₹90 का शेयर और ग्रे मार्केट में ₹85 का तगड़ा मुनाफा: 'क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस' के IPO पर टूटे निवेशक, 289 गुना लगी रिकॉर्ड बोली
भारतीय प्राथमिक शेयर बाजार (Primary Stock Market) में एसएमई (SME) सेगमेंट के आईपीओ को लेकर निवेशकों की दीवानगी एक नई ऊंचाई पर पहुंच चुकी है। साइबर फॉरेंसिक और लॉ-एनफोर्समेंट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी 'क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस' (Kwick Forensic Solutions) के आईपीओ पर निवेशकों ने अभूतपूर्व भरोसा जताते हुए जमकर बोलियां लगाई हैं। करीब 51 करोड़ रुपये के इस पब्लिक इश्यू को अंतिम दिन तक कुल 289 गुना से अधिक का बंपर सब्सक्रिप्शन मिला है। कंपनी ने अपने शेयर का इश्यू प्राइस ₹90 प्रति शेयर तय किया था, लेकिन ग्रे मार्केट में इस शेयर की मांग ने सारे अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर ₹85 के भारी प्रीमियम (GMP) पर कारोबार कर रहा है। इसका सीधा मतलब यह है कि जिन निवेशकों को यह शेयर अलॉट होगा, वे लिस्टिंग वाले दिन ही 94 प्रतिशत से अधिक के लिस्टिंग गेन (मुनाफे) की उम्मीद कर सकते हैं।
₹90 का शेयर और ₹85 का GMP: लिस्टिंग पर 94% से अधिक मुनाफे के संकेत
क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹85 से ₹90 प्रति शेयर तय किया गया था। ग्रे मार्केट के जानकारों के अनुसार, बोली बंद होने के बाद से ही शेयर के प्रीमियम में लगातार तेजी देखी जा रही है। वर्तमान में इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹85 के स्तर पर स्थिर बना हुआ है। यदि इश्यू प्राइस के अपर बैंड (₹90) में ₹85 का प्रीमियम जोड़कर देखा जाए, तो यह शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर ₹175 के आसपास लिस्ट हो सकता है।
एसएमई सेगमेंट के तहत इस आईपीओ में रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट साइज 1600 शेयरों का था, जबकि आम निवेशक अधिकतम 2 लॉट (यानी 3200 शेयर) के लिए ही बोली लगा सकते थे। इसके लिए रिटेल निवेशकों को कम से कम ₹2,88,000 की पूंजी लगानी पड़ी थी। ऐसे में यदि मौजूदा जीएमपी के अनुसार शेयर ₹175 पर लिस्ट होता है, तो एक सफल बोलीदाता को 3200 शेयरों पर लगभग ₹2.72 लाख रुपये तक का मोटा लिस्टिंग मुनाफा मिलने का सीधा अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि बाजार के दिग्गज यह भी याद दिलाते हैं कि ग्रे मार्केट केवल एक अनाधिकारिक संकेतक होता है और वास्तविक लिस्टिंग मार्केट के मूड और सेंटिमेंट पर निर्भर करती है।
289 गुना सब्सक्राइब हुआ आईपीओ: रिटेल और एनआईआई निवेशकों ने लगाई रिकॉर्ड बोली
कंपनी के इस 50.77 से 51 करोड़ रुपये के आईपीओ को हर श्रेणी के निवेशकों से भारी समर्थन मिला है। तीन दिनों की बिडिंग विंडो के दौरान संस्थागत निवेशकों से लेकर हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (NII) और रिटेल निवेशकों के बीच शेयर पाने के लिए जबरदस्त होड़ देखने को मिली।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पूरे पब्लिक इश्यू को कुल मिलाकर 289 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। इनमें सबसे ज्यादा आक्रामकता गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की ओर से दिखाई गई, जिनका आरक्षित कोटा 318.53 गुना भरा। वहीं आम व्यक्तिगत निवेशकों (Retail Investors) की कैटेगरी में 313.18 गुना बोलियां दर्ज की गईं। इसके अलावा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का कोटा भी 224.32 गुना सब्सक्राइब हुआ। छोटे साइज के एसएमई आईपीओ में 289 गुना की यह ओवर-सब्सक्रिप्शन दर दर्शाती है कि कंपनी के यूनीक बिजनेस मॉडल और भविष्य की विकास संभावनाओं को लेकर बाजार में कितना गहरा उत्साह है।
क्या करती है क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस? क्राइम सीन से साइबर फॉरेंसिक तक मजबूत बिजनेस मॉडल
क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस की स्थापना मार्च 2005 में 'क्विक सॉफ्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' के रूप में हुई थी। शुरुआत में कंपनी ने 3D रेंडरिंग, एनिमेशन, सिमुलेशन और कस्टम सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर फोकस किया था। लेकिन समय के साथ कंपनी ने अपने कोर बिजनेस का विस्तार आधुनिक फॉरेंसिक साइंस, डिजिटल फॉरेंसिक्स और इन्वेस्टिगेशन टेक्नोलॉजीज के क्षेत्र में कर लिया।
वित्त वर्ष 2015 से कंपनी एंड-टू-एंड फॉरेंसिक प्रोडक्ट्स, क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन टूल्स, डीएनए फॉरेंसिक्स, फिंगरप्रिंट साइंस, डिजिटल व साइबर फॉरेंसिक्स, सोशल मीडिया एनालिटिक्स और एविडेंस मैनेजमेंट सॉल्यूशंस मुहैया करा रही है। देश की विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies), पुलिस विभागों, जांच एजेंसियों और न्यायिक संस्थाओं को अत्याधुनिक डिजिटल टूल्स और तकनीकी ट्रेनिंग प्रदान करने में कंपनी एक प्रमुख खिलाड़ी बनकर उभरी है।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस आईपीओ से जुटाई गई ताजा पूंजी का बड़ा हिस्सा अपनी वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) की जरूरतों को पूरा करने, नए फॉरेंसिक टूल्स के अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों (General Corporate Purposes) में खर्च किया जाएगा, जिससे कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन में तेजी आने की उम्मीद है।
शेयरों का अलॉटमेंट और लिस्टिंग टाइमलाइन: ऐसे चेक करें अलॉटमेंट स्टेटस
पब्लिक इश्यू बंद होने के बाद निवेशकों की नजरें अब शेयरों के अलॉटमेंट और लिस्टिंग की तारीख पर टिकी हुई हैं। तय शेड्यूल के अनुसार, शेयरों के अलॉटमेंट की प्रक्रिया 1 सितंबर को पूरी की जा रही है। जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनके बैंक खातों में रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और डीमैट खातों में शेयरों का क्रेडिट कर दिया जाएगा। कंपनी के शेयर 2 से 3 सितंबर के दौरान एनएसई के एसएमई (NSE SME) प्लेटफॉर्म पर लिस्ट होने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
निवेशक अपना अलॉटमेंट स्टेटस आधिकारिक रजिस्ट्रार की वेबसाइट या नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के ई-आईपीओ पोर्टल पर जाकर आसानी से चेक कर सकते हैं:
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रजिस्ट्रार की आधिकारिक वेबसाइट के 'IPO Allotment Status' सेक्शन पर जाएं।
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ड्रॉपडाउन मेन्यू से 'Kwick Forensic Solutions IPO' का चयन करें।
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अपना पैन कार्ड नंबर (PAN Number), डीपी आईडी/क्लाइंट आईडी या एप्लिकेशन नंबर दर्ज करें।
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कैप्चा कोड भरकर 'Submit' पर क्लिक करें; स्क्रीन पर आपको अलॉट हुए शेयरों की संख्या दिखाई दे जाएगी।
SME IPO में भारी तेजी के बीच निवेशकों के लिए क्या है जानकारों की सलाह?
पिछले कुछ महीनों में भारतीय शेयर बाजार के एसएमई प्लेटफॉर्म्स पर लिस्ट होने वाले कई आईपीओ ने 100 से 200 प्रतिशत तक का मल्टीबैगर लिस्टिंग गेन दिया है। इसी भारी मुनाफे के आकर्षण में रिटेल निवेशक भारी संख्या में एसएमई आईपीओ की ओर आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि, सेबी (SEBI) और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि केवल ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) देखकर किसी भी आईपीओ में आंख मूंदकर निवेश करने से बचना चाहिए।
एसएमई सेगमेंट में शेयरों का लॉट साइज बड़ा होता है, जिसके चलते इसमें लिक्विडिटी का जोखिम और वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) मेनबोर्ड कंपनियों की तुलना में अधिक होती है। निवेशकों को कंपनी के बुनियादी वित्तीय आंकड़ों (Financial Fundamentals), प्रमोटर्स के ट्रैक रिकॉर्ड, कर्ज की स्थिति और सेक्टर की ग्रोथ संभावनाओं का गहराई से विश्लेषण करने के बाद ही अपनी पूंजी लगानी चाहिए। क्विक फॉरेंसिक सॉल्यूशंस का मजबूत सब्सक्रिप्शन और साइबर सिक्योरिटी व फॉरेंसिक सेक्टर की बढ़ती मांग इसके पक्ष में काम कर रही है, लेकिन लिस्टिंग के दिन बाजार के व्यापक सेंटिमेंट को देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।