प्याज खरीदने वालों के लिए गुड न्यूज! अब बफर स्टॉक से ₹35/kg में होगी बिक्री; जानिए अपने शहर का भाव और कहां मिलेगा सस्ता प्याज
त्योहारी सीजन की शुरुआत से ठीक पहले देश की आम जनता और गृहणियों की रसोई का बजट बिगाड़ रही प्याज की महंगाई पर केंद्र सरकार ने बड़ा और कड़ा दखल दिया है। देश के कई महानगरों में प्याज के खुदरा दाम ₹60 से ₹65 प्रति किलो तक पहुंचने के बाद उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने अपने रणनीतिक बफर स्टॉक से बाजार में प्याज उतार दिया है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) और NAFED के जरिए देश के 17 बड़े शहरों में मात्र ₹35 प्रति किलोग्राम की रियायती (सब्सिडी) दर पर खुदरा प्याज बेचना शुरू कर दिया है। शुरुआती 10 दिनों में ही 4,000 टन से अधिक प्याज बफर स्टॉक से जारी कर दिया गया है, जिससे खुदरा मंडियों में कीमतों पर दबाव कुछ कम हुआ है।
'कांदा एक्सप्रेस' और ट्रकों से पहुंचाई जा रही प्याज की खेप
महंगाई से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में तुरंत सप्लाई पहुंचाने के लिए सरकार ने रेलवे और सड़क परिवहन का हाइब्रिड मॉडल तैयार किया है:
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कांदा एक्सप्रेस ट्रेन: महाराष्ट्र के प्रमुख प्याज उत्पादक केंद्र लासलगांव/नासिक से भारतीय रेलवे की विशेष फ्रेट ट्रेन 'कांदा एक्सप्रेस' के जरिए भारी मात्रा में प्याज सीधे दिल्ली और चेन्नई पहुंचाया जा चुका है, जबकि अगली बड़ी खेप गुवाहाटी और पूर्वोत्तर के शहरों के लिए रवाना की जा रही है।
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1.21 लाख टन का बफर स्टॉक: केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए लगभग 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार किया है।
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क्वालिटी में कोई समझौता नहीं: उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने स्पष्ट किया है कि बफर स्टॉक से बेचा जा रहा प्याज आकार, गुणवत्ता और ग्रेडिंग में खुले बाजार के व्यापारियों द्वारा बेचे जा रहे प्याज के बिल्कुल बराबर है।
आपको कहां मिलेगा ₹35 किलो वाला प्याज?
उपभोक्ताओं को सीधे राहत पहुंचाने के लिए सरकारी एजेंसियों ने कई वितरण चैनल सक्रिय किए हैं:
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मोबाइल वैन (Mobile Vans): दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु, केरल और ओडिशा के प्रमुख रिहायशी इलाकों और बाजारों में NCCF और NAFED की दर्जनों वैन घूम-घूमकर ₹35/kg में प्याज बेच रही हैं।
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केंद्रीय भंडार और सफल आउटलेट्स: दिल्ली और आसपास के शहरों में 'केंद्रीय भंडार' के 100 से अधिक केंद्रों और 'सफल' (Safal) बूथों पर यह प्याज उपलब्ध कराया गया है।
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राशन की दुकानें (उचित दर दुकानें): दिल्ली समेत कुछ राज्यों ने फेयर प्राइस शॉप्स (राशन की दुकानों) के जरिए भी इस सब्सिडी वाले प्याज को आम नागरिकों तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई है।
जानिए प्रमुख शहरों में क्या है प्याज का ताजा खुदरा भाव
सरकारी हस्तक्षेप के बाद खुदरा बाजार में औसतन ₹2 से ₹3 प्रति किलो की नरमी दर्ज की गई है, लेकिन अभी भी कई बड़े शहरों में खुले बाजार के भाव काफी ऊपर बने हुए हैं:
| शहर | खुले बाजार में ताजा खुदरा भाव (प्रति किलो) | सरकारी बफर स्टॉक का रियायती भाव |
| नई दिल्ली | ₹58 – ₹65 | ₹35 / kg |
| चेन्नई | ₹60 – ₹63 | ₹35 / kg |
| मुंबई | ₹50 – ₹53 | ₹35 / kg |
| लखनऊ / कानपुर | ₹48 – ₹52 | ₹35 / kg |
| कोलकाता | ₹55 – ₹60 | ₹35 / kg |
| रांची | ₹40 – ₹45 | ₹35 / kg |
| अखिल भारतीय औसत | ₹50.79 | ₹35 / kg |
(नोट: खुले बाजार की कीमतें स्थानीय मंडियों और गुणवत्ता के आधार पर थोड़ी भिन्न हो सकती हैं।)
आगे कब तक मिलेगी पूरी राहत?
उपभोक्ता मामलों के विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस साल कटाई के दौरान हुई बेमौसम बारिश से रबी सीजन की प्याज फसल को कुछ नुकसान हुआ था, जिस वजह से ऑफ-सीजन में दाम बढ़े। हालांकि, खरीफ सीजन की नई प्याज की फसल बेहतर स्थिति में है। अक्टूबर के मध्य से जब नई खरीफ फसल की आवक देश भर की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में तेज होगी, तब बाजार में सामान्य सप्लाई बहाल हो जाएगी और प्याज की कीमतें स्वाभाविक रूप से नीचे आ जाएंगी। तब तक सरकार अपने 1.21 लाख टन के बफर स्टॉक से बाजार में निरंतर आपूर्ति जारी रखकर कीमतों पर लगाम कसे रखेगी।