मोदी कैबिनेट की अहम बैठक खत्म, क्या केंद्रीय कर्मचारियों के DA बढ़ोतरी पर लगी मुहर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक को लेकर सरकारी गलियारों और कर्मचारियों के बीच भारी उत्सुकता देखने को मिली। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए देश भर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि क्या सरकार इस बैठक में बहुप्रतीक्षित महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का औपचारिक ऐलान करेगी। हालांकि, आज संपन्न हुई कैबिनेट बैठक के एजेंडे में बुनियादी ढांचे, कल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, लेकिन महंगाई भत्ते में संशोधन को लेकर फिलहाल आधिकारिक घोषणा को टाल दिया गया है। इसके चलते कर्मचारियों और पेंशनर्स को डीए बढ़ोतरी के लिए आगामी कैबिनेट बैठक का थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।
क्या हुआ कैबिनेट बैठक में और डीए पर क्यों टला फैसला?
आज की कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय स्तर की रणनीतिक परियोजनाओं, विनिर्माण प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रमुख प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई और उन पर मुहर लगाई गई। प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि केंद्र सरकार आमतौर पर अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही आंकड़ों के पूर्ण वित्तीय मूल्यांकन और संबंधित मंत्रालयों की सिफारिशों की अंतिम फाइलिंग के बाद ही डीए बढ़ोतरी का ऐलान करती है। त्योहारों से ठीक पहले बोनस और डीए का संयुक्त वित्तीय पैकेज घोषित करने की केंद्र सरकार की पुरानी परंपरा रही है, ताकि त्योहारी मांग और लिक्विडिटी को सीधा बढ़ावा मिल सके। यही वजह है कि वित्त मंत्रालय द्वारा तैयार किए जा रहे अंतिम ड्राफ्ट को अगली कैबिनेट बैठक में रखे जाने की प्रबल संभावना है।
3 फीसदी तक डीए बढ़ोतरी की उम्मीद और गणित
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के लेबर ब्यूरो द्वारा जारी औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के पिछले छह महीनों के आंकड़ों पर गौर करें, तो मुद्रास्फीति के दबाव के आधार पर इस बार महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। वर्तमान व्यवस्था में 7वें वेतन आयोग के स्वीकृत फॉर्मूले के अनुसार हर छह महीने में डीए की समीक्षा की जाती है। यदि सरकार 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर अंतिम मुहर लगाती है, तो कर्मचारियों और पेंशनर्स के कुल भत्ते में उल्लेखनीय इजाफा दर्ज होगा। यह बढ़ोतरी खुदरा बाजार में बढ़ती महंगाई, खाद्य वस्तुओं के दामों और दैनिक जीवन यापन की लागत के प्रभाव को संतुलित करने के उद्देश्य से की जाती है।
1 जुलाई से लागू होगा फैसला, साथ मिलेगा एरियर
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि जब भी कैबिनेट इस प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाएगी, यह संशोधन 1 जुलाई से ही प्रभावी माना जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि निर्णय की तारीख चाहे जो भी हो, कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने का बकाया एरियर (Arrears) उनके मूल वेतन के साथ जोड़कर एकमुश्त दिया जाएगा। त्योहारी सीजन से ठीक पहले बैंक खातों में तीन महीने का एरियर और बढ़ा हुआ वेतन आने से कर्मचारियों की क्रय शक्ति में भारी उछाल आएगा, जो बाजारों में रिटेल मांग को भी तेज रफ्तार देगा।
एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों और पेंशनर्स पर सीधा असर
इस फैसले का इंतजार सिर्फ कार्यरत कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि देश के वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मियों को भी है। डीए और डीआर में होने वाले इस संशोधन का सीधा लाभ लगभग 49 लाख से अधिक केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और 68 लाख से ज्यादा पेंशनभोगियों को मिलेगा। रेलवे, डाक विभाग, रक्षा सिविलियन कर्मियों, केंद्रीय पुलिस बलों और सभी केंद्रीय मंत्रालयों के कर्मचारियों का वेतन इस फैसले से सीधे प्रभावित होगा। इसके साथ ही केंद्र सरकार के फैसले का अनुसरण करते हुए देश के विभिन्न राज्य सरकारें भी अपने कर्मियों के लिए महंगाई भत्ते में समान अनुपात में वृद्धि की घोषणा करती हैं।
न्यूनतम और अधिकतम वेतन पर कितना पड़ेगा फर्क?
वेतन गणना के मैट्रिक्स को समझें तो जिन कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है, उनके मासिक वेतन में भत्ते की मद में लगभग ₹540 की सीधी मासिक वृद्धि देखने को मिलेगी, जबकि तीन महीने के एरियर को जोड़कर यह राशि ₹1,600 से अधिक बनेगी। वहीं, उच्च प्रशासनिक पदों पर कार्यरत अधिकारियों, जिनका बेसिक पे ₹50,000 से ₹1,50,000 या उससे अधिक है, उनके वेतन में मासिक रूप से ₹1,500 से लेकर ₹4,500 से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज होगी। यह नियमित समायोजन केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मुद्रास्फीति के मुकाबले एक स्थायी वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
अब कब तक आ सकता है अंतिम फैसला?
आधिकारिक सूत्रों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र सरकार दशहरा और दिवाली के बीच के समय में कर्मचारियों को यह सौगात देने की तैयारी में है। आगामी कुछ ही दिनों के भीतर होने वाली अगली कैबिनेट बैठक में वित्त मंत्रालय की इस फाइल को मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के तुरंत बाद व्यय विभाग (Department of Expenditure) द्वारा इसका औपचारिक कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) जारी कर दिया जाएगा, जिसके बाद अक्टूबर माह के वेतन के साथ ही बकाए एरियर का भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा।