मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान का डर

मिडटर्म इलेक्शन में रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान का डर

अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) से ठीक पहले रिपब्लिकन पार्टी के भीतर एक बहुत बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। प्रतिनिधि सभा (हाउस) और सीनेट दोनों में बेहद मामूली बहुमत पर टिकी रिपब्लिकन पार्टी के कई वरिष्ठ नेता जहां इस बात से घबराए हुए हैं कि पार्टी के हाथ से कांग्रेस का पूरा नियंत्रण फिसल सकता है, वहीं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने ओहायो के गवर्नर पद के लिए ताल ठोक रहे भारतीय-अमेरिकी उद्यमी विवेक रामास्वामी के विवादित चुनाव प्रचार का खुलकर बचाव किया है। यह पूरा बखेड़ा रामास्वामी की कैंपेन टीम द्वारा जारी किए गए एक ऐसे टीवी विज्ञापन के बाद खड़ा हुआ है, जिसमें उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी डॉ. एमी एक्टन के बचपन में हुए दर्दनाक यौन शोषण और पारिवारिक आघात को सीधे तौर पर खारिज करने और उसे कमतर आंकने की कोशिश की गई है। इस विज्ञापन ने न केवल विपक्षी डेमोक्रेट्स को हमलावर कर दिया है, बल्कि खुद रिपब्लिकन पार्टी के भीतर वरिष्ठ नेताओं, मौजूदा गवर्नरों और सांसदों के बीच खुली बगावत की स्थिति पैदा कर दी है।

विवादित टीवी विज्ञापन पर मचा कोहराम: एमी एक्टन की मां को मैदान में उतारकर उठाए बचपन के ट्रॉमा पर सवाल

ओहायो के गवर्नर पद की दौड़ में उतरे विवेक रामास्वामी की टीम ने चुनाव के अंतिम चरण में बढ़त हासिल करने के लिए एक बेहद आक्रामक और निजी विज्ञापन जारी किया। इस वीडियो विज्ञापन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन की अपनी मां डोना आर्थर कैमरे के सामने आकर अपनी ही बेटी के चरित्र और अतीत पर सवाल उठाती दिखाई देती हैं। डोना आर्थर ने दावा किया कि उनकी बेटी अपने बचपन में बेघर होने और पारिवारिक दुर्व्यवहार के बारे में मतदाताओं से झूठ बोल रही है, और लोगों को उन्हें वोट नहीं देना चाहिए। हालांकि, इस विज्ञापन में उस दर्दनाक हकीकत को पूरी तरह छिपा लिया गया कि आखिर मां-बेटी के रिश्तों में यह कड़वाहट आई क्यों थी। 60 वर्षीय एमी एक्टन सार्वजनिक तौर पर यह साझा कर चुकी हैं कि बचपन में उनके सौतेले पिता ने उनके साथ गंभीर यौन शोषण किया था, जबकि उनकी मां ने अपनी बच्ची को बचाने के बजाय उस आरोपी पति का साथ देना जारी रखा था। तत्कालीन परिस्थितियों के चलते अदालत ने एमी और उनके भाई को उनकी मां की कस्टडी से छीन लिया था। एमी के भाई फिलिप स्टर्न्स ने भी आधिकारिक तौर पर अपनी बहन के बयानों की पुष्टि की है और पुराने अदालती दस्तावेजों में भी इस आघात के ठोस सुबूत मौजूद हैं। एमी एक्टन ने इस विज्ञापन को अपनी गहरी निजी पीड़ा का राजनीतिक शोषण करार दिया है।

ट्रंप और जेडी वेंस की आक्रामक ढाल: ट्रुथ सोशल पर बोले- 'ऐसा असरदार विज्ञापन भला कौन नहीं चलाएगा'

शुरुआत में इस विज्ञापन से पल्ला झाड़ने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक अपनी लाइन बदलते हुए इसका जोरदार समर्थन कर दिया। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट लिखते हुए ट्रंप ने इसे एक बेहद मारक राजनीतिक हथियार करार दिया और कहा कि ऐसा प्रभावी विज्ञापन इस्तेमाल न करना बेवकूफी होती। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यधारा का मीडिया एक बेहद सटीक राजनीतिक हमले को दबाने का प्रयास कर रहा है। ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि भले ही यह एक अजीब स्थिति है कि कोई मां अपनी ही बेटी के खिलाफ खड़ी हो गई है, लेकिन इसका दोष विवेक पर नहीं मढ़ा जा सकता। वहीं ओहायो के सीनेटर और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने भी रामास्वामी का बचाव करते हुए अपनी ही पार्टी के नेताओं को नसीहत दी कि वे इस विज्ञापन को लेकर आपस में रोना-धोना बंद करें और एकजुट होकर चुनाव जीतने पर ध्यान केंद्रित करें।

अपनी ही पार्टी में घिरे विवेक रामास्वामी: निक्की हेली, माइक डीवाइन और नैन्सी मेस ने बताया 'शालीनता की हद पार'

ट्रंप और वेंस के खुले समर्थन के बावजूद रिपब्लिकन पार्टी का एक बड़ा धड़ा इस विज्ञापन से बेहद असहज और नाराज है। ओहायो के मौजूदा रिपब्लिकन गवर्नर माइक डीवाइन, जिन्होंने खुद रामास्वामी की उम्मीदवारी का समर्थन किया था, उन्होंने इस विज्ञापन को नैतिक रूप से पूरी तरह गलत ठहराते हुए कैंपेन टीम से इसे तुरंत वापस लेने की सार्वजनिक मांग की। साउथ कैरोलिना की पूर्व गवर्नर और संयुक्त राष्ट्र में पूर्व अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने रामास्वामी पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें एक संवेदनहीन इंसान बताया और कहा कि इस हरकत ने उनकी पुरानी चेतावनियों को सही साबित कर दिया है। इस विवाद में सबसे प्रखर और भावुक विरोध साउथ कैरोलिना की तेजतर्रार रिपब्लिकन सांसद नैन्सी मेस की तरफ से देखने को मिला। खुद यौन शोषण की पीड़िता रह चुकीं और एपस्टीन फाइलों को सार्वजनिक कराने के लिए डेमोक्रेट्स के साथ खड़ी होने वाली नैन्सी मेस ने तीखे शब्दों में कहा कि विवेक यह चुनाव बिना इस घटिया विज्ञापन के भी जीत सकते थे, लेकिन उन्होंने राजनीति में शालीनता के सबसे निचले स्तर को भी लांघ दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के विज्ञापन का बचाव करने वालों को अपनी मानसिक स्थिति की जांच करानी चाहिए।

ओहायो में बदले सियासी समीकरण: गवर्नर की सीट के साथ सीनेट में जॉन हस्टेड पर भी मंडराया हार का साया

ओहायो के इस घमासान का असर केवल गवर्नर पद के चुनाव तक सीमित नहीं रहने वाला है। ताजा ओपिनियन पोल्स के अनुसार, इस विवाद के बाद विवेक रामास्वामी महिला मतदाताओं और उदारवादी रिपब्लिकनों के बीच तेजी से पिछड़ रहे हैं और एमी एक्टन ने निर्णायक बढ़त बना ली है। इसका सीधा दुष्प्रभाव ओहायो की सीनेट सीट पर लड़ रहे रिपब्लिकन उम्मीदवार जॉन हस्टेड पर भी पड़ रहा है। हस्टेड का मुकाबला अनुभवी डेमोक्रेट नेता और पूर्व सीनेटर शेरॉड ब्राउन से है। शेरॉड ब्राउन का ओहायो के मजदूर वर्ग और स्थानीय भारतीय-अमेरिकी समुदाय के बीच काफी गहरा प्रभाव है, क्योंकि कॉलेज के दिनों से ही उनके संबंध भारत के साथ रहे हैं। यदि ओहायो में रिपब्लिकन मतदाताओं का एक धड़ा भी मतदान से दूर रहा या उसने डेमोक्रेट्स के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग की, तो पार्टी को गवर्नर और सीनेटर दोनों सीटों से हाथ धोना पड़ सकता है।

218-214 का नाजुक बहुमत: वाशिंगटन में पावर शिफ्ट का सबसे बड़ा खतरा

मौजूदा अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति बेहद नाजुक संतुलन पर टिकी हुई है। प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) में पार्टी के पास 218 के मुकाबले 214 का मामूली बहुमत है, जबकि 100 सदस्यों वाली सीनेट में रिपब्लिकन 53-47 के अंतर से आगे हैं। ऐसे में अगर मध्यावधि चुनावों में पार्टी केवल 3 से 4 सीटें भी गंवा देती है, तो दोनों सदनों की सत्ता सीधे तौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी की झोली में चली जाएगी। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपनी रैलियों में पारंपरिक आक्रामक शैली, व्यक्तिगत लांछन और मुख्य नीतिगत मुद्दों से भटकाव की रणनीति उनके कोर 'MAGA' बेस को तो उत्साहित रख रही है, लेकिन उपनगरीय और निर्दलीय मतदाताओं को पूरी तरह दूर धकेल रही है। रामास्वामी का यह विज्ञापन विवाद रिपब्लिकन पार्टी के लिए ठीक उसी समय गले की फांस बना है जब उन्हें सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए हर एक सीट की सख्त जरूरत है।