गोल्ड रेट आज: दिल्ली, पटना, लखनऊ समेत प्रमुख शहरों में स्थिरता, जानिए आखिर क्यों एक सीमित दायरे में बंधा है सोना?
घरेलू सर्राफा बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से सोने की चाल काफी सुस्त और सीमित दायरे (Range-Bound Trading) में कैद नजर आ रही है। वैश्विक स्तर पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक (US Fed) की ब्याज दरों को लेकर बने अनिश्चित माहौल और मजबूत डॉलर इंडेक्स के बीच पीली धातु में न तो कोई बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है और न ही भारी गिरावट। राष्ट्रीय स्तर पर 24 कैरेट शुद्ध सोना ₹1,54,300 से ₹1,54,500 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट जेवराती सोना ₹1,41,400 से ₹1,41,600 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। स्थानीय टैक्स, ऑक्ट्रॉय और ज्वेलर्स के मेकिंग चार्ज के कारण विभिन्न शहरों में मामूली अंतर दर्ज किया गया है।
देश के प्रमुख शहरों में 22K और 24K सोने के भाव (प्रति 10 ग्राम)
| शहर | 22 कैरेट गोल्ड (₹) | 24 कैरेट गोल्ड (₹) |
| दिल्ली (Delhi) | ₹1,41,600 | ₹1,54,460 |
| लखनऊ (Lucknow) | ₹1,41,600 | ₹1,54,460 |
| पटना (Patna) | ₹1,41,500 | ₹1,54,360 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹1,41,450 | ₹1,54,310 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹1,41,450 | ₹1,54,310 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹1,41,450 | ₹1,54,310 |
| हैदराबाद (Hyderabad) | ₹1,41,450 | ₹1,54,310 |
| बेंगलुरु (Bengaluru) | ₹1,41,450 | ₹1,54,310 |
| अहमदाबाद (Ahmedabad) | ₹1,41,500 | ₹1,54,360 |
| जयपुर (Jaipur) | ₹1,41,600 | ₹1,54,460 |
| भोपाल (Bhopal) | ₹1,41,500 | ₹1,54,360 |
| इंदौर (Indore) | ₹1,41,500 | ₹1,54,360 |
| चंडीगढ़ (Chandigarh) | ₹1,41,600 | ₹1,54,460 |
| सूरत (Surat) | ₹1,41,500 | ₹1,54,360 |
| नागपुर (Nagpur) | ₹1,41,450 | ₹1,54,310 |
| पुणे (Pune) | ₹1,41,450 | ₹1,54,310 |
| भुवनेश्वर (Bhubaneswar) | ₹1,41,450 | ₹1,54,310 |
| वाराणसी (Varanasi) | ₹1,41,600 | ₹1,54,460 |
| कानपुर (Kanpur) | ₹1,41,600 | ₹1,54,460 |
| केरल (Kerala) | ₹1,41,450 | ₹1,54,310 |
(नोट: उपर्युक्त भाव सांकेतिक हैं। इनमें 3% जीएसटी, टीसीएस और ज्वेलर्स का मेकिंग चार्ज शामिल नहीं है।)
आखिर क्यों एक रेंज में बंध गया है सोना?
कमोडिटी मार्केट विशेषज्ञों और वैश्विक एनालिस्ट्स के अनुसार, सोने का भाव किसी एक दिशा में बड़ी छलांग लगाने के बजाय एक संकरे दायरे में इसलिए घूम रहा है:
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यूएस फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति पर अनिर्णय: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की गति और टाइमलाइन को लेकर बाजार में स्पष्टता नहीं है। मजबूत अमेरिकी जॉब्स डेटा और महंगाई के आंकड़ों के चलते बॉन्ड यील्ड ऊंची बनी हुई है, जिससे बिना ब्याज वाले सोने (Non-yielding asset) पर दबाव रहता है।
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डॉलर इंडेक्स की मजबूती: अमेरिकी डॉलर वैश्विक स्तर पर स्थिर और मजबूत स्थिति में बना हुआ है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग सीमित हो जाती है।
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क्रूड ऑयल और महंगाई की चिंता: कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने महंगाई को लेकर आशंकाएं बढ़ाई हैं। एक तरफ जहां सोना महंगाई से बचाव (Inflation Hedge) का साधन है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई से दरों में कटौती टलने का डर सोने की तेजी को रोक देता है।
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सेंट्रल बैंकों की खरीदारी बनाम प्रॉफिट बुकिंग: विश्व भर के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए लगातार निचली कीमतों पर सोना खरीद रहे हैं, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलता है। लेकिन जैसे ही भाव थोड़ा ऊपर जाता है, शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स मुनाफावसूली (Profit Booking) कर लेते हैं। इसी खींचतान के चलते सोना एक निश्चित दायरे में फंसा हुआ है।
कमोडिटी जानकारों का मानना है कि जब तक आगामी अमेरिकी केंद्रीय बैंक की बैठक और प्रमुख वैश्विक मुद्रास्फीति आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक सर्राफा बाजार में ऐसा ही कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।