भुवी की वापसी पर बोले शमी: 'अच्छी बात है, लेकिन यह मेरे लिए चिंता का विषय नहीं

भुवी की वापसी पर बोले शमी: 'अच्छी बात है, लेकिन यह मेरे लिए चिंता का विषय नहीं

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की चार साल के लंबे अंतराल के बाद अंतरराष्ट्रीय टी20 टीम में वापसी ने जहां प्रशंसकों और खेल प्रेमियों को रोमांचित कर दिया है, वहीं लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी का इस पर बड़ा और बेबाक बयान सामने आया है। आगामी न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुनी गई भारतीय टी20 टीम में भुवी के चुने जाने और खुद को नजरअंदाज किए जाने पर मोहम्मद शमी ने दो-टूक प्रतिक्रिया दी है। 36 वर्षीय तेज गेंदबाज ने साफ शब्दों में कहा कि भुवनेश्वर का भारतीय टीम में चुना जाना उनके लिए अच्छी बात है, लेकिन यह उनके लिए किसी भी तरह की चिंता या बेचैनी का विषय नहीं है। शमी ने कड़े शब्दों में यह भी जोड़ा कि अगर घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन और फिटनेस साबित करने के बाद भी उन्हें नहीं चुना जाता है, तो यह उनका नुकसान नहीं है।

'भुवी को मौका मिला यह अच्छा है, लेकिन मेरी चिंता का विषय नहीं'

रणजी ट्रॉफी सत्र की शुरुआत से पहले एक विशेष साक्षात्कार में जब मोहम्मद शमी से उनके पुराने साथी भुवनेश्वर कुमार की चार साल बाद हुई सरप्राइज वापसी पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही सहज और शांत अंदाज में जवाब दिया। शमी ने कहा, "भुवनेश्वर कुमार को दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका मिला है, यह उनके लिए वाकई बहुत अच्छी बात है और मैं इसके लिए खुश हूं। लेकिन उनका चयन मेरे लिए चिंता का विषय नहीं है। मुझे जहां भी और जिस भी स्तर पर खेलने का मौका मिलेगा, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दूंगा। फिलहाल मेरा पूरा ध्यान बंगाल के लिए इस रणजी मुकाबले पर लगा हुआ है।"

'अगर मुझे मौका नहीं मिलता तो यह मेरा नुकसान नहीं है'—शमी का छलका दर्द

लगातार राष्ट्रीय चयन से दरकिनार किए जाने के सवाल पर मोहम्मद शमी का दर्द और असंतोष भी साफ तौर पर झलका। उन्होंने चयनकर्ताओं की कार्यप्रणाली पर अप्रत्यक्ष प्रहार करते हुए कहा, "पिछले दो-तीन वर्षों से मेरे साथ लगातार यही सब होता आ रहा है। मैंने हमेशा मैदान पर गेंद से प्रदर्शन करके दिखाया है और बंगाल के लिए लगातार ओवर फेंककर अपनी फिटनेस भी साबित की है। इसके बावजूद अगर मुझे दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता है, तो यह मेरा नुकसान नहीं है। मेरा काम गेंदबाजी करना और फिट रहना है, जो मैं पूरी निष्ठा से कर रहा हूं।"

2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य से बाहर हैं शमी

मोहम्मद शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला वर्ष 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान खेला था। इससे पहले एकदिवसीय विश्व कप में सर्वाधिक विकेट चटकाने के बाद वे गंभीर टखने की चोट और सर्जरी के चलते लंबे समय तक मैदान से दूर रहे थे। हालांकि, प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी के बाद उन्होंने घरेलू स्तर पर बंगाल के लिए रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और हाल ही में दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन को खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद तत्कालीन मुख्य चयनकर्ता और चयन समिति लगातार युवा गेंदबाजों को तरजीह देती रही और शमी को किसी भी प्रारूप में मौका नहीं दिया गया।

भुवी की वापसी के बाद शमी को लेकर भी उठी आवाजें, अश्विन ने भी दिए थे संकेत

हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू श्रृंखला के दौरान भारतीय तेज गेंदबाजों के लचर प्रदर्शन और सपाट पिचों पर रनों के रिसाव के बाद अनुभवी तेज गेंदबाजों की जरूरत पर गंभीर बहस शुरू हो गई है। भुवनेश्वर कुमार के चयन के बाद पूर्व दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भी अपने विश्लेषण में कहा था कि चयन समिति में आए बदलावों और जसप्रीत बुमराह के वर्कलोड मैनेजमेंट को देखते हुए मोहम्मद शमी के लिए भी दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं माने जाने चाहिए। वर्ष 2027 के वनडे विश्व कप की रणनीतियों के बीच घरेलू क्रिकेट में शमी की निरंतरता भारतीय टीम प्रबंधन पर आने वाले समय में दबाव जरूर बना सकती है।