पुलिस से बोला- ICE वाले उठा ले गए, कैलिफोर्निया में खुला खौफनाक राज

पुलिस से बोला- ICE वाले उठा ले गए, कैलिफोर्निया में खुला खौफनाक राज

संयुक्त राज्य अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य से रूह कंपा देने वाला एक सनसनीखेज आपराधिक मामला सामने आया है। यहां भारतीय मूल के 28 वर्षीय युवक गुरिंदर गिल ने पारिवारिक कलह, तलाक और बच्चे की कस्टडी के विवाद में अपनी 30 वर्षीय पत्नी जैस्मीन गिल की बेरहमी से हत्या कर दी। अपराध को छिपाने के लिए आरोपी ने न केवल शव को दूर ले जाकर आग के हवाले कर दिया, बल्कि अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों और पुलिस को गुमराह करने के लिए एक बेहद शातिराना झूठी कहानी गढ़ी। आरोपी गुरिंदर ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी का अमेरिकी आव्रजन एजेंसी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के अधिकारियों ने घर से अपहरण कर लिया है और वे उसे हिरासत में लेकर चले गए हैं। हालांकि, जब जांच अधिकारियों ने तकनीकी साक्ष्यों और संबंधित एजेंसी से सीधे संपर्क कर पड़ताल शुरू की, तो पति का यह मनगढ़ंत फरेब ताश के पत्तों की तरह ढह गया। सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ कार्यालय ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है, जिसके बाद भारतीय समुदाय और पूरे कैलिफोर्निया में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।

तलाक और बच्चे की कस्टडी पर चल रहा था विवाद: सैक्रामेंटो के घर में रची गई थी खौफनाक साजिश

पुलिस और जांचकर्ताओं के अनुसार, मूल रूप से भारत की रहने वाली जैस्मीन गिल अपने पति गुरिंदर गिल के साथ कैलिफोर्निया के सैक्रामेंटो स्थित आवास में रहती थीं। पिछले काफी समय से इस दंपति के वैवाहिक जीवन में गंभीर तनाव चल रहा था। दोनों के बीच बात तलाक तक पहुंच चुकी थी और सबसे बड़ा टकराव उनके बच्चे की कानूनी कस्टडी को लेकर बना हुआ था। जांच में सामने आया कि इसी विवाद के चलते गुरिंदर ने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की ठान ली थी। 30 सितंबर को जैस्मीन को अंतिम बार अपने सैक्रामेंटो स्थित आवास पर जीवित देखा गया था। उसके बाद वह अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। जब चार दिनों तक जैस्मीन से कोई संपर्क नहीं हो सका, तो भारत में मौजूद उनके परिवार की चिंताएं बढ़ गईं और अमेरिका में रह रहे जैस्मीन के चचेरे भाई ने स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचकर उनकी औपचारिक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।

आईसीई (ICE) पर लगाया था झूठा आरोप: कैसे खुला आरोपी गुरिंदर के बयानों का फरेब

शुरुआती पूछताछ के दौरान गुरिंदर गिल ने बेहद आत्मविश्वास के साथ जांच अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की। उसने दावा किया कि आव्रजन नियमों के उल्लंघन के संदेह में अमेरिकी संघीय एजेंसी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) के एजेंट्स उनके घर आए थे और वे जैस्मीन को जबरन अपने साथ उठाकर ले गए। चूंकि आईसीई अमेरिका की एक प्रमुख संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसी है जो अवैध प्रवासियों और वीजा नियमों का उल्लंघन करने वालों की धरपकड़ करती है, इसलिए पुलिस ने इस दावे की तुरंत आंतरिक जांच की। जब जांच अधिकारियों ने आईसीई के आधिकारिक रिकॉर्ड्स, फील्ड ऑपरेशंस और सैक्रामेंटो यूनिट से संपर्क साधा, तो एजेंसी ने साफ कर दिया कि उनकी तरफ से जैस्मीन गिल नाम की किसी महिला के खिलाफ न तो कोई वारंट था और न ही कोई छापेमारी की गई थी। इसके बाद सैक्रामेंटो काउंटी शेरिफ कार्यालय के जासूसों ने गुरिंदर के बयानों की कड़ाई से पड़ताल शुरू की, जिसमें कई विरोधाभास, गलतियां और समय के बड़े अंतर सामने आने लगे।

एल डोराडो काउंटी के जंगलों में मिले जले हुए अवशेष: फॉरेंसिक जांच में जैस्मीन की हुई पुष्टि

जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस को 1 अक्टूबर को एल डोराडो काउंटी के एक सुनसान इलाके से बुरी तरह जले हुए इंसानी शरीर के अवशेष बरामद हुए थे। हत्यारे ने पहचान पूरी तरह मिटाने के मकसद से शव को केमिकल डालकर आग के हवाले किया था। फॉरेंसिक लैब और डीएनए नमूनों के विस्तृत मिलान के बाद 16 अक्टूबर को यह आधिकारिक पुष्टि हुई कि वे जले हुए अवशेष लापता जैस्मीन गिल के ही हैं। वैज्ञानिक साक्ष्य, गाड़ी की मूवमेंट के जीपीएस डेटा और तकनीकी सबूत हाथ लगते ही पुलिस ने 14 अक्टूबर को आरोपी पति गुरिंदर गिल को हत्या और साक्ष्य नष्ट करने के संगीन आरोपों में गिरफ्तार कर लिया। इस जघन्य हत्याकांड के सामने आने के बाद जैस्मीन के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। भारत में रह रहे परिजनों ने गमगीन होकर कहा कि जैस्मीन एक बेहद नेक दिल इंसान थीं और वह विदेश में एक बेहतर और सुरक्षित जिंदगी जीने की हकदार थीं, लेकिन बेरहम पति ने उसकी जिंदगी छीन ली।

अमेरिकी एजेंसी ICE का फूटा गुस्सा: आरोपी को बताया दिमागी रूप से अस्थिर, एक्स पर की कड़ी निंदा

अपनी छवि को धूमिल करने और हत्या के अपराध को छिपाने के लिए एजेंसी के नाम का दुरुपयोग किए जाने पर अमेरिकी एजेंसी आईसीई ने भी बेहद तल्ख प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए आईसीई ने आरोपी गुरिंदर गिल की जमकर लानत-मलानत की और उसे मानसिक रूप से कुंठित और अस्थिर व्यक्ति करार दिया। एजेंसी ने अपने बयान में कहा कि उनके अधिकारी दिन-रात अपनी जान जोखिम में डालकर खतरनाक अपराधियों और तस्करों को पकड़ते हैं, जबकि गुरिंदर जैसे लोग खुद अपनी पत्नी की जघन्य हत्या जैसे घिनौने अपराध को अंजाम देकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर झूठे आरोप मढ़ते हैं। एजेंसी ने कहा कि इस तरह की हरकतें कानून के रक्षकों की निष्ठा पर सवाल उठाने की घटिया साजिश हैं और आरोपी को अदालत से कठोरतम दंड मिलना चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।