ट्रंप के दामाद का फोन हुआ हैक: जेरेड कुशनर पर सऊदी अरब और UAE के साथ सीक्रेट डीलिंग का आरोप

ट्रंप के दामाद का फोन हुआ हैक: जेरेड कुशनर पर सऊदी अरब और UAE के साथ सीक्रेट डीलिंग का आरोप

वॉशिंगटन से लेकर मध्य पूर्व तक एक बहुत बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक भूचाल आ गया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दामाद और व्हाइट हाउस के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में घिर गए हैं। प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मैगजीन वैनिटी फेयर की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के अनुसार, डच खुफिया एजेंसी के जासूसों ने जेरेड कुशनर के आईफोन की गुप्त निगरानी के दौरान चौंकाने वाले वित्तीय लेन-देन का भंडाफोड़ किया है। आरोप है कि ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल में व्हाइट हाउस के शीर्ष पद पर रहते हुए कुशनर ने खाड़ी देशों के प्रभाव वाले विदेशी बैंक खातों तक गोपनीय पहुंच बनाई थी। दावा किया जा रहा है कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इजरायली नेतृत्व के एजेंडे को तत्कालीन अमेरिकी प्रशासन में आगे बढ़ाने के एवज में अरबों डॉलर के यह गुप्त वित्तीय लेन-देन किए गए। हालांकि कुशनर ने इन सभी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें मनगढ़ंत और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है।

डच जासूसों की सीक्रेट निगरानी में खुला कुशनर के आईफोन का बड़ा राज

मैथ्यू कोल की चर्चित आने वाली किताब 'प्रिंसिस एंड थीव्स: जेरेड कुशनर एंड मोहम्मद बिन जायद्स सीक्रेट प्लॉट टू रीमेक द मिडिल ईस्ट' के अंशों पर आधारित इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि नीदरलैंड के जासूस लंबे समय से जेरेड कुशनर के फोन संचार पर नजर रख रहे थे। इस दौरान खुफिया ऑपरेटरों ने पाया कि कुशनर संयुक्त अरब अमीरात से जुड़े एक विशेष बैंक खाते का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई सरकार द्वारा वित्तपोषित चैरिटी संस्था 'वतनी अल एमारत फाउंडेशन' के फर्स्ट अबू धाबी बैंक स्थित खाते में अजरबैजान के एक बैंक के जरिए करीब 750 मिलियन डॉलर (लगभग 6200 करोड़ रुपये से अधिक) की भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई थी। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि इस खाते पर बतौर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता जेरेड कुशनर के दस्तखत दर्ज थे, हालांकि कागजों पर वे इस खाते के प्रत्यक्ष मालिक नहीं थे।

सऊदी क्राउन प्रिंस और यूएई शासक का नेटवर्क: 2 अरब डॉलर के गुप्त फंड का खेल

जासूसी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस विशाल वित्तीय नेटवर्क की पूरी देखरेख फर्स्ट अबू धाबी बैंक के चेयरमैन और यूएई के मौजूदा शासक मोहम्मद बिन जायद (MBZ) के भाई तहनून बिन जायद कर रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे खाते के पीछे यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की सोची-समझी रणनीति थी। दोनों खाड़ी देशों के शीर्ष शासक एक ऐसा गुप्त वित्तीय ढांचा तैयार करना चाहते थे जो मध्य पूर्व में ट्रंप प्रशासन की विदेश नीतियों और भू-राजनीतिक फैसलों को उनके अनुकूल मोड़ने में मदद कर सके। जांच में यह भी सामने आया कि भले ही मूल फंड का बड़ा विचार बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया, लेकिन इन दो प्रभावशाली शाही परिवारों ने कुशनर के नियंत्रण से जुड़े दो अलग-अलग खातों में कम से कम 2 अरब डॉलर की भारी राशि जमा कराई थी।

1 अरब डॉलर का निजी ट्रांसफर और नेतन्याहू का कनेक्शन: बैकचैनल कूटनीति पर गंभीर सवाल

रिपोर्ट में एक और तीसरे बैंक खाते का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है, जिसके जरिए कथित तौर पर सऊदी शाही परिवार के एक सदस्य ने सीधे कुशनर के निजी फायदे के लिए 1 अरब डॉलर की राशि ट्रांसफर की थी। दावा किया गया है कि इस गोपनीय लेन-देन की पूरी व्यवस्था यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कराई थी। वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कथित तौर पर कुशनर को इस भारी रकम को इजरायली वित्तीय तंत्र में निवेश या जमा करने के लिए प्रोत्साहित किया था। इस पूरे सीक्रेट चैनल में इजरायल में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत डेविड फ्रीडमैन की भूमिका भी सामने आई है, जिनके जरिए नेतन्याहू और कुशनर के बीच बातचीत की रूपरेखा तैयार हुई थी। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये दावे कानूनी स्तर पर सिद्ध होते हैं, तो यह अमेरिकी विदेश नीति में निजी हितों के लिए पद के दुरुपयोग का इतिहास का सबसे बड़ा मामला बन सकता है।

आरोपों पर भड़के जेरेड कुशनर: बोले- यह पत्रकारिता नहीं, बीमार मानसिकता का दुर्भावनापूर्ण प्रोपेगैंडा

इन सनसनीखेज खुलासों के सार्वजनिक होते ही जेरेड कुशनर ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा बयान जारी करते हुए 45 वर्षीय कुशनर ने कहा कि यह कोई खोजी पत्रकारिता नहीं बल्कि पूरी तरह काल्पनिक कहानियों और झूठे प्रचार का पुलिंदा है। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट ऐसे व्यक्ति द्वारा तैयार की गई है जो या तो मानसिक रूप से विक्षिप्त है या फिर किसी दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक एजेंडे के तहत उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना चाहता है। बताते चलें कि राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप के पति कुशनर वर्तमान समय में भी अमेरिकी कूटनीतिक गलियारों में बेहद प्रभावशाली हैं और विशेष दूत स्टीव विटकोफ के साथ मिलकर मध्य पूर्व शांति दल के एक अहम हिस्से के रूप में काम कर रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया है कि भले ही इन खुफिया इनपुट्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचा दिया हो, लेकिन अभी तक अमेरिकी अदालतों में इन आरोपों को किसी पुख्ता आपराधिक सबूत के तौर पर साबित नहीं किया जा सका है।