होंगे सीधे निशाने पर

अमेरिकी राष्ट्रपति की इस खुली धमकी के बाद ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और तेहरान के रक्षा अधिकारियों ने जवाबी रणनीति का ऐसा खाका पेश किया है जिसने पूरी दुनिया के वित्तीय और तकनीकी तंत्र को हिलाकर रख दिया है। रॉयटर्स की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी सैन्य अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि इस बार यदि अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई भी मिसाइल या ड्रोन हमला हुआ, तो तेहरान किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा या राजनयिक मर्यादा की 'रेड लाइन' का सम्मान नहीं करेगा। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मिसाइल और नौसैनिक यूनिट्स सीधे फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के तल में बिछी उन प्रमुख सबमरीन संचार केबलों (Undersea Internet Cables) को नष्ट कर देंगी, जो एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के बीच वैश्विक बैंकिंग और इंटरनेट डेटा का 80 प्रतिशत से अधिक ट्रैफिक संभालती हैं। ईरानी सैन्य रणनीतिकारों का मानना है कि समुद्र के नीचे बिछी इन संचार लाइनों के कटते ही पश्चिमी दुनिया का आर्थिक ढांचा चरमरा जाएगा। इसके अलावा ईरान ने खाड़ी देशों में स्थित तमाम अमेरिकी सैन्य ठिकानों, एयरबेस और यहां तक कि उनके गुप्त कमांड सेंटरों को भी अपनी सटीक बैलिस्टिक मिसाइलों के सीधे निशाने पर रखने का खुला एलान कर दिया है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया ब्लैकआउट का खतरा: क्या बेकाबू हो जाएगा मिडिल ईस्ट का युद्ध?

यदि ईरान अपनी धमकी पर अमल करते हुए लाल सागर और फारस की खाड़ी के समुद्री केबलों को नुकसान पहुंचाता है, तो इसका असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया एक अभूतपूर्व डिजिटल ब्लैकआउट और आर्थिक मंदी के दौर में धकेल दी जाएगी। वैश्विक वित्तीय लेनदेन, स्टॉक एक्सचेंज, आपूर्ति श्रृंखला और उपग्रह संचार बुरी तरह बाधित हो जाएंगे। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आवाजाही ठप होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम 150 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने का गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। संयुक्त राष्ट्र और खाड़ी के अन्य तटस्थ देश दोनों पक्षों से संयम बरतने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन ट्रंप के अड़ियल तेवरों और ईरान के आर-पार के संकल्प को देखते हुए सैन्य विश्लेषक आशंका जता रहे हैं कि 28 फरवरी के बाद मध्य पूर्व अब तक के सबसे विनाशकारी पूर्णकालिक युद्ध के मुहाने पर खड़ा हो गया है।