कैबिनेट बैठक अपडेट: ₹13,000 करोड़ का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट, 4 रेलवे लाइन और 1 हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी
केंद्र सरकार ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में संपन्न हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के विभिन्न हिस्सों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए लगभग ₹13,041 करोड़ के भारी-भरकम निवेश को हरी झंडी दिखाई गई है। इस योजना के तहत मुख्य रूप से रेलवे नेटवर्क के विस्तार और सड़क परिवहन को आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है। सरकार के इन साक्षात् प्रयासों से न केवल माल ढुलाई आसान होगी बल्कि यात्रियों को भी आधुनिक और तेज परिवहन सुविधाओं का लाभ मिलेगा। देश के आर्थिक विकास और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को रफ्तार देने के लिए इस तरह के नीतिगत फैसले काफी अहम माने जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इन सभी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि सरकार देश के हर कोने को बेहतर परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सभी पहलों से देश के आठ प्रमुख जिलों में व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
हावड़ा-चेन्नई मुख्य मार्ग का चौहरीकरण और नई रेल लाइनें
इस नए इन्फ्रास्ट्रक्चर पैकेज के तहत भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्गों में से एक, हावड़ा-चेन्नई मुख्य लाइन के चौहरीकरण (Quadrupling) पर विशेष फोकस किया गया है। रेल मंत्री ने जानकारी दी कि हावड़ा से चेन्नई तक के इस रूट को पूरी तरह से चार-लाइन वाला बनाया जाएगा, जिससे इस पर ट्रेनों की आवाजाही क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी। इस मेगा प्रोजेक्ट के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण रेल खंडों को शामिल किया गया है। इसमें खड़गपुर से भद्रक (रानीताल) के बीच चौथी लाइन बिछाना शामिल है, जिसकी अनुमानित लागत ₹3,352 करोड़ है और यह लगभग 173 किलोमीटर का दायरा कवर करती है। इसके अलावा भद्रक से हरदासपुर चौथी लाइन पर ₹1,583 करोड़ तथा गुम्मिडिपूंडी से गुदुर के बीच तीसरी और चौथी लाइन के निर्माण पर ₹2,229 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के कई जिलों को सीधा लाभ पहुंचेगा तथा कुल रेल नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी।
बिहार में हाईवे प्रोजेक्ट और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा
रेलवे के अलावा सड़क परिवहन और राजमार्ग क्षेत्र को भी मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण हाईवे प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। बिहार राज्य में नेपाल सीमा के पास कनेक्टिविटी को बेहतर और सुगम बनाने के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार-लेन (4-Lane) में बदलने के प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई है। इस फोर-लेन हाईवे परियोजना पर कुल ₹3,591 करोड़ की लागत आएगी, जिसे हाइब्रिड एन्यूइटी मोड (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा। इस सड़क परियोजना के बन जाने से सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन बेहद आसान हो जाएगा और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। सरकार की इन दूरदर्शी परियोजनाओं से न केवल यात्रा के समय में कमी आएगी बल्कि सुदूर ग्रामीण इलाकों से जिला मुख्यालयों और बड़े शहरों तक पहुंच भी सुलभ होगी। इस प्रकार, केंद्रीय मंत्रिमंडल के ये ऐतिहासिक निर्णय देश के आर्थिक और सामाजिक विकास को एक नई दिशा प्रदान करेंगे।