RBI के सख्त नियमों का शिकंजा! बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयरों में भारी गिरावट, निवेशकों की बढ़ी टेंशन

RBI के सख्त नियमों का शिकंजा! बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयरों में भारी गिरावट, निवेशकों की बढ़ी टेंशन

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए जारी किए गए नए ड्राफ्ट प्रस्तावों ने शेयर बाजार में हलचल मचा दी है। इस नए कदम के तहत, केंद्रीय बैंक ने एनबीएफसी को 'रिवॉल्विंग क्रेडिट' सुविधाएं देने पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। इस खबर के सामने आते ही देश की दिग्गज एनबीएफसी कंपनी बजाज फाइनेंस और उसकी पैरेंट कंपनी बजाज फिनसर्व के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंताएं अचानक बढ़ गई हैं।

फ्लेक्सी लोन और बिजनेस मॉडल पर क्या पड़ेगा असर?

बजट और वित्तीय बाजार विश्लेषकों के अनुसार, बजाज फाइनेंस के कारोबार में 'फ्लैक्सी लोन' और रीवॉल्विंग क्रेडिट उत्पादों की बड़ी भूमिका रही है। आरबीआई के इस नए ड्राफ्ट नियम के अनुसार, यदि इसे अंतिम रूप दिया जाता है तो एनबीएफसी केवल टर्म लोन ही दे सकेंगी और वे ग्राहकों को बार-बार पैसे निकालने की रीवॉल्विंग सुविधा नहीं दे पाएंगी। इस सख्त रुख से कंपनियों की लोन ग्रोथ और मार्जिन पर दबाव आ सकता है, जिसके चलते इंट्राडे कारोबार में दोनों कंपनियों के शेयरों में 4 से 6 प्रतिशत तक की जोरदार गिरावट दर्ज की गई।

आगे क्या है निवेशकों के लिए खास संदेश?

फिलहाल यह प्रस्ताव एक ड्राफ्ट के रूप में सामने आया है और इस पर उद्योग जगत से 28 अगस्त 2026 तक प्रतिक्रियाएं और सुझाव मांगे गए हैं। अंतिम दिशा-निर्देश जारी होने से पहले बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना रहना स्वाभाविक है। हालांकि, जिन एनबीएफसी के पास क्रेडिट कार्ड जारी करने का आधिकारिक लाइसेंस है, उन्हें इस पाबंदी से छूट दी गई है। बाजार के जानकारों का मानना है कि निवेशकों को घबराने के बजाय पूरी स्थिति और कंपनी की रणनीतिक प्रतिक्रिया पर नजर रखनी चाहिए।