मतदान के बीच थलपति विजय की पार्टी पर बड़ा आरोप, मतदाताओं को ₹6000 कैश और चांदी के सिक्के बांटने का दावा

मतदान के बीच थलपति विजय की पार्टी पर बड़ा आरोप, मतदाताओं को ₹6000 कैश और चांदी के सिक्के बांटने का दावा

तमिलनाडु में दो विधानसभा सीटों पर जारी उपचुनाव के बीच राज्य की सियासत में बड़ा बवंडर खड़ा हो गया है। अभिनेता से नेता बने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय यानी थलपति विजय की पार्टी 'तमिलगा वेत्री कझगम' (TVK) पर मतदाताओं को सीधे तौर पर प्रभावित करने के लिए भारी मात्रा में नकदी और उपहार बांटने के सनसनीखेज आरोप लगे हैं। विपक्षी दलों का दावा है कि वोटिंग के दौरान और मतदान से ठीक पहले की रात टीवीके कार्यकर्ताओं ने मतदाताओं को रिझाने के लिए प्रति परिवार ₹6,000 नकद और शुद्ध चांदी के सिक्के बांटे हैं। इस आरोप के सामने आते ही चुनाव आयोग के उड़न दस्तों (Flying Squads) ने संबंधित क्षेत्रों में निगरानी कड़ी कर दी है।

मदुरंतकम और धारापुरम में 'कैश फॉर वोट' का खुला खेल?

आरोप मुख्य रूप से तमिलनाडु की दो हाई-प्रोफाइल उपचुनाव सीटों—मदुरंतकम और धारापुरम—से सामने आए हैं। यह दोनों सीटें हाल ही में अन्नाद्रमुक विधायकों के इस्तीफा देकर विजय की टीवीके में शामिल होने के बाद खाली हुई थीं। मुख्य विपक्षी दलों द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के स्थानीय नेताओं ने आरोप लगाया कि टीवीके के कार्यकर्ताओं ने खुफिया तरीके से मतदाताओं की सूचियां तैयार की थीं। इन सूचियों के आधार पर बस्तियों और कॉलोनियों में रात के अंधेरे में बंद लिफाफे पहुंचाए गए, जिनमें ₹6,000 नकद के साथ पार्टी के चिन्ह वाली या धार्मिक प्रतीकों से युक्त चांदी की गिन्नी शामिल थी। विपक्ष का दावा है कि इसका मकसद मतदाताओं को टीवीके के पक्ष में वोट डालने के लिए मजबूर करना था।

चुनाव आयोग से शिकायत और वीडियो वायरल होने का दावा

विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिला चुनाव अधिकारियों के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। सोशल मीडिया पर भी कई कथित वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें स्थानीय लोग पैसे और सिक्के मिलने का दावा करते नजर आ रहे हैं। अन्नाद्रमुक और द्रमुक के नेताओं ने संयुक्त रूप से चुनाव आयोग से मांग की है कि संबंधित इलाकों के पोलिंग बूथों की गहन जांच की जाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएं और इस अवांछित धन वितरण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। विपक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि चुनाव आयोग ने तत्काल निष्पक्ष कदम नहीं उठाए, तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

टीवीके ने आरोपों को बताया 'हताशा और साजिश'

दूसरी तरफ, थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। टीवीके नेतृत्व का कहना है कि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और आम जनता से मिल रहे अपार समर्थन से घबराकर पारंपरिक राजनीतिक दल इस तरह के मनगढ़ंत और झूठे आरोप लगा रहे हैं। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि थलपति विजय ने हमेशा शुचिता, भ्रष्टाचार मुक्त शासन और पारदर्शी राजनीति की वकालत की है। विरोधियों को अपनी निश्चित हार सामने दिख रही है, इसलिए वे फर्जी वीडियो और झूठी अफवाहें फैलाकर पार्टी की छवि को धूमिल करने की साजिश रच रहे हैं।

चुनाव आयोग के उड़न दस्ते अलर्ट, सुरक्षा बलों की गश्त तेज

मतदान के दौरान लगे इन गंभीर आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों और स्टेट स्टेटिक सर्विलांस टीमों (SST) को हाई अलर्ट पर रखा है। आयोग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उन्हें कुछ इलाकों से नकदी वितरण से संबंधित शिकायतें मिली हैं, जिनकी निष्पक्ष और त्वरित जांच की जा रही है। संदिग्ध वाहनों और संवेदनशील इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी तरह से मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित न हो।

थलपति विजय की राजनीतिक साख की पहली परीक्षा

तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन के बाद यह उपचुनाव थलपति विजय के राजनीतिक कद और सरकार के कामकाज की पहली सीधी परीक्षा माना जा रहा है। 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके अपने संख्या बल को और मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी है, जबकि विपक्षी दल किसी भी कीमत पर इन सीटों को जीतकर सरकार को बैकफुट पर धकेलना चाहते हैं। ऐसे में 'कैश और चांदी के सिक्के' बांटने का यह विवाद चुनाव के नतीजों से पहले राज्य के सियासी तापमान को रिकॉर्ड स्तर पर ले गया है।