₹1.52 लाख तक पहुंच सकती है लेवल-8 कर्मचारियों की सैलरी? जानिए फिटमेंट फैक्टर और इन-हैंड पे का पूरा गणित

₹1.52 लाख तक पहुंच सकती है लेवल-8 कर्मचारियों की सैलरी? जानिए फिटमेंट फैक्टर और इन-हैंड पे का पूरा गणित

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू हुए एक दशक पूरा होने को है, ऐसे में कर्मचारी संगठन नए वेतन आयोग के गठन और न्यूनतम वेतन से लेकर उच्च वेतनमान तक फिटमेंट फैक्टर के संशोधन की मांग कर रहे हैं। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा पे मैट्रिक्स के लेवल-8 (Level-8) में आने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन को लेकर हो रही है।

दावा किया जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद लेवल-8 के कर्मियों की ग्रॉस सैलरी ₹1.52 लाख के पार पहुंच सकती है। आखिर इस दावे में कितनी सच्चाई है और इसके पीछे क्या वित्तीय फॉर्मूला काम कर रहा है, आइए इसे विस्तार से समझते हैं।

लेवल-8 में कौन आते हैं और अभी कितनी है बेसिक पे?

7वें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स के अनुसार, लेवल-8 का ग्रेड पे पुराना ₹4,800 हुआ करता था। इसमें केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) के सेक्शन ऑफिसर (SO), केंद्रीय जांच एजेंसी/कस्टम/इनकम टैक्स के इंस्पेक्टर्स/सुपरिटेंडेंट (प्रमोशन के बाद) और कई विभागों के ग्रुप-बी (राजपत्रित/गैर-राजपत्रित) अधिकारी आते हैं:

  • मौजूदा शुरुआती बेसिक पे (Entry Basic Pay): ₹47,600 प्रति माह

  • वर्तमान डीए (Dearness Allowance): 50% से 53% के बीच

  • अन्य भत्ते: मकान किराया भत्ता (HRA - X क्लास शहरों में 30%), परिवहन भत्ता (TPTA) आदि जोड़कर वर्तमान में शुरुआती ग्रॉस सैलरी लगभग ₹85,000 से ₹90,000 के आसपास बनती है।

फिटमेंट फैक्टर का गणित: कैसे बदलती है बेसिक पे?

वेतन आयोग में सबसे अहम भूमिका 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) की होती है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुई थी।

8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संघ 2.86 से लेकर 3.00 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, जबकि वित्तीय जानकारों का मानना है कि सरकार इसे 1.92 से 2.22 या मध्यम स्तर पर 2.50 से 2.86 के बीच रख सकती है।

फिटमेंट फैक्टर (संभावित) वर्तमान एंट्री बेसिक पे 8वें वेतन आयोग में नई बेसिक पे
2.57 (7th CPC के समान) ₹47,600 ₹1,22,332
2.86 (कर्मचारी संघों की मांग) ₹47,600 ₹1,36,136
3.00 (अधिकतम अनुमानित) ₹47,600 ₹1,42,800

क्या ₹1.52 लाख तक पहुंचेगी ग्रॉस सैलरी? समझें पूरा ब्रेकडाउन

लेवल-8 के शुरुआती कर्मचारी की बेसिक पे अगर 2.57 से 2.86 के फिटमेंट फैक्टर पर तय होती है, तो उनकी शुरुआती बेसिक ₹1.22 लाख से ₹1.36 लाख के बीच होगी। लेकिन जो कर्मचारी पहले से सेवा में हैं और 4-5 इंक्रीमेंट ले चुके हैं (जिनकी वर्तमान बेसिक ₹55,000 से ₹60,000 के आसपास है), उनका गणित सीधे ₹1.52 लाख के आंकड़े को छूता है।

यदि 2.50 से 2.86 के फिटमेंट फैक्टर और टीयर-1 (X क्लास शहर जैसे दिल्ली, मुंबई) के भत्तों को जोड़ें:

  • संशोधित बेसिक पे: लगभग ₹1,15,000 – ₹1,25,000

  • हाउस रेंट अलाउंस (HRA - 24% से 30%): लगभग ₹28,000 – ₹35,000

  • ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA + DA): लगभग ₹8,000 – ₹10,000

  • अन्य मेडिकल व विभागीय भत्ते: ₹2,000 – ₹4,000

  • कुल अनुमानित ग्रॉस सैलरी: ₹1,50,000 से ₹1,65,000 प्रति माह

इस प्रकार, दिल्ली जैसे मेट्रो शहरों में पदस्थ लेवल-8 के कर्मियों की कुल मासिक परिलब्धियां (Gross Emoluments) आसानी से ₹1.52 लाख के पार निकल सकती हैं।

नए वेतन आयोग में डीए (DA) हो जाता है शून्य

यह ध्यान रखना आवश्यक है कि जब भी कोई नया वेतन आयोग लागू होता है, तो उस समय तक जमा हुआ पूरा महंगाई भत्ता (DA) बेसिक सैलरी में मर्ज (विलय) कर दिया जाता है। यानी 8वें वेतन आयोग के लागू होते ही डीए की दर फिर से 0% (शून्य) से शुरू होगी और जैसे-जैसे मुद्रास्फीति बढ़ेगी, हर 6 महीने पर इसमें 3-4% की बढ़ोतरी की जाएगी। इसलिए शुरुआती महीनों में सैलरी का सबसे बड़ा हिस्सा केवल रिवाइज्ड बेसिक पे और एचआरए ही होगा।

कब तक लागू होने की उम्मीद?

परंपरागत रूप से हर 10 साल में नए वेतन आयोग का गठन होता है। 7वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ था। इस हिसाब से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होनी चाहिए। हालांकि, सरकार की ओर से आयोग के औपचारिक गठन और इसके 'टर्म्स ऑफ रेफरेंस' (ToR) को लेकर फिलहाल आधिकारिक अधिसूचना जारी होना बाकी है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि आगामी बजट और वित्तीय सत्रों में केंद्र सरकार इस पर ठोस कदम उठा सकती है।