दिल्ली में नहीं घुस पाएंगे 'कॉकरोच': केंद्र सरकार का सभी राज्यों को कड़ा निर्देश

दिल्ली में नहीं घुस पाएंगे 'कॉकरोच': केंद्र सरकार का सभी राज्यों को कड़ा निर्देश

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग और विभिन्न मुद्दों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) तथा उससे जुड़े छात्र-युवा संगठनों के लगातार उग्र होते तेवरों के बीच केंद्र सरकार ने बेहद कड़ा प्रशासनिक रुख अख्तियार कर लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों (DGP) व मुख्य सचिवों को एक अहम सुरक्षा निर्देश जारी किया है। केंद्र ने साफ निर्देश दिया है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी संदिग्ध उपद्रवी या सीजेपी समर्थकों को दिल्ली की सीमाओं में प्रवेश न करने दिया जाए। इसके लिए सभी राज्य पुलिस बलों और खुफिया एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे संदिग्ध गतिविधियों और आंदोलनकारी जत्थों की आवाजाही से जुड़े रियल-टाइम खुफिया इनपुट्स तुरंत दिल्ली पुलिस व केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा करें।

गृह मंत्रालय का निर्देश: संदिग्ध आंदोलनकारियों की रियल-टाइम मैपिंग जरूरी

गृह मंत्रालय द्वारा जारी परामर्श (एडवाइजरी) में रेखांकित किया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी के संवेदनशील इलाकों, वीवीआईपी क्षेत्रों और जंतर-मंतर जैसे धरना स्थलों पर बिना पूर्व अनुमति के अनियंत्रित भीड़ का जुटना आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में ऐसे समूहों, छात्र संगठनों और सोशल मीडिया नेटवर्क्स पर कड़ी नजर रखें जो दिल्ली कूच के लिए फंडिंग, लॉजिस्टिक्स या युवाओं को लामबंद करने का काम कर रहे हैं। बस अड्डों, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और टोल प्लाजाओं से दिल्ली की ओर रवाना होने वाले संदिग्ध काफिलों की पूर्व सूचना तत्काल साझा करने को अनिवार्य किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर की सभी सीमाओं पर त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा

केंद्र के कड़े निर्देशों के बाद दिल्ली पुलिस ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश से सटी तमाम सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया है। सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, कालिंदी कुंज और अप्सरा बॉर्डर पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग, सीसीटीवी सर्विलांस और ड्रोन निगरानी शुरू कर दी गई है। सीमावर्ती इलाकों से दिल्ली में प्रवेश करने वाली सार्वजनिक बसों, निजी वाहनों और संदिग्ध टैक्सियों की सघन चेकिंग की जा रही है। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) ने फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गैर-कानूनी ढंग से एकत्रित होने वाले किसी भी समूह को सीमा पर ही रोककर वापस भेजा जाए।

लुटियंस दिल्ली और संवेदनशील प्रतिष्ठानों के बाहर धारा 163 लागू

निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग मुख्यालय), संसद भवन परिसर, इंडिया गेट और प्रमुख केंद्रीय मंत्रालयों के आसपास सुरक्षा घेरा कई गुना कड़ा कर दिया गया है। नई दिल्ली जिले के अधिकांश हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) के तहत 5 या उससे अधिक लोगों के एक साथ जमा होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ त्वरित कार्य बल (RAF) और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CRPF) की अतिरिक्त कंपनियों को प्रमुख मेट्रो स्टेशनों और चौराहों पर तैनात किया गया है ताकि किसी भी अचानक होने वाले 'फ्लैश मॉब' या सड़क जाम को तुरंत विफल किया जा सके।

सोशल मीडिया और डिजिटल लामबंदी पर साइबर सेल की पैनी नजर

जमीनी सीमाओं की नाकेबंदी के साथ-साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और साइबर यूनिट को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। टेलीग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप्स और 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर दिल्ली कूच का आह्वान करने वाले अकाउंट्स की डिजिटल मैपिंग की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि भड़काऊ संदेशों, अफवाहों या प्रतिबंधित क्षेत्रों में गैर-कानूनी ढंग से भीड़ जुटाने की साजिश रचने वालों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।