शराब कारोबार में उतरेगी वरुण बेवरेजेज; 'कीवा स्पिरिट्स' के गठन और ट्यूनीशिया में नए जॉइंट वेंचर के ऐलान

शराब कारोबार में उतरेगी वरुण बेवरेजेज; 'कीवा स्पिरिट्स' के गठन और ट्यूनीशिया में नए जॉइंट वेंचर के ऐलान

भारतीय शेयर बाजार में कंज्यूमर और बेवरेज सेक्टर की दिग्गज लार्जकैप कंपनी वरुण बेवरेजेज लिमिटेड (Varun Beverages Limited - VBL) ने अपने कोर बिजनेस मॉडल का अब तक का सबसे बड़ा और रणनीतिक विस्तार करने का ऐलान किया है। अमेरिका से बाहर वैश्विक स्तर पर पेप्सिको (PepsiCo) की सबसे बड़ी बॉटलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी के रूप में पहचानी जाने वाली वरुण बेवरेजेज अब भारत के तेजी से बढ़ते शराब (Alco-Bev) और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) बेवरेज कारोबार में औपचारिक रूप से उतरने जा रही है।

कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) द्वारा शराब और अलाइड बेवरेज प्रोडक्ट्स के लिए एक पूर्ण स्वामित्व वाली नई सहायक कंपनी के गठन को मंजूरी देने की खबर जैसे ही एक्सचेंज पर आई, निवेशकों में शेयर खरीदने की होड़ मच गई। कारोबारी सत्र के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर वरुण बेवरेजेज के शेयर 2.58 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ ₹438 प्रति शेयर के भाव पर बंद हुए। इस घोषणा के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर भी ट्रेडिंग वॉल्यूम में भारी उछाल दर्ज किया गया।

'कीवा स्पिरिट्स' के जरिए भारतीय बाजार में कदम: जानिए क्या है पूरा बिजनेस प्लान

कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई आधिकारिक नियामक फाइलिंग (Regulatory Filing) के अनुसार, वरुण बेवरेजेज ने भारत के घरेलू बाजार में शराब और रेडी-टू-ड्रिंक उत्पादों के निर्माण, विपणन और वितरण के लिए 'कीवा स्पिरिट्स एंड कंपनी' (KIVA Spirits and Company) नाम से एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी (Wholly Owned Subsidiary) बनाने का फैसला किया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस नई इकाई के गठन के लिए कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) से आवश्यक प्रशासनिक और वैधानिक मंजूरियां प्राप्त हो चुकी हैं।

यह नई सहायक कंपनी मुख्य रूप से निम्नलिखित सेगमेंट्स में काम करेगी:

  • रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) प्रोडक्ट्स: युवाओं और शहरी उपभोक्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे कम अल्कोहल वाले पेय पदार्थ (Canned Cocktails, Flavored Beverages और प्री-मिक्स्ड ड्रिंक्स)।

  • अल्कोहलिक बेवरेजेज: विभिन्न श्रेणियों की प्रीमियम स्पिरिट्स और शराब उत्पाद।

  • अलाइड बेवरेज सॉल्यूशंस: बार टूलकिट, मिक्सर्स और सहायक पेय पदार्थ जो आधुनिक प्रीमियम नाइटलाइफ और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े हैं।

कंपनी ने बताया कि आवश्यक राज्य-स्तरीय आबकारी लाइसेंस और नियामक मंजूरियां मिलने के बाद 'कीवा स्पिरिट्स' भारतीय बाजार में अपने उत्पादों का व्यावसायिक रोलआउट शुरू करेगी।

डियाजियो के पूर्व दिग्गज प्रथमेश मिश्रा को सौंपी कमान: संभालेंगे MD और CEO का पद

शराब और स्पिरिट्स जैसे अत्यधिक प्रतिस्पर्धी और नियमन वाले सेक्टर में अपनी नई पारी को मजबूत शुरुआत देने के लिए वरुण बेवरेजेज ने वैश्विक शराब उद्योग के सबसे अनुभवी दिग्गजों में से एक प्रथमेश मिश्रा (Prathmesh Mishra) को 'कीवा स्पिरिट्स' का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया है।

प्रथमेश मिश्रा का प्रोफाइल और अनुभव कंपनी के लिए एक बड़ा रणनीतिक हथियार साबित होगा:

  • वे हाल ही में दुनिया की सबसे बड़ी स्पिरिट्स कंपनी 'डियाजियो' (Diageo) में कोरिया और जापान के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे, जहां उन्होंने एशिया के दो सबसे जटिल और प्रीमियम बाजारों में कंपनी के कारोबार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

  • इससे पहले उन्होंने सात वर्षों तक डियाजियो इंडिया के चीफ कमर्शियल ऑफिसर (CCO) के रूप में भारत में जॉनी वॉकर, ब्लैक डॉग, स्मिर्नऑफ और मैकडॉवेल्स जैसे दिग्गज ब्रांड्स की संपूर्ण व्यावसायिक रणनीति और डिस्ट्रीब्यूशन का सफल नेतृत्व किया था।

  • इसके अलावा वे डियाजियो में वेस्टर्न रीजन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) भी रह चुके हैं।

शराब उद्योग के इतने अनुभवी और कद्दावर पेशेवर को कमान सौंपने से स्पष्ट होता है कि वरुण बेवरेजेज इस नए बिजनेस को केवल साइड-प्रोजेक्ट के रूप में नहीं, बल्कि कंपनी के अगले बड़े ग्रोथ इंजन के रूप में विकसित करने की पूरी तैयारी में है।

ट्यूनीशिया में नई जॉइंट वेंचर कंपनी और ग्लोबल विस्तार पर मुहर

शराब कारोबार के साथ-साथ वरुण बेवरेजेज ने अपने अंतरराष्ट्रीय पदचिह्न (International Footprint) को और अधिक फैलाने के लिए अफ्रीकी देश ट्यूनीशिया में एक नई जॉइंट वेंचर (JV) कंपनी बनाने को भी औपचारिक मंजूरी दे दी है।

  • कंपनी का नाम: इस नई कंपनी का नाम 'वरुण बेवरेजेज ट्यूनीशिया एसए' (Varun Beverages Tunisia SA) होगा।

  • इक्विटी हिस्सेदारी: इस संयुक्त उद्यम में वरुण बेवरेजेज की 75% बहुमत हिस्सेदारी होगी, जबकि शेष 25% हिस्सेदारी स्थानीय भागीदार 'बेवांडा' (Bevanda Tunisia) के पास रहेगी।

  • उत्पाद पोर्टफोलियो: यह कंपनी ट्यूनीशियाई बाजार में कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक (CSD), फ्रूट जूस, पैकेज्ड पेयजल और डेयरी उत्पादों के बड़े पैमाने पर उत्पादन और वितरण का काम संभालेगी।

इससे पहले कंपनी ने मोरक्को, जाम्बिया, जिम्बाब्वे, कांगो और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में अपने परिचालन का सफलतापूर्वक विस्तार किया है। ट्यूनीशिया में यह नया कदम कंपनी के अफ्रीकी बाजार में दबदबे को और मजबूत करेगा।

मजबूत वित्तीय नतीजे और 50 पैसे प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान

वरुण बेवरेजेज का वित्तीय ट्रैक रिकॉर्ड हमेशा से निवेशकों का पसंदीदा रहा है। कैलेंडर वर्ष को अपना वित्त वर्ष मानने वाली कंपनी ने हाल ही में जून तिमाही (Q2) के अपने वित्तीय परिणाम भी घोषित किए थे:

  • शुद्ध लाभ (Net Profit): जून तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 15 प्रतिशत बढ़कर ₹1,525.35 करोड़ पर पहुंच गया।

  • कुल राजस्व (Revenue): कंपनी का परिचालन राजस्व 20.76 प्रतिशत की शानदार वृद्धि के साथ ₹8,650.57 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया।

  • वॉल्यूम ग्रोथ: भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पेय पदार्थों की दोहरे अंकों (Double-Digit) में दर्ज की गई वॉल्यूम ग्रोथ ने कंपनी के मार्जिन को मजबूती दी।

  • दूसरा अंतरिम डिविडेंड: कंपनी के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों के लिए ₹2 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 50 पैसे (25%) के दूसरे अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है।

अल्कोहल और आरटीडी (RTD) मार्केट में क्यों उतर रही है कंपनी? विकास की नई संभावनाएं

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि केवल कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स और बोतलबंद पानी पर निर्भर रहने के बजाय नॉन-अल्कोहलिक और अल्कोहलिक आरटीडी बेवरेज में उतरना एक बेहद समझदारी भरा कदम है।

भारत का अल्कोहल और रेडी-टू-ड्रिंक बाजार दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है। प्रीमियम बेवरेज, लो-अल्कोहल कॉकटेल और फ्लेवर्ड ड्रिंक्स की मांग महानगरों से लेकर टियर-2 शहरों में तेजी से बढ़ रही है। वरुण बेवरेजेज के पास भारत में 30 लाख से अधिक रिटेल आउटलेट्स, सुपरमार्केट्स, कोल्ड-चेन नेटवर्क और रेस्तरां तक सीधी पहुंच का सबसे मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। अपनी इसी डिस्ट्रीब्यूशन ताकत का फायदा उठाकर कंपनी बेहद कम लागत में नए स्पिरिट्स और आरटीडी उत्पादों को पूरे देश के कोने-कोने तक तेजी से पहुंचा सकती है। इससे पहले कंपनी ने जापान के असाही ग्रुप (Asahi Group) के साथ मिलकर भारत में 'CALPIS' के उत्पादन और वितरण के लिए भी हाथ मिलाया था।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने और स्टॉक का लॉन्ग-टर्म आउटलुक

प्रमुख ब्रोकरेज हाउसेज (Brokerage Houses) ने वरुण बेवरेजेज के इस रणनीतिक कदम का स्वागत किया है। विश्लेषकों का कहना है कि स्पिरिट्स और आरटीडी सेगमेंट में ग्रॉस मार्जिन सामान्य सॉफ्ट ड्रिंक्स की तुलना में काफी अधिक होते हैं। यदि कंपनी इस नए क्षेत्र में 2 से 3 साल के भीतर मजबूत ब्रांड स्थापित करने में सफल रहती है, तो यह इसके समग्र एबिटा मार्जिन और रिटर्न रेशियो को एक नए स्तर पर ले जाएगा। मजबूत बैलेंस शीट, कर्ज में लगातार कमी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार और अब नए सेक्टर्स में एंट्री वरुण बेवरेजेज को लॉन्ग-टर्म पोर्टफोलियो के लिहाज से एक आकर्षक एफएमसीजी/कंज्यूमर स्टॉक बनाए रखती है।