Gold Price Today: इस हफ्ते सोना हुआ महंगा, चांदी के भाव गिरे; खरीदारी या बिकवाली से पहले जानिए
त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं की चाल में दिलचस्प उलटफेर देखने को मिला है। इस कारोबारी हफ्ते सोने के भाव में मजबूती दर्ज की गई और पीली धातु में तेजी का रुख बना रहा, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक मांग में सुस्ती और मुनाफावसूली के चलते चांदी की चमक फीकी पड़ी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के मुताबिक, शादियों और त्योहारी खरीदारी की उम्मीद के बीच सोने में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। यदि आप भी धनतेरस या दिवाली के पावन मौके पर सोने के गहने, सिक्के खरीदने या पहले से रखे सोने पर मुनाफावसूली (बिकवाली) करने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार विशेषज्ञों के विश्लेषण को समझ लेना बेहद जरूरी है।
इस हफ्ते सोने में क्यों आई तेजी और चांदी क्यों फिसली?
वैश्विक और घरेलू दोनों स्तरों पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने सोने को एक मजबूत सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में पेश किया है। केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी और त्योहारों से पहले खुदरा मांग बढ़ने से घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोना 76,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपरी दायरे में मजबूती से टिका हुआ है। इसके विपरीत, चांदी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक मांग की धीमी रफ्तार और ऊंचे स्तरों पर ट्रेडर्स की भारी बिकवाली के चलते दबाव बना रहा। विश्लेषकों का कहना है कि चांदी में आई यह हालिया गिरावट तकनीकी सुधार (करेक्शन) है, जबकि सोने का लॉन्ग-टर्म रुझान अब भी तेजी का बना हुआ है।
सोना खरीदने या बेचने से पहले एक्सपर्ट्स की क्या है सलाह?
कमोडिटी और वेल्थ मैनेजमेंट विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा स्तरों पर निवेशकों और उपभोक्ताओं को एकतरफा आक्रामक दांव लगाने के बजाय चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए:
-
नए खरीदारों के लिए रणनीति (Buy on Dips): यदि आप आभूषण या निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो एकमुश्त बड़ी खरीदारी करने से बचें। बाजार जब भी 1 से 1.5 प्रतिशत का तकनीकी करेक्शन (गिरावट) दिखाए, तब 'बाय ऑन डिप्स' रणनीति के तहत टुकड़ों में खरीदारी करें।
-
मौजूदा निवेशकों के लिए मुनाफावसूली (Partial Profit Booking): जिन निवेशकों ने निचले स्तरों (60,000 से 65,000 रुपये) पर भारी निवेश किया था, वे अपने पोर्टफोलियो का 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा ऊंचे भावों पर बेचकर आंशिक मुनाफा बुक कर सकते हैं। हालांकि, सोने से पूरी तरह बाहर निकलने की गलती न करें, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता इसे लंबी अवधि में नए शिखर पर ले जा सकती है।
-
फिजिकल गोल्ड बनाम डिजिटल गोल्ड: विशेषज्ञों का सुझाव है कि गहनों की खरीदारी में मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी का अतिरिक्त भार लगता है। यदि उद्देश्य केवल वित्तीय निवेश है, तो गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) का विकल्प चुनें, जहां शुद्धता का कोई जोखिम नहीं होता और लिक्विडिटी भी बेहतर मिलती है।
शुद्धता और हॉलमार्किंग की जांच है सबसे अनिवार्य
त्योहारी सीजन में सोने के आभूषण खरीदते समय किसी भी धोखाधड़ी से बचने के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा अनिवार्य किए गए 6 अंकों के अल्फान्यूमेरिक HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) कोड की जांच अवश्य करें। 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध माना जाता है, जो सिक्के या बार के लिए उपयुक्त है, जबकि मजबूत आभूषणों के निर्माण के लिए 22 कैरेट (916 शुद्धता) या 18 कैरेट (750 शुद्धता) का उपयोग किया जाता है। उपभोक्ता 'BIS Care App' के जरिए अपने आभूषण पर अंकित HUID नंबर डालकर उसकी शुद्धता और ज्वैलर के रजिस्ट्रेशन की प्रमाणिकता सीधे अपने मोबाइल पर जांच सकते हैं।